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News In Short
- इंदौर के भागीरथपुरा में जन्मदिन की पार्टी के बाद 35 लोग बीमार पड़ गए।
- मेहमानों ने पार्टी में दाल, बाफले और लड्डू खाए थे, जिसके बाद संक्रमण फैला।
- फूड विभाग ने खाने और नगर निगम ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
- अस्पताल में भर्ती 10 मरीजों की स्थिति अब खतरे से बाहर और स्थिर है।
- दूषित पानी के बाद अब फूड पॉइजनिंग ने शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
News In Detail
Indore. स्वच्छता के शिखर पर रहने वाला इंदौर इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य संकट के घेरे में है। पहले दूषित पानी से हुई मौतों ने शहर को दहलाया और अब फूड पॉइजनिंग के एक बड़े मामले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अभी पानी का मुद्दा शांत भी नहीं हुआ था कि एक जन्मदिन की पार्टी की खुशियां मातम जैसी स्थिति में बदल गईं। जहरीले खाने की चपेट में आने से करीब 35 लोग एक साथ अस्पताल पहुंच गए हैं, जिससे शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जन्मदिन की दावत पड़ी भारी
भागीरथपुरा इलाके के रहने वाले आकाश मुक्शिया ने अपने बेटे के जन्मदिन पर एक शानदार पार्टी दी थी। इस जश्न में उन्होंने अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को आमंत्रित किया था। मेहमानों को बड़े चाव से इंदौर का मशहूर भोजन- दाल, बाफले और लड्डू परोसे गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह स्वादिष्ट खाना अगली सुबह मुसीबत लेकर आएगा। पार्टी के अगले दिन अचानक 30 से 35 लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फूड डिपार्टमेंट की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर फूड सैंपल एकत्रित किए। सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि नगर निगम ने पानी की शुद्धता की जांच के लिए भी सैंपल भेजे हैं। फिलहाल विभाग को लैब रिपोर्ट का इंतजार है ताकि यह साफ हो सके कि संक्रमण का असली कारण क्या था?
मरीजों की स्थिति में सुधार
जिला अस्पताल के डॉक्टर अरविंद घनघोरिया ने प्राथमिक जांच के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब किसी की भी जान को खतरा नहीं है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल 10 लोग भर्ती हैं जिनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उम्मीद है कि आज और कल में सभी को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
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