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Photograph: (the sootr)
News in Short
- भोपाल की महिला ने सामान न मिलने पर फ्लिपकार्ट को कोर्ट में घसीटा।
- उपभोक्ता आयोग ने फ्लिपकार्ट पर 25,000 रुपए का भारी जुर्माना लगाया है।
- रुचि सिंह ने ₹12,000 का चूड़ा ऑर्डर कर एडवांस पेमेंट किया था।
- कंपनी ने सामान नहीं भेजा और पैसे वापस करने से भी मना किया।
- कोर्ट ने इसे सेवा में कमी मानते हुए ग्राहक के हक में फैसला दिया।
News in Detail
BHOPAL. आजकल हम सब घर बैठे सामान मंगाना बहुत पसंद करते हैं। लेकिन कभी-कभी यह सुविधा हमारे लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ भोपाल की रहने वाली रुचि सिंह सिसोदिया के साथ। उन्होंने भरोसे के साथ फ्लिपकार्ट से एक सुंदर चूड़ा सेट ऑर्डर किया था। पैसे भी पहले ही ऑनलाइन पेमेंट के जरिए दे दिए थे। पर किसे पता था कि यह सौदा उन्हें कोर्ट तक ले जाएगा।
क्या है पूरा मामला? पैसे गए पर सामान गायब
यह कहानी शुरू होती है 10 अगस्त 2023 से। कटारा हिल्स की स्प्रिंग वैली में रहने वाली रुचि ने शॉपिंग की। उन्होंने फ्लिपकार्ट पर ₹12,000 का एक कीमती चूड़ा सेट पसंद किया। उन्होंने तुरंत ऑनलाइन पेमेंट कर दिया ताकि सामान जल्दी घर आ जाए। कंपनी ने वादा किया था कि 22 अगस्त तक सामान मिल जाएगा। लेकिन तारीख निकल गई और रुचि का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
कोर्ट में फ्लिपकार्ट की दलीलें और आयोग का गुस्सा
जब 15 दिन बीत गए तो रुचि ने कूरियर कंपनी से बात की। वहां से भी उन्हें कोई सही जवाब या रिफंड नहीं मिला। परेशान होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-2 में केस कर दिया। कोर्ट में फ्लिपकार्ट ने अपना पल्ला झाड़ने की पूरी कोशिश की। कंपनी ने कहा कि वह तो बस एक बीच का रास्ता है। असली जिम्मेदारी तो सामान बेचने वाले और कूरियर वाले की होती है।
जिला उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक फैसला
आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह ने कंपनी की दलीलें सिरे से खारिज कर दीं। उन्होंने साफ कहा कि अगर ग्राहक आपके प्लेटफॉर्म से जुड़ा है, तो जिम्मेदारी आपकी है। बेंच ने इसे 'सेवा में भारी कमी' (Deficiency in Service) माना। कोर्ट ने फ्लिपकार्ट को कड़ी फटकार लगाते हुए आदेश सुनाया। अब कंपनी को दो महीने के भीतर रुचि को हर्जाना देना होगा।
न्याय की जीत: ₹25,000 का जुर्माना और सम्मान
कोर्ट ने आदेश दिया कि कंपनी रुचि को ₹25,000 का हर्जाना दे। इसमें मानसिक परेशानी और कानूनी लड़ाई का खर्च भी शामिल है। यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी सीख है। जो ऑनलाइन शॉपिंग में खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। अब कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकतीं। अगर सामान नहीं दिया, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी ही होगी।
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