भोपाल कमिश्नर संस्कृति जैन को हाईकोर्ट से राहत, सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में मर्लिन बिल्डकॉन

भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को हाईकोर्ट से राहत मिली है। मर्लिन बिल्डकॉन अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहा है।

author-image
Neel Tiwari
New Update
Bhopal Commissioner Sanskriti Jain gets relief from High Court

Photograph: (the sootr)

News in short

  • भोपाल निगमायुक्त के खिलाफ अवमानना कार्यवाही पर रोक जारी रखी
  • सुप्रीम कोर्ट आदेश के उल्लंघन पर हाई कोर्ट को कंटेंप्ट का अधिकार नहीं
  • बिल्डर ने निगम की कार्रवाई को संविधान के विरुद्ध बताया
  • सिंगल बेंच में क्षतिपूर्ति सहित अन्य मांगों पर सुनवाई जारी रहेगी
  • मर्लिन बिल्डकॉन सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में

Intro 

भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को अवमानना मामले में हाईकोर्ट की डिविजनल बेंच से मिली अंतरिम राहत, आखिरकार अंतिम आदेश में भी बरकरार रही। 18 फरवरी की सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन पर हाई कोर्ट अवमानना कार्यवाही शुरू नहीं कर सकता। हालांकि बिल्डर मर्लिन बिल्डकॉन की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा हैं कि अब वह इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा।

News in detail

मर्लिन बिल्डकॉन और भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के मामले में बुधवार 18 फरवरी को सुनवाई हुई। यह मामला चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजनल बेंच में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ। बिल्डर मर्लिन बिल्डकॉन की ओर से दलील दी गई कि भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है और उनकी ध्वस्तीकरण संबंधी कार्रवाई संविधान के प्रावधानों के भी विपरीत है।

हालांकि डिविजनल बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि वह इस मामले को मेरिट पर नहीं सुन रही है। कोर्ट ने कहा कि यदि यह मान भी लिया जाए कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना हुई है, तब भी ऐसा कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है जो हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन पर अवमानना कार्यवाही शुरू करने का अधिकार देता हो।

अवहेलना पर संज्ञान नहीं ले सकता हाईकोर्ट

डिविजनल बेंच ने अपने आदेश में साफ किया कि हाई कोर्ट केवल अपने अथवा अधीनस्थ न्यायालयों के आदेशों के उल्लंघन के मामलों में ही अवमानना का संज्ञान ले सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर कार्यवाही का अधिकार खुद सुप्रीम कोर्ट के पास है।

इसी आधार पर डिविजनल बेंच ने 6 फरवरी 2026 को दी गई अंतरिम राहत को बरकरार रखते हुए फाइनल ऑर्डर में निगमायुक्त संस्कृति जैन के विरुद्ध सिंगल बेंच में अवमानना की कार्यवाही रोक जारी रखी। सुनवाई के दौरान ही बिल्डर की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना के मामले को वह सुप्रीम कोर्ट ही लेकर जाएंगे।

पूरा मामला क्या था?

यह विवाद मर्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नगर निगम भोपाल के विरुद्ध दायर याचिका से जुड़ा है। निगम का कहना था कि बिल्डर के निर्माण की अनुमति 7 नवंबर 2024 को निरस्त कर दी गई थी और 14 मई 2025 को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया गया था।

बिल्डर ने कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया, जिसे निगम ने लौटा दिया। इसके बाद 18 नवंबर 2025 को निगम ने संपत्ति के सामने के हिस्से (MOS) पर अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए बिल्डर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

सिंगल बेंच का आदेश और विवाद

पहले इस मामले की सुनवाई में सिंगल बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के ‘डायरेक्शन इन द मैटर ऑफ डिमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर्स (2025)’ के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का हवाला देते हुए निगमायुक्त को ‘कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट, 1971’ की धारा 2(b) के तहत दोषी ठहराया था और सजा तय करने के लिए व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए निगमायुक्त और सिटी प्लानर ने डिविजनल बेंच में अपील दायर की थी, जिस पर अब राहत जारी है।

अब सुप्रीम कोर्ट में अगली जंग?

18 फरवरी की सुनवाई के दौरान बिल्डर की ओर से यह भी कहा गया कि अब वह इस अवमानना मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा। ऐसे में जहां एक ओर हाईकोर्ट से निगमायुक्त को बड़ी राहत मिल चुकी है, वहीं सुप्रीम कोर्ट में संभावित चुनौती उनके लिए नई कानूनी परीक्षा साबित हो सकती है।

हालांकि सिंगल बेंच में बिल्डर द्वारा दायर मूल याचिका, जिसमें क्षतिपूर्ति सहित अन्य मांगें की गई हैं, उस पर सुनवाई जारी रहेगी। आने वाले दिनों में यह मामला न्यायिक अधिकार-सीमा और प्रशासनिक जवाबदेही के बड़े सवालों को और स्पष्ट कर सकता है।

यह खबरें भी पढ़ें..

भाजपा का मिशन प्रशिक्षण: भोपाल से शुरू होगा संगठन को धार देने का अभियान

MP में पेड़ कटाई अब पड़ सकती है भारी, बिना अनुमति कटाई यानी कोर्ट की अवमानना

पार्षद कमलेश कालरा का फर्जी जाति सर्टिफिकेट मामले में जवाब, हाईकोर्ट में होगी फाइनल सुनवाई

डॉ हेमलता के जमीन मामले में प्रशासन का एक्शन, निगम ने कब्जे में लेने की शुरू की कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट भोपाल नगर निगम हाईकोर्ट अवमानना भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन
Advertisment