बीमारी छिपाई का बहाना नहीं चलेगा, बिना सबूत क्लेम रिजेक्ट नहीं कर सकती बीमा कंपनी
Amresh Kushwaha | Jun 22, 2026, 13:00 IST
बिना सबूत क्लेम रिजेक्ट नहीं कर सकती बीमा कंपनी
उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को फटकारते हुए 1.63 लाख रुपए का क्लेम 7% ब्याज सहित देने का आदेश दिया। आयोग ने कहा कि बिना सबूत के पुरानी बीमारी छिपाने का आरोप लगाकर क्लेम खारिज करना सेवा में कमी है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- देवास के नसरुद्दीन खान का बीमा क्लेम कंपनी ने बिना सबूत के खारिज कर दिया था।
- कंपनी ने आरोप लगाया कि बीमित ने पुरानी बीमारी छिपाई थी।
- भोपाल उपभोक्ता आयोग ने यह आरोप बिना सबूत के गलत माना है।
- आयोग ने 1.63 लाख रुपए 7% ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है।
- अब बीमा कंपनियों को क्लेम रिजेक्ट करने पर ठोस सबूत देने होंगे।
बीमारी छिपाई, यह बोलना काफी नहीं
क्या था पूरा मामला
12 जून 2021 को पॉलिसी की अवधि के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें भोपाल के फ्यूचर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। सात दिन तक इलाज चला और कुल एक लाख 63 हजार156 रुपए का खर्च आया था।
कंपनी ने टाला, फिर खारिज कर दिया
आखिरकार 27 जुलाई 2022 को कंपनी ने एक पत्र जारी कर दावा खारिज कर दिया था। कंपनी ने कहा कि प्रस्तुत दस्तावेज गलत और मनगढ़ंत हैं। साथ ही यह आरोप भी लगाया कि बीमित ने पॉलिसी लेते समय पुरानी बीमारी छिपाई थी।
उपभोक्ता आयोग पहुंचे नसरुद्दीन
बीमा कंपनी ने आयोग में एक और दांव चला। कंपनी ने कहा कि परिवाद देरी से दायर किया गया है इसलिए मान्य नहीं होना चाहिए। साथ ही पुरानी बीमारी छिपाने का आरोप फिर दोहराया है। वहीं, आयोग ने दोनों तर्क ठुकरा दिए हैं।
आयोग ने खंगाले सभी दस्तावेज
खर्च की गई राशि भी दस्तावेजों से प्रमाणित हुई थी। दूसरी तरफ बीमा कंपनी धोखाधड़ी और पुरानी बीमारी छिपाने के आरोप तो लगाती रही, लेकिन उसके समर्थन में एक भी ठोस और विश्वसनीय सबूत नहीं दे पाई।
आयोग का साफ संदेश
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल देरी के आधार पर उपभोक्ता के अधिकार खत्म नहीं होते। यदि उपभोक्ता लगातार अपने हक के लिए कोशिश करता रहा है, तो देरी को उचित कारण मानकर माफ किया जा सकता है।
कंपनी को देने होंगे इतने पैसे
ये खबरें भी पढ़िए...
भोपाल उपभोक्ता फोरम की EPFO को फटकार, ब्याज सहित चुकाओ 28 लाख, दिव्यांग को मिला न्याय
MP News: DAP की गलत खुराक से बंजर हो रहे खेत, उर्वरक उपभोक्ता में दूसरे नंबर पर MP
मध्यप्रदेश: क्रेडिट कार्ड और लोन वसूली के दौरान धमकी मिले तो उपभोक्ता के पास हैं ये अधिकार
अब इलेक्ट्रिक वाहन से चलेंगे अफसर, भोपाल बनेगा प्रदेश का पहला ईवी नगर निगम
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava