बीना विधायक निर्मला सप्रे केस की सुनवाई अब जनवरी 2026 तक टली

Neel Tiwari | Nov 18, 2025, 19:35 IST
Share
bina-mla-nirmala-sapre
bina-mla-nirmala-sapre

बीना से भाजपा विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की सुनवाई 18 नवंबर को निर्धारित थी। चीफ जस्टिस की बेंच की व्यस्तता के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने याचिका दायर की थी।

JABALPUR. बीना से भाजपा विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की सुनवाई टल गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने याचिका दायर की थी। इस मामले में आज मंगलवार, 18 नवंबर को सुनवाई निर्धारित थी। चीफ जस्टिस की बेंच की व्यस्तता के कारण केस नहीं लिया गया। इस कारण मामला पेंडिंग रह गया।

स्पीकर को बताना था स्टेटस

इससे पहले हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई मे सरकार सहित विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी किया था। मध्यप्रदेश विधानसभा के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर को जवाब देना था। जवाब में यह बताना था कि दल-बदल याचिका पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। उमंग सिंघार का आरोप है कि विधायक निर्मला सप्रे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की। इसके बावजूद 16 महीने बीतने के बाद भी स्पीकर ने कोई निर्णय नहीं लिया।

ये भी पढ़ें...सीएम मोहन यादव से मिलीं विधायक निर्मला सप्रे, विधायकी पर बोलीं, कोर्ट का फैसला होगा मान्य

अब जनवरी 2026 में होगी अगली सुनवाई

आज सुनवाई न हो पाने के बाद अब यह मामला जनवरी 2026 के लिए लिस्ट हुआ है। कोर्ट की अगली उपलब्ध तारीख के अनुसार सुनवाई 13 जनवरी 2026 के बाद ही हो सकेगी। इससे पहले, हाईकोर्ट दल-बदल से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दे चुका है। इन निर्देशों में कहा गया है कि याचिकाओं का निपटारा तीन महीनों के भीतर होना चाहिए।

ये भी पढ़ें...विधायक निर्मला सप्रे और विधानसभा अध्यक्ष को HC का नोटिस, चीफ जस्टिस बोले- क्या विपक्ष याचिका नहीं लगा सकता?

4 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी

👉 बीना से भाजपा विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने वाली याचिका पर आज सुनवाई होनी थी। चीफ जस्टिस की बेंच व्यस्त होने के कारण केस नहीं लिया गया। मामला अब पेंडिंग है।

👉 पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सरकार और विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी किया था। स्पीकर को बताना था कि दल-बदल मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

👉 आज सुनवाई न हो पाने के बाद अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 के बाद होगी। यानी अब लगभग पूरे एक साल तक मामला आगे नहीं बढ़ेगा।

👉 निर्मला सप्रे का कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाना पहले से ही चर्चा में रहा है। विजयपुर उपचुनाव में हार के बाद उनका भविष्य और निगाहों में है। सुनवाई टलने से मामला और संवेदनशील व जटिल बन रहा है।

ये भी पढ़ें...बीना विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी पर सवाल, जबलपुर हाईकोर्ट पहुंची कांग्रेस

ये भी पढ़ें...हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, अब फैसला तय करेगा विधायक निर्मला सप्रे का भविष्य

राजनीतिक रूप से संवेदनशील है मामला

निर्मला सप्रे भाजपा में शामिल हुईं। कांग्रेस छोड़ उन्होंने पाला बदला। यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा में है। लोग इसके बारे में लगातार बात कर रहे हैं। विजयपुर उपचुनाव में रामनिवास रावत की हार के बाद सप्रे के राजनीतिक भविष्य पर निगाहें टिकी हैं। सुनवाई टलने से मामला और पेचीदा होता दिख रहा है।





Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • कांग्रेस
  • भाजपा
  • उमंग सिंघार
  • निर्मला सप्रे
  • विधायक निर्मला सप्रे
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा