भोपाल नर्सिंग कॉलेज मान्यता घोटाला : NSUI की शिकायत पर क्राइम ब्रांच करेगी जांच
Ramanand Tiwari | Oct 27, 2025, 22:56 IST
Photograph: (THESOOTR)
भोपाल में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता घोटाले को लेकर नई जांच शुरू हो गई है। NSUI की शिकायत पर साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और फर्जी दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है। इसमें कई कॉलेजों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
BHOPAL. राजधानी भोपाल में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़ा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। राज्य साइबर सेल के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने उन कॉलेजों की गहन जांच शुरू कर दी है, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से मान्यता प्राप्त की थी।
यह कार्रवाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत के बाद शुरू हुई है। शिकायत में कई प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों पर फर्जी दस्तावेज और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
NSUI के अनुसार, कई निजी नर्सिंग कॉलेज खासकर एनआरआई नर्सिंग कॉलेज, भोपाल ने सत्र 2025–26 की मान्यता पाने के लिए फर्जी फैकल्टी लिस्ट और दस्तावेज जमा किए।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कॉलेजों में जिन लोगों को शिक्षक या प्राचार्य दिखाया गया है। वास्तविकता में ये सभी विदेश में रहते हैं, लेकिन कागजों पर सक्रिय फैकल्टी के रूप में दर्ज हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
जीतू पटवारी बोले- मैं तो लड़ाई के लिए तैयार हूं, अब किसान भी थोड़ा कांग्रेसी हो जाओ
रवि परमार ने बताया कि उन्होंनेभोपाल नर्सिंग कॉलेज की जांचमामले मेंक्राइम ब्रांच को ठोस सबूत सौंपे हैं। इनमें कॉलेजों के ऑनलाइन आवेदन, फर्जी मोबाइल नंबरों और ईमेल आईडी के प्रमाण शामिल हैं। NSUI ने मांग की है कि इन सभी दस्तावेजों की साइबर फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
राज्य साइबर सेल ने क्राइम ब्रांच को आदेश दिया है कि मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) के पोर्टल पर जमा सभी आवेदनों की तकनीकी जांच की जाए। इसमें ईमेल, मोबाइल नंबर और डिजिटल दस्तावेजों का विश्लेषण किया जाएगा ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं से डेटा मैनिपुलेशन या फर्जीवाड़ा तो नहीं हुआ है।
ये खबरें भी पढ़ें...
गुना में किसान की हत्या करने वाला बीजेपी नेता महेंद्र नागर एमपी की बिजली कराता था राजस्थान में सप्लाई
मप्र : निजी वाहन मालिकों पर 2500 करोड़ बकाया, फिर भी परिवहन विभाग की रफ्तार पहली गियर में
यह पूरा प्रकरण पिछले साल सामने आए एमपी नर्सिंग कॉलेज घोटाला से जुड़ा बताया जा रहा है। तब CBI ने प्रदेश के 72 कॉलेजों को अनफिट घोषित किया था, लेकिन बाद में इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) ने इनमें से कुछ को दोबारा मान्यता दे दी थी।
इसी क्रम में भोपाल के 29 नर्सिंग कॉलेजों को जनवरी 2025 में मान्यता मिली थी। अब NSUI ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में देरी, गड़बड़ी और राजनीतिक दबाव की भूमिका रही है।
ये खबर भी पढ़ें...
इंदौर में अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब का सीएम मोहन ने किया लोकार्पण, बोले- अब शुद्धता ही पहचान होगी
नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता को लेकर उठे इस नए विवाद ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब यह देखना होगा कि साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की जांच के बाद किन कॉलेजों पर कार्रवाई होती है और क्या यह नया खुलासा पुराने घोटाले की कड़ियों को जोड़ पाएगा।
यह कार्रवाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत के बाद शुरू हुई है। शिकायत में कई प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों पर फर्जी दस्तावेज और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
फर्जी दस्तावेजों से मान्यता का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कॉलेजों में जिन लोगों को शिक्षक या प्राचार्य दिखाया गया है। वास्तविकता में ये सभी विदेश में रहते हैं, लेकिन कागजों पर सक्रिय फैकल्टी के रूप में दर्ज हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
जीतू पटवारी बोले- मैं तो लड़ाई के लिए तैयार हूं, अब किसान भी थोड़ा कांग्रेसी हो जाओ
NSUI ने दिए ठोस सबूत
साइबर सेल ने दिए फॉरेंसिक जांच के निर्देश
ये खबरें भी पढ़ें...
गुना में किसान की हत्या करने वाला बीजेपी नेता महेंद्र नागर एमपी की बिजली कराता था राजस्थान में सप्लाई
मप्र : निजी वाहन मालिकों पर 2500 करोड़ बकाया, फिर भी परिवहन विभाग की रफ्तार पहली गियर में
पिछले साल के नर्सिंग महाघोटाले से जुड़ा मामला
इसी क्रम में भोपाल के 29 नर्सिंग कॉलेजों को जनवरी 2025 में मान्यता मिली थी। अब NSUI ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में देरी, गड़बड़ी और राजनीतिक दबाव की भूमिका रही है।
ये खबर भी पढ़ें...
इंदौर में अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब का सीएम मोहन ने किया लोकार्पण, बोले- अब शुद्धता ही पहचान होगी
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
अब यह देखना होगा कि साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की जांच के बाद किन कॉलेजों पर कार्रवाई होती है और क्या यह नया खुलासा पुराने घोटाले की कड़ियों को जोड़ पाएगा।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari