इंदौर के बाद अब भोपाल में पानी के सैंपल फेल, मिला 20 मौंतो वाला बैक्टीरिया!

इंदौर में मौतों का काल बना फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के जैसा ई-कोलाई बैक्टीरिया भोपाल में भी पाया गया। खानू गांव, आदमपुर छावनी और बाजपेई नगर में ये बैक्टीरिया मिला। इंदौर में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

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Aman Vaishnav
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5 पॉइंट में समझें खबर से मायने...

  • इंदौर में मौतों का काल बना फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के जैसा बैक्टीरिया भोपाल में भी पाया गया।
  • खानू गांव, आदमपुर छावनी और बाजपेई नगर में मिला बैक्टीरिया।
  • इंदौर में इसी बैक्टीरिया से 20 लोगों की मौत हुई थी।
  • नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में नलकूप और कुएं बंद कराए।
  • ई-कोलाई के कारण किडनी फेलियर और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा होता है।

इंदौर में मौतों का कारण बना फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के जैसा ई-कोलाई बैक्टीरिया अब भोपाल में पाया गया है। नगर निगम की जांच में खानू गांव, आदमपुर छावनी और बाजपेई नगर के पानी के सैंपल फेल हुए हैं। 

प्रशासन ने इन इलाकों में भूगर्भ जल (पानी जो जमीन के नीचे होता है) के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। शहर में गंदे पानी की बढ़ती शिकायतों के बीच यह खुलासा हुआ है। पूरा मामला जानने के लिए खबर आखिरी तक पढ़ें।

तीन इलाकों के सैंपल हुए फेल

नगर निगम पिछले एक हफ्ते से पानी की जांच कर रहा है। मंगलवार, 6 जनवरी को शहर से करीब 250 सैंपल लिए गए थे। इनमें से आदमपुर छावनी के दो सैंपल फेल पाए गए। खानू गांव के कुएं और बाजपेई नगर के नलकूप में भी बैक्टीरिया मिला। इन इलाकों के रहवासियों में अब दहशत का माहौल है।

खतरनाक है ई-कोलाई बैक्टीरिया

ई-कोलाई इंसानों और जानवरों की आंतों में रहने वाला बैक्टीरिया है। इसके कुछ प्रकार बहुत घातक और बीमारी फैलाने वाले होते हैं। पानी में इसकी मौजूदगी का अर्थ मल या गंदगी का प्रदूषण है। यह बैक्टीरिया पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार का कारण बनता है। यह बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए जानलेवा है।

ग्राउंड वाटर के इस्तेमाल पर रोक

नगर निगम ने भूगर्भ जल का इस्तेमाल तुरंत बंद करने को कहा है। जिन नलकूपों में प्रदूषण मिला है, उन्हें सील कर दिया गया है। रहवासियों को सलाह दी गई है कि वे रोजमर्रा के कामों में भी यह पानी न बरतें। निगम अधिकारियों के मुताबिक खानू गांव का दूषित नलकूप पहले से उपयोग में नहीं था। फिर भी बचाव के तौर पर इसे बंद करवाया गया है।

नगर निगम का बदला दावा

कल तक निगम का दावा था कि कोई सैंपल फेल नहीं हुआ। मंगलवार को 1453 सैंपल्स की क्लीन रिपोर्ट पेश की गई थी। अब चार सैंपल फेल होने पर निगम ने नई सफाई दी है। निगम का कहना है कि यह सप्लाई का नहीं बल्कि ग्राउंड वाटर है। शहर में गंदे पानी की हर घंटे दो शिकायतें मिल रही हैं।

बचाव के लिए कड़े दिशा-निर्देश

निगम ने गुरुवार से वैकल्पिक पानी आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से पानी उबालकर पीने की अपील की गई है। हाथों की सफाई रखने और खुले जल स्रोतों से दूर रहने को कहा गया है। प्रशासन स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी रखने की बात कह रहा है।

निष्कर्ष- इस खबर का निष्कर्ष यह है कि भोपाल के भूगर्भ जल में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर दी है। नगर निगम की जांच में खानू गांव, आदमपुर और बाजपेई नगर के सैंपल्स फेल होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ग्राउंड वाटर प्रदूषण के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

प्रशासन ने बचाव के तौर पर दूषित स्रोतों को बंद कर वैकल्पिक आपूर्ति की तैयारी शुरू कर दी है। ताकि इंदौर जैसी जानलेवा स्थिति से बचा जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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