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INDORE. भागीरथपुरा में गंदे पानी से अभी तक 23 मौतें हो चुकी है। इस मामले में हाईकोर्ट इंदौर द्वारा कई डायरेक्शन जारी किए गए। उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठन की भी बात हुई। अब शासन ने इसमें एससीएस सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में हाईलेवल कमेटी गठन का फैसला लिया है।
सीनियर आईएएस की कमेटी
इस कमेटी की अध्यक्षता जहां एसीएस सामान्य प्रशासन करेंगे, वहीं पीएचई प्रमुख सचिव पी नरहरि भी सदस्य है। वहीं नगरीय प्रशासन संचालनालय आयुक्त IAS संकेत भोंडवे इसमें सदस्य सचिव होंगे। महाधिवक्ता से विधिक सलाह के बाद यह कमेटी का गठन किया गया है।
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इसके पहले एसीएस की जांच, आईएस की कमेटी बनी थी
इसके पहले सीएम मोहन यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इंदौर में समीक्षा की थी। साथ ही एसीएस नगरीय प्रशासन संजय दुबे से एक तात्कालिक जांच कराई और रिपोर्ट ली थी। इसके आधार पर अपर आयुक्त आईएएस रोहित सिसोनिया और फिर निगमायुक्त दिलीप यादव को हटा दिया गया था।
साथ ही सीएम ने प्रारंभिक तौर पर इसमें अपर कलेक्टर आईएएस पवार नवजीवन विजय से भी जांच कराने का ट्वीट किया था। लेकिन इसके बाद जब मामला सीनियर आईएएस तक पहुंच गया। इस कमेटी का कोई मतलब नहीं रहा और अब नई हाईलेवल कमेटी का गठन हुआ है।
सीएस से मांगा जा रहा है जवाब
हाईकोर्ट में इस माामले में चार जनहित याचिकाएं लगी हुई है। इन सभी में हाईकोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में या फिर स्पेशल जांच कमेटी बनाने की मांग की जा रही है। साथ ही जिम्मेदारों पर आपराधिक केस की मांग हो रही है। सीएस अनुराग जैन से भी एक बार वीसी के जरिए जवाब मांगा गया है। फिर गंदे पानी की समस्या को लेकर उन्हें वीसी के जरिए बुलाया गया है।
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दिग्विजय सिंह भी कर रहे हैं न्यायिक जांच की मांग
उधर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी लगातार इस मामले में हमलावर है और न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही इसमें पब्लिक हियरिंग की बात उठा रहे हैं, जिससे सभी को पता चले कि जांच कैसे हो रही है।
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राहुल गांधी भी सरकार को घेर चुके
उधर लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी इस मामले में 17 जनवरी को इंदौर आकर पहले ही सरकार को घेर चुके हैं। साथ ही बात कह चुके हैं कि सरकार की जिम्मेदारी है और किसी की तो जिम्मेदारी तय हो। इन सभी दबाव के चलते यह फैसला लिया गया है।
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