एक दिन के लिए खुलता है बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का यह मंदिर, शिथिल हो जाते हैं जंगल के नियम

Jitendra Shrivastava | Aug 16, 2025, 18:39 IST
Share
janmashtami-temple-rituals
Photograph: (THESOOTR)

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन एक विशेष पूजा होती है। यहां भगवान श्रीराम को कान्हा के रूप में और माता सीता को राधारानी के रूप में पूजा जाता है। मेले के दौरान वन्यजीव संरक्षण कानून को इस दिन शिथिल कर दिया जाता है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित है और इसे बाघों का साम्राज्य माना जाता है। यहाँ बाघों की संख्या बहुत अधिक है, और यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। लेकिन यहां हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर एक बहुत ही विशेष घटना घटित होती है।

श्रीराम-जानकी मंदिर की विशेषता

ram-janki-temple
ram-janki-temple


इस दिन, बांधवगढ़ किले के अंदर स्थित उमरिया का श्रीराम-जानकी मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोला जाता है। इस मंदिर में भगवान श्रीराम को कान्हा के रूप में और माता सीता को राधारानी के रूप में पूजा जाता है। यह एक अद्वितीय और रोमांचक अनुभव है, क्योंकि ऐसा दृश्य कहीं और देखने को नहीं मिलता।

ये खबर भी पढ़ें...

मध्य प्रदेश कांग्रेस के 71 नए जिला अध्यक्षों की घोषणा, 5 वर्तमान और 9 पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी

15 किलोमीटर की कठिन यात्रा

इस दिन, लाखों श्रद्धालु ताला गांव से लगभग 15 किलोमीटर पैदल यात्रा कर किले में स्थित मंदिर तक पहुँचते हैं। इस कठिन यात्रा को पार करने के बाद, भक्त भगवान श्रीराम और माता सीता के दर्शन कर अपनी थकान को दूर कर ऊर्जा से भर जाते हैं। इस यात्रा का हिस्सा बनना एक धार्मिक अनुभव से ज्यादा, एक साहसिक यात्रा बन जाती है।

ये खबर भी पढ़ें...

इंदौर में जीतू पटवारी की आधी चली, चिंटू को शहराध्यक्ष बनवा लिया, लेकिन विरोध पर भी विपिन जिलाध्यक्ष हुए

रीवा राजघराने की परंपरा

बांधवगढ़ किले में स्थित इस मंदिर की परंपरा सदियों पुरानी है। यह मंदिर कभी रीवा राजघराने का हिस्सा हुआ करता था। रीवा राजघराना के सदस्य आज भी इस दिन यहां पूजा करने आते हैं, और इस परंपरा को जीवित रखते हैं।

महाराजा मार्तंड सिंह की शर्त

बांधवगढ़ किला कभी रीवा राज्य की राजधानी था। 1970 के दशक में इसे टाइगर रिजर्व में बदल दिया गया, लेकिन महाराजा मार्तंड सिंह ने इस बदलाव के दौरान एक शर्त रखी थी कि जन्माष्टमी पर मंदिर की पूजा और मेला आयोजित करना जारी रहेगा। इस शर्त के चलते हर साल वन्यजीव संरक्षण कानून को शिथिल किया जाता है ताकि श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच सकें।

ये खबर भी पढ़ें...

MP सरकार का नया अभियान, अब स्कूलों में बनेगा बच्चों का नि:शुल्क आधार, जानें कैसे...

बांधवगढ़ किला: भगवान श्रीराम का उपहार

ram-janki-temple
ram-janki-temple


बांधवगढ़ किला का इतिहास बहुत ही रोचक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान श्रीराम वनवास से लौटे थे, तो उन्होंने यह किला अपने छोटे भाई लक्ष्मण को उपहार स्वरूप दिया था। यही कारण है कि इस किले का नाम 'बांधवगढ़' पड़ा, जिसका अर्थ होता है 'भाई का किला'। इस किले और मंदिर का उल्लेख स्कंध पुराण और शिव संहिता में भी मिलता है।

FAQ

  1. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन ही क्यों खुलता है मंदिर?
    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में श्रीराम-जानकी मंदिर हर साल कृष्ण जन्माष्टमी के दिन एक दिन के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलता है। यह परंपरा रीवा राजघराने द्वारा सदियों से निभाई जाती रही है और महाराजा मार्तंड सिंह ने इस परंपरा को जारी रखने की शर्त रखी थी।
  2. बांधवगढ़ किला और श्रीराम-जानकी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
    बांधवगढ़ किला का ऐतिहासिक महत्व पौराणिक मान्यता से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने यह किला अपने भाई लक्ष्मण को उपहार में दिया था। साथ ही, किले के भीतर स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर का महत्व भी काफी गहरा है, क्योंकि यह रीवा राजघराने की परंपराओं से जुड़ा हुआ है।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩



Tags:
  • Bandhavgarh Tiger Reserve
  • कृष्ण जन्माष्टमी
  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व
  • रीवा राजघराना
  • वन्यजीव संरक्षण
  • उमरिया का श्रीराम-जानकी मंदिर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा