भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की रिपोर्ट हाईकोर्ट में अभी नहीं आएगी, आयोग ने बढ़ाया समय

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की रिपोर्ट पांच मार्च को हाईकोर्ट में नहीं आएगी। हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने साक्ष्य, दस्तावेज पेश करने के लिए एक माह का समय और बढ़ा दिया है। ऐसे में अब प्रारंभिक रिपोर्ट मुश्किल है।

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Sanjay Gupta
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News in Short

  • हाईकोर्ट ने 27 जनवरी को भागीरथपुरा घटना की जांच के लिए कमीशन गठित किया था।
  • कमीशन को चार सप्ताह में प्रारंभिक रिपोर्ट देने का आदेश था, लेकिन समय सीमा बढ़ाई गई।
  • अब साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 1 अप्रैल निर्धारित की गई है।
  • आयोग ने नागरिकों और पीड़ित परिवारों से समय बढ़ाने की मांग को ध्यान में रखा।
  • 5 मार्च को सुनवाई में आयोग की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश नहीं होगी, नई तारीख तय की जाएगी।

News in Detail

INDORE. भागीरथपुरा घटना की जांच के लिए इंदौर हाईकोर्ट ने 27 जनवरी को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में जांच कमीशन गठित किया था। हाईकोर्ट ने साथ ही कहा था कि चार सप्ताह में आयोग की तरफ से प्रारंभिक रिपोर्ट दी जाएगी।

इसके बाद सुनवाई की अगली तारीख 5 मार्च तय की गई। कमीशन ने जांच के लिए साक्ष्य, दस्तावेज पेश करने के लिए सूचना जारी कर 28 फरवरी तक का समय दिया था। लेकिन अब आयोग दो मार्च को सूचना जारी कर साक्ष्य, दस्तावेज पेश करने के लिए समय सीमा एक माह आगे बढ़ाते हुए एक अप्रैल तय कर दी है।

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आयोग ने यह जारी की सूचना

आयोग द्वारा सूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में जल-प्रदूषण एवं उससे उत्पन्न जन-स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं की जांच आयोग द्वारा की जा रही है। आयोग के सामने जन-सामान्य से 28 फरवरी 2026 तक साक्ष्य/दस्तावेज/शपथ-पत्र/प्रतिवेदन आमंत्रित किए गए थे। विभिन्न नागरिकों/पीड़ित परिवारों/संस्थाओं ने समय बढ़ाने की मांग की थी। इसे देखते हुए समयसीमा एक अप्रैल की जाती है। जांच आयोग के कार्यालय का पता स्कीम-140 आरसीएम-10 फर्स्ट फ्लोर आनंद वन इंदौर है।

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हाईकोर्ट ने 27 जनवरी को दिए थे आदेश

हाईकोर्ट ने 27 जनवरी को आठ पेज के आदेश में जांच कमीशन का गठन किया था। इसमें कमीशन को कई अहम बिंदुओं पर रिपोर्ट देना है। इसमें जल प्रदूषित कैसे हुआ, क्या सीवरेज समस्या, इडंस्ट्रियल वेस्ट मिला या अन्य कारण था। इस घटना में मौत का कारण क्या रहा।

मौतों की संख्या संख्या क्या है। मुआवजा राशि क्या होना चाहिए। साथ ही हाईकोर्ट ने आयोग को कई अधिकार भी दिए। साथ ही चार सप्ताह में प्रारंभिक रिपोर्ट मांगते हुए 5 मार्च को सुनवाई की तारीख तय की गई। हालांकि अब आयोग ने जब समय बढ़ा दिया है तो तय है कि हाईकोर्ट में होने वाली पांच मार्च की सुनवाई में अगली तारीख ली जाएगी और प्रारंभिक रिपोर्ट आना संभव नहीं होगा।

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