पिछले दो मामलों में निष्कासित हुए थे बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी, तीसरी बार सॉरी से बनी बात
Amresh Kushwaha | Apr 25, 2026, 13:34 IST
bjp mla pritam lodhi controversy ips officer apology expulsion history
भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर विवादों में हैं। आईपीएस अधिकारी को धमकी देने के बाद, चौतरफा घिरे विधायक ने माफी मांग ली है। वहीं विधायक के सार्वजनिक माफी ने उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीति में जुबान का फिसलना आम है, लेकिन जब जुबान मर्यादा की दहलीज पार कर जाए, तो परिणाम भारी होते हैं। मध्यप्रदेश के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वहीं, इस बार कहानी थोड़ी अलग है।
विधायक अपने कड़े तेवरों के लिए जाने जाते हैं। उन्हें एक आईपीएस (IPS) अधिकारी को दी गई धमकी के बाद झुकना पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि लोधी का विवादों से पुराना नाता है। वे पहले दो बार पार्टी से निष्कासित हो चुके हैं, लेकिन इस बार सिर्फ एक सॉरी ने विधायक को बचा लिया।
मामले की शुरुआत 16 अप्रैल 2026 को शिवपुरी में हुई एक सड़क दुर्घटना से हुई थी। विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी तेज रफ्तार थार गाड़ी से पहले तीन बाइक सवारों को टक्कर मारी और फिर दो स्कूली छात्राओं को कुचल दिया।
शुरुआती तौर पर विधायक ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर जनता को अपना परिवार बताया और बेटे पर एफआईआर की बात कही। लेकिन जैसे ही पुलिस ने सख्ती दिखाई, विधायक का जनता प्रेम गुस्से में बदल गया।
पुलिस की पूछताछ के दौरान जब एसडीओपी (आईपीएस आयुष जाखड़) ने दिनेश लोधी को भविष्य में सावधानी बरतने की सलाह दी, तो विधायक आगबबूला हो गए। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने सारी मर्यादाएं लांघ दीं।
उन्होंने आईपीएस अफसर को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि करेरा क्या तेरे डैडी की जागीर है? इतना ही नहीं, उन्होंने अफसर को अपनी औकात में रहने और अपना इतिहास देखने की धमकी तक दे डाली। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया।
प्रीतम लोधी के लिए विवाद कोई नई बात नहीं है। यदि उनके राजनीतिक करियर पर नजर डालें, तो वे पहले भी दो बार बड़े झटके झेल चुके हैं-
2005 में एक आपराधिक मामले में फरार होने के दौरान पुलिस ने प्रीतम लोधी को गिरफ्तार किया था। इस कारण उनकी छवि खराब हो गई थी और भाजपा ने उनसे किनारा कर लिया था। उस वक्त प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद वे उमा भारती की जनशक्ति पार्टी में शामिल हो गए थे। लेकिन जब उमा भारती भाजपा में वापस आईं, तो लोधी भी भाजपा में लौट आए।
शिवपुरी के बदरवास में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती पर 17 अगस्त 2022 को प्रीतम लोधी ने ब्राह्मण समाज और कथावाचकों को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कथावाचकों पर लोगों को पागल बनाने और लूटने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस बयान के बाद पूरे राज्य में विरोध हुआ और एफआईआर भी दर्ज की गई। उस वक्त प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने लोधी से ठीक से स्पष्टीकरण न मिलने पर उन्हें 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, 2023 में उन्हें फिर से पार्टी में शामिल किया गया।
विधायक के अमर्यादित बयानों के खिलाफ मप्र आईपीएस एसोसिएशन (MP IPS Association) और ऑल इंडिया आईपीएस एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया था। दबाव बढ़ता देख भाजपा संगठन ने उन्हें नोटिस जारी किया है।
बाद में सीएम मोहन यादव से मुलाकात और सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने के बाद मामला शांत हुआ। एसोसिएशन के अध्यक्ष एडीजी चंचल शेखर ने कहा कि विधायक की माफी के बाद वे अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
ये खबर भी पढ़िए...
बागी तेवरों वाले विधायक प्रीतम लोधी संगठन के आगे पड़े फीके, हाईकमान की क्लास के बाद बदले सुर
बड़बोले प्रीतम लोधी पर पार्टी सख्त, नोटिस देकर तीन दिन में मांगा जवाब
औकात में रह… कहने वाले BJP विधायक प्रीतम लोधी पर आईपीएस एसोसिएशन हमलावर
गोबर से भर देंगे आईपीएस का बंगला: बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने दी नई धमकी
विधायक अपने कड़े तेवरों के लिए जाने जाते हैं। उन्हें एक आईपीएस (IPS) अधिकारी को दी गई धमकी के बाद झुकना पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि लोधी का विवादों से पुराना नाता है। वे पहले दो बार पार्टी से निष्कासित हो चुके हैं, लेकिन इस बार सिर्फ एक सॉरी ने विधायक को बचा लिया।
बेटे की थार और पिता के तीखे तेवर
शुरुआती तौर पर विधायक ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर जनता को अपना परिवार बताया और बेटे पर एफआईआर की बात कही। लेकिन जैसे ही पुलिस ने सख्ती दिखाई, विधायक का जनता प्रेम गुस्से में बदल गया।
जब वर्दी को दी औकात में रहने की नसीहत
उन्होंने आईपीएस अफसर को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि करेरा क्या तेरे डैडी की जागीर है? इतना ही नहीं, उन्होंने अफसर को अपनी औकात में रहने और अपना इतिहास देखने की धमकी तक दे डाली। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया।
पहले के विवादित मामलों में निष्कासित हो चुके लोधी
साल 2005 (पहला निष्कासन)
साल 2022 (दूसरा निष्कासन)
एसोसिएशन की नाराजगी पर सॉरी का मरहम
बाद में सीएम मोहन यादव से मुलाकात और सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने के बाद मामला शांत हुआ। एसोसिएशन के अध्यक्ष एडीजी चंचल शेखर ने कहा कि विधायक की माफी के बाद वे अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
ये खबर भी पढ़िए...
बागी तेवरों वाले विधायक प्रीतम लोधी संगठन के आगे पड़े फीके, हाईकमान की क्लास के बाद बदले सुर
बड़बोले प्रीतम लोधी पर पार्टी सख्त, नोटिस देकर तीन दिन में मांगा जवाब
औकात में रह… कहने वाले BJP विधायक प्रीतम लोधी पर आईपीएस एसोसिएशन हमलावर
गोबर से भर देंगे आईपीएस का बंगला: बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने दी नई धमकी
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava