एम्स भोपाल में पहली बार फेफड़ों की डीप क्लीनिंग, मौत के मुंह से लौटे दो मरीज

Anjali Dwivedi | Feb 03, 2026, 19:20 IST
Share
bhopal aiims lung cleansing whole lung lavage surgery
bhopal aiims lung cleansing whole lung lavage surgery

एम्स भोपाल में पहली बार होल लंग लैवेज तकनीक से फेफड़ों में जमा टार और धूल को निकाला गया। डॉक्टरों ने इस जटिल प्रक्रिया और Y-शेप्ड स्टेंट के जरिए दो गंभीर मरीजों को नई जिंदगी दी है।

News In Short

  • एम्स भोपाल में पहली बार फेफड़ों की सफाई कर मरीजों की जान बचाई।
  • स्टोन क्रशर में काम करने वाले मजदूर के फेफड़ों में धूल जम गई थी।
  • सांस की नली में ट्यूमर के बावजूद Y-शेप्ड स्टेंट डालकर फेफड़े चालू किए।
  • डॉ. अभिनव चौबे और डॉ. अल्केश खुराना ने इस जटिल सर्जरी को पूरा किया।
  • अब एमपी में ही लंग्स कैंसर जैसे रोगों का इलाज संभव हो सकेगा।

News In Detail

Bhopal: मध्य प्रदेश के एम्स भोपाल के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखी है। यहां के डॉक्टरों ने दो ऐसे मरीजों को नई जिंदगी दी है, जो लगभग अपनी अंतिम सांसें गिन रहे थे। एम्स की टीम ने उन जटिल प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, जो अब तक देश के बड़े और चुनिंदा अस्पतालों में ही मुमकिन थीं।

कैसे निकली फेफड़ों में जमी धूल

इस सफलता की सबसे पहली कहानी एक मजदूर की है, जो स्टोन क्रशर में काम करता था। लंबे समय तक पत्थर की धूल के संपर्क में रहने के कारण उसके फेफड़ों में धूल की मोटी परत जमा हो गई थी। इससे उसे पल्मोनरी एल्वियोलर प्रोटिनोसिस नामक गंभीर बीमारी हो गई। फेफड़ों की वायु थैलियां एक गाढ़े पदार्थ से भर चुकी थीं, जिससे ऑक्सीजन का आदान-प्रदान लगभग रुक गया था।

डॉ. अभिनव चौबे और डॉ. अल्केश खुराना की टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने होल लंग लैवेज तकनीक का सहारा लिया। इस प्रक्रिया में फेफड़ों की गहराई से सफाई की जाती है। सफाई के बाद मरीज के ऑक्सीजन लेवल में जादुई सुधार देखने को मिला और वह अब स्वस्थ है।

कैंसर मरीज को मिली राहत

दूसरी सफलता श्वसन मार्ग के कैंसर से जूझ रहे एक मरीज से जुड़ी है। ट्यूमर इस कदर बढ़ गया था कि उसने मुख्य सांस नली को ही ब्लॉक कर दिया था, जिसके कारण मरीज का एक फेफड़ा पूरी तरह निष्क्रिय (Inactive) हो गया था। डॉक्टरों ने पहले ब्रोंकोस्कोपिक डिबल्किंग के जरिए ट्यूमर को हटाया। इसके बाद, सांस लेने का रास्ता खुला रखने के लिए एक विशेष Y-शेप्ड मेटल स्टेंट डाला गया। इस सटीक प्रक्रिया के बाद मरीज का फेफड़ा फिर से काम करने लगा।

टीम वर्क और मध्य प्रदेश के लिए नई उम्मीद

इन दोनों जटिल ऑपरेशनों में एनेस्थीसिया और सीटीव्हीएस विभाग के डॉक्टरों का भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग रहा। एम्स भोपाल के इस सफल प्रयोग ने मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है। अब सिलिकोसिस और श्वसन मार्ग के कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

AIIMS Bhopal से जुड़ीये खबरें भी पढ़ें...

अब एम्स भोपाल में बिना चीर फाड़ के होगा PM, 30 मिनट में रिपोर्ट

सिर्फ 10 मिनट गायत्री मंत्र का जाप कर देगा BP नॉर्मल, एम्स भोपाल की रिसर्च में खुलासा

कैंसर मरीजों के लिए खुशखबरीः एम्स भोपाल लाया लीनियर एक्सेलेरेटर, मिलेगी मॉडर्न रेडियोथेरेपी

अब डॉक्टर नहीं रोबोट करेंगे सर्जरी! नहीं लगेगा एक भी रुपया, एम्स भोपाल में हुआ कमाल



Tags:
  • Bhopal
  • मध्य प्रदेश
  • AIIMS Bhopal
  • एम्स भोपाल
  • AIIMS
  • कैंसर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा