सेवा शर्तों की विसंगति दूर करने सरकार को शिक्षकों की चेतावनी

Sanjay Sharma | Jan 03, 2026, 24:00 IST
Share
teachers protest
Photograph: (thesootr)

भोपाल में शिक्षकों ने सरकार की नीति और सेवा शर्तों की विसंगतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने 20 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी।

BHOPAL. सरकार की नीति और सेवा शर्तों की विसंगतियों के विरोध में प्रदेश के शिक्षकों ने राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया। साल की शुरूआत में शिक्षकों का यह पहला प्रदर्शन था जिसमें हजारों की संख्या में अध्यापक संवर्ग के कर्मचारी जुटे।

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के आव्हान पर पहुंचे शिक्षकों ने मंच से सरकारी स्कूलों के संचालन और शैक्षणिक व्यवस्था से संबंधित नीतियों पर नाराजगी जताई।

संगठन ने प्रदर्शन के बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सरकार से शिक्षकों की 20 सूत्रीय मांगों को अनदेखा न करने की अपील की। शिक्षकों ने कहा अगर सरकार ने अब भी गंभीरता नहीं दिखाई तो प्रदेश में पूरी शिक्षा व्यवस्था की बदहाल नजर आएगी।

20 सूत्रीय मांगों की अनदेखी

मध्य प्रदेश में नया साल सरकार के सामने कर्मचारी वर्ग की चुनौतियां लेकर आया है। साल के दूसरे ही दिन प्रदेश के अध्यापक- शिक्षक राजधानी में प्रदर्शन के लिए जमा हो गए।

आजाद अध्यापक- शिक्षक संघ के आव्हान पर प्रदेश के जिलों से आए शिक्षकों ने सरकार से वेतन विसंगति,पदोन्नति, पुरानी पेंशन, डीए वृद्धि, स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी का लाभ सहित 20 सूत्रीय मांगों को उठाया।

संघ के प्रांत अध्यक्ष ने कहा सालों से अध्यापक- शिक्षक संगठन सरकार के सामने अपनी समस्याएं उठाते आ रहे हैं। सरकार के प्रतिनिधियों से हर बार केवल आश्वासन ही मिलता रहा है लेकिन सुनवाई नहीं होती।

ये खबरें भी पढ़ें...

एमपी पुलिस भर्ती बोर्ड का भव्य भवन ले रहा आकार, पुलिस भर्ती का सपना करेगा साकार

आजीविका परियोजना: पोर्टल के इंतजार में दो साल से अटका SHG का ब्याज अनुदान

इन मांगों पर बुलंद की आवाज

राजधानी के सेकेंड स्टाप स्थित अंबेडकर पार्क में इकट्ठा हुए अध्यापक और शिक्षकों ने सरकार के सामने अपनी समस्याओं को रखा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।

एक-एक शिक्षक कई कक्षाओं और बच्चों को संभालने मजबूर है। इसके बावजूद परीक्षा परिणाम को लेकर कभी जिला और विकासखंड शिक्षा अधिकारी तो कभी लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा चेतावनी भरे नोटिस देकर या दूसरी दंडात्मक कार्रवाई से डराया जाता है।

शिक्षकों पर बच्चों के पढ़ाने के अलावा दूसरे सरकारी काम भी जबरन थोपे जाते हैं लेकिन विभागीय अधिकारी शासन के सामने उनका पक्ष ही नहीं रखते।

ये खबरें भी पढ़ें...

भागीरथपुरा कांड: दूषित पानी से 16 मौतें, हाईकोर्ट में 4 का दावा

एमपी पुलिस भर्ती बोर्ड का भव्य भवन ले रहा आकार, पुलिस भर्ती का सपना करेगा साकार

मंहगाई भत्ता, डीए में विसंगति

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष भारत पटेल ने शिक्षा विभाग से शिक्षकों की बातों को अनसुना न करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहा है लेकिन विभाग और सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही।

शिक्षकों को मंहगाई भत्ता, डीए देने में विसंगति हो रही है। पूरे जीवन को स्कूलों में खपा देने के बाद जब शिक्षक सेवानिवृत्त होता है तो उसे अपनी ही जमा पूंजी यानी ग्रेच्युटी के लिए चक्कर लगाने मजबूर किया जाता है। अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए लोक शिक्षण संचालनालय पोर्टल का संचालन करता है लेकिन उसके लिए संकुल केंद्र और स्कूलों के प्राचार्यों पर जबरन बोझ डाला जा रहा है।



Tags:
  • शिक्षा विभाग
  • वेतन विसंगति
  • पदोन्नति
  • पेंशन
  • आजाद अध्यापक शिक्षक संघ
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच