भोपाल में फिर मेगा रीडेवलपमेंट की तैयारी, 500 एकड़ में बनेगी टॉर्टाइज सिटी, 23 मंजिला होंगी इमारतें

Aman Vaishnav | Oct 23, 2026, 09:16 IST
Share
भोपाल के शिवाजी नगर, तुलसी नगर, चार इमली और 74 बंगले को मिलाकर 'टॉर्टाइज सिटी' बनाने का नया मास्टर प्लान तैयार हुआ है। 500 एकड़ में फैले इस इलाके में 23 मंजिला इमारतें बनेंगी और 70% हिस्सा खुला रहेगा।
भोपाल के शिवाजी नगर, तुलसी नगर, चार इमली और 74 बंगले को मिलाकर 'टॉर्टाइज सिटी' बनाने का नया मास्टर प्लान तैयार हुआ है। 500 एकड़ में फैले इस इलाके में 23 मंजिला इमारतें बनेंगी और 70% हिस्सा खुला रहेगा।

भोपाल के शिवाजी नगर, तुलसी नगर, चार इमली और 74 बंगले के सरकारी मकानों को तोड़कर नया रीडेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इस पूरे 500 एकड़ इलाके को कछुए के आकार में विकसित किया जाएगा। इसे टॉर्टाइज सिटी नाम दिया गया है। नए प्लान में 75 मीटर यानी करीब 23 मंजिल तक ऊंची इमारतें बनेंगी और सिर्फ 30% जमीन पर ही निर्माण काम होगा।

यूरोप के शहरों जैसी हरियाली में टॉर्टाइज सिटी

हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन ओम जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री की सोच के मुताबिक भोपाल को यूरोप के बड़े शहरों की तर्ज पर ढालने की कोशिश है। इसका मकसद ऐसा माहौल बनाना है जहां लोग घनी हरियाली के बीच आधुनिक सुविधाओं के साथ रह सकें।

इस प्लान में जमीन का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए हाईराइज बिल्डिंग्स बनाई जाएंगी। करीब 500 एकड़ में फैले इस पूरे क्षेत्र में से केवल 30 प्रतिशत हिस्से पर ही कंक्रीट का निर्माण होगा। बाकी 70 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह खुला रहेगा। इसमें बड़े-बड़े पार्क, पेड़-पौधों से भरी सड़कें और पैदल चलने के लिए रास्ते बनाए जाएंगे।

इलाके में फिलहाल लगभग 40 हजार पेड़ मौजूद हैं। प्रशासन की कोशिश रहेगी कि इन पेड़ों को कम से कम नुकसान पहुंचे। ज्यादा से ज्यादा हरियाली को सुरक्षित रखा जा सके।

क्या है कूर्म मंडल का कॉन्सेप्ट?

हिंदू मान्यताओं में भगवान विष्णु के दूसरे अवतार कूर्म यानी कछुए को मजबूती, स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। इसी विचार पर इस पूरे इलाके का नक्शा तैयार किया गया है।

  • कछुए का सिर: यह हिस्सा शासन, नेतृत्व और प्रशासनिक कामकाज का प्रतीक रहेगा।
  • कछुए का पीठ (कवच): इस मुख्य हिस्से में लोगों के रहने के लिए 23 मंजिला आवासीय इमारतें बनाई जाएंगी।
  • बीच का हिस्सा: बीचों-बीच एक विशाल सेंट्रल पार्क तैयार किया जाएगा।
  • बाकी हिस्से: अन्य जगहों पर बाजार, दुकानें और रोजमर्रा की जरूरी सुविधाएं विकसित होंगी।
भोपाल मास्टर प्लान 2047: 66 गांवों के किसानों की जमीन पर भू-उपयोग प्रतिबंधों से विवाद गहराया | Bhopal Master Plan 2047: Dispute Deepens Over Land Use Restrictions on Farmland in 66 Villages
भोपाल मास्टर प्लान 2047 पर विवाद, 66 गांवों के किसानों की जमीन के इस्तेमाल पर उठे सवाल
22 Oct 2026 ,
By Ramanand Tiwari
भोपाल मास्टर प्लान 2047 में जमीन के जमीन के उपयोग को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के विस्तार और बड़े तालाब के संरक्षण की प्रस्तावित व्यवस्था से किसान चिंतित हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग सकते हैं। इससे जमीन के मालिकाना अधिकार और उसके भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
भोपाल मास्टर प्लान 2047 में जमीन के जमीन के उपयोग को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के विस्तार और बड़े तालाब के संरक्षण की प्रस्तावित व्यवस्था से किसान चिंतित हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग सकते हैं। इससे जमीन के मालिकाना अधिकार और उसके भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

हर सुविधा मिलेगी वॉकिंग डिस्टेंस पर

यह पूरी योजना ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD - Transit Oriented Development) मॉडल पर आधारित है। इसका सीधा मतलब यह है कि लोगों को स्कूल, अस्पताल या बाजार जाने के लिए लंबी गाड़ियां चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सब कुछ पैदल दूरी पर ही मिल जाएगा।

इसके साथ ही लिंक रोड नंबर 1, 2 और 3 के किनारे-किनारे ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इलाके में पैदल रास्तों और साइकिल ट्रैक के साथ-साथ मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों की कनेक्टिविटी जोड़ी जाएगी। पानी के प्राकृतिक बहाव और ढलान को ध्यान में रखते हुए छोटे तालाब और पोखर भी बनाए जाएंगे। मौजूदा स्कूल, अस्पताल और नगर निगम मुख्यालय जैसे प्रमुख ढांचों को बिना नुकसान पहुंचाए आसपास का विकास किया जाएगा।

कहां कितने सरकारी मकान?

इस रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में चारों प्रमुख इलाकों के सरकारी क्वार्टरों को शामिल किया गया है।

  • तुलसी नगर क्षेत्र से कुल 2 हजार 360 सरकारी मकान बदले जाएंगे।
  • शिवाजी नगर इलाके के 1,556 मकान इसमें शामिल हैं।
  • चार इमली के 547 बंगले और क्वार्टर इसमें आएंगे।
  • 74 बंगले इलाके के 74 सरकारी बंगलों को री-डेवलप किया जाएगा।
  • इस तरह कुल मिलाकर 4,537 सरकारी मकानों की जगह नई इमारतें बनेंगी।

पिछले 9 साल से चल रही कोशिश

भोपाल के इस प्राइम लोकेशन को बदलने की कोशिशें पिछले 9 सालों से चल रही हैं। हर बार किसी न किसी वजह से काम अटक जाता है।

  • 2017 का स्मार्ट सिटी विवाद: शिवाजी नगर और तुलसी नगर को स्मार्ट सिटी के एबीडी एरिया में शामिल करके बसाने का प्लान था। स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध की वजह से इसे रद्द करना पड़ा था।
  • 2022 में चार इमली प्रोजेक्ट अटका: चार इमली के 178 बंगले तोड़कर 20 बहुमंजिला इमारतों में 218 फ्लैट और 3 हेक्टेयर में प्लॉट बेचने का प्रस्ताव बना था। तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की समिति ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते इस पर रोक लगा दी थी।
  • 2024 में पेड़ों की कटाई पर हंगामा: शिवाजी नगर और तुलसी नगर में मंत्रियों के नए बंगले बनाने की योजना के दौरान 29 हजार पेड़ काटे जाने का खुलासा हुआ था। भारी जनविरोध के बाद सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े थे।
अब 12 जून को अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता वाली बैठक में आए 16 अहम सुझावों के आधार पर यह नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है। आगामी 26 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति (Authorized Committee) के सामने इस प्रस्ताव को रखा जाएगा, जिसके बाद इसके तीन चरणों (Three Phases) में विकास की विस्तृत योजना बनाई जाएगी।

MP में सरकारी खरीदी की हाईलेवल जांच: मंत्री बोलीं- गड़बड़ी मिली तो जिम्मेदार होंगे कार्रवाई के भागी | High-level investigation into government procurement in MP: Minister says - if irregularities are found, those responsible will be held accountable
एमपी के नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी की हाईलेवल जांच, मंत्री प्रतिमा बागरी बोलीं- गड़बड़ी मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
22 Oct 2026 ,
By Sumit Kumar
मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी की उच्चस्तरीय जांच होगी। नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सामान की कीमतों में अंतर की जांच होगी। दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में विभागीय बैठक का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें सरकारी खरीदी से जुड़ी कई गड़बड़ियों की आशंका जताई गई थी।
मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी की उच्चस्तरीय जांच होगी। नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सामान की कीमतों में अंतर की जांच होगी। दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में विभागीय बैठक का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें सरकारी खरीदी से जुड़ी कई गड़बड़ियों की आशंका जताई गई थी।
Tags:
  • टॉर्टाइज सिटी
  • ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट
  • Transit Oriented Development
  • इलेक्ट्रिक बस
  • तुलसी नगर
  • शिवाजी नगर
  • चार इमली
  • मुख्य सचिव संजय दुबे
एमपी के 18 DSP को मिली नई जिम्मेदारी, साइबर से CID तक बदला जिम्मा, पुलिस मुख्यालय में हलचल

By Sourabh Bhatnagar

एमपी के 18 DSP को मिली नई जिम्मेदारी, साइबर से CID तक बदला जिम्मा, पुलिस मुख्यालय में हलचल
सीएम मोहन यादव का दौरा: भोपाल में मत्स्य पालन सम्मेलन और इंदौर में सेमीकंडक्टर समिट में होंगे शामिल

By Aman Vaishnav

सीएम मोहन यादव का दौरा: भोपाल में मत्स्य पालन सम्मेलन और इंदौर में सेमीकंडक्टर समिट में होंगे शामिल
ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: मृतकों के परिजनों को मिलेगी नौकरी,आउटसोर्सिंग पर रखेगा नगर निगम

By Aman Vaishnav

ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: मृतकों के परिजनों को मिलेगी नौकरी,आउटसोर्सिंग पर रखेगा नगर निगम
2028 चुनाव से पहले MP भाजपा की तैयारी: भोपाल में नया मुख्यालय, 23 जिलों में बनेंगे पार्टी कार्यालय

By Ramanand Tiwari

2028 चुनाव से पहले MP भाजपा की तैयारी: भोपाल में नया मुख्यालय, 23 जिलों में बनेंगे पार्टी कार्यालय
मोदी मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ा मध्यप्रदेश राज्यसभा उपचुनाव, दिल्ली से आएगा उम्मीदवार, प्रदेश के दिग्गजों की उम्मीदें कमजोर!

By Ramanand Tiwari

मोदी मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ा मध्यप्रदेश राज्यसभा उपचुनाव, दिल्ली से आएगा उम्मीदवार, प्रदेश के दिग्गजों की उम्मीदें कमजोर!
MP के नगरीय निकायों में किसी ने पत्नी के नाम की खरीदी, तो किसी ने लिया घटिया सामान, पुराने मामलों में क्या हुई कार्रवाई?

By Sumit Kumar

MP के नगरीय निकायों में किसी ने पत्नी के नाम की खरीदी, तो किसी ने लिया घटिया सामान, पुराने मामलों में क्या हुई कार्रवाई?
नवा रायपुर में लगेगी छत्तीसगढ़ की पहली इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, 3,500 लोगों को मिलेगा रोजगार

By The Sootr

नवा रायपुर में लगेगी छत्तीसगढ़ की पहली इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, 3,500 लोगों को मिलेगा रोजगार