भिंड में नापतौल निरीक्षक को धमकी: शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, सिस्टम पर उठे सवाल

भिंड जिले में शासकीय नापतौल निरीक्षक को पेट्रोल पंप संचालक ने धमकी दी। शिकायत के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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Ramanand Tiwari
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BHOPAL. भिंड जिले में एक शासकीय नापतौल विभाग के निरीक्षक को पेट्रोल पंप संचालक ने कथित रूप से गाली-गलौज और देख लेने की धमकी दी। शिकायत थाने और कलेक्टर-एसपी तक पहुंची है, और ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इससे कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

भिंड के नापतौल निरीक्षक सौरभ शर्मा ने कलेक्टर को लिखित शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 9 फरवरी 2026 को दीनपुरा स्थित मै. यादव फिलिंग सेंटर के संचालक ने उन्हें फोन पर भद्दी गालियां दीं और धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, यह दबाव शासकीय प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से बनाया गया। निरीक्षक ने कहा कि पेट्रोल पंप पर निरीक्षण, सत्यापन और मुद्रांकन कार्य के दौरान उन्हें देख लेने की धमकी दी गई, जिससे उनकी और उनके स्टाफ की सुरक्षा पर खतरा है।

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शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोप

  • शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप।
  • लोक सेवक को फोन पर गाली-गलौज और धमकी।
  • कार्यस्थल पर आने पर देख लेने की चेतावनी। 
  • नियमों के पालन की शर्त पर मिली NOC का उल्लंघन। 
  • थाना सिटी कोतवाली भिंड में लिखित शिकायत, पर FIR दर्ज नहीं।

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NOC निरस्तीकरण की मांग क्यों?

पेट्रोल पंप संचालन के लिए दी जाने वाली NOC इस आधार पर होती है कि संचालक नियमों का पालन करेगा। शासकीय अधिकारियों के साथ सहयोग करेगा। यदि आरोप सही हैं, तो यह शासकीय कार्य में बाधा और प्रशासनिक अनुशासन की अवहेलना है। इसी आधार पर कलेक्टर से NOC तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में किसी अधिकारी के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।

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पुलिस की चुप्पी पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लिखित शिकायत और ऑडियो सबूत होने का दावा किया गया है, तो एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है? क्या पुलिस पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव है? या सिस्टम प्रभावशाली लोगों के सामने कमजोर पड़ रहा है? यह देरी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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प्रदेशभर में हड़ताल की चेतावनी

मध्यप्रदेश नापतौल अधिकारी कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी बयान दिया हैं। उन्होंने कहा है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो सोमवार को पूरे प्रदेश के नापतौल कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे कर्मचारी वर्ग की सुरक्षा और सम्मान का प्रश्न है।

कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह

यदि शासकीय निरीक्षक सुरक्षित नहीं है, तो नागरिक की सुरक्षा की क्या गारंटी? प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा रही है। सरकार के सुशासन के दावों के बीच यह घटना सिस्टम की साख पर सवाल है। अब निगाहें पुलिस और जिला प्रशासन पर हैं। क्या एफआईआर दर्ज होगी? क्या NOC पर कार्रवाई होगी? या मामला दबा दिया जाएगा? प्रदेश के कर्मचारी सोमवार का इंतजार कर रहे हैं। जनता जवाब चाहती है।

अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी पेट्रोल पंप नापतौल विभाग मध्यप्रदेश भिंड
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