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Photograph: (the sootr)
News in Short
- मुंबई में भाजपा का राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 फरवरी को होगा।
- मध्य प्रदेश से कई प्रमुख नेता प्रशिक्षण में भाग लेंगे।
- प्रशिक्षण का उद्देश्य संगठन में अनुशासन और संतुलन लाना है।
- नेता सार्वजनिक जीवन की मर्यादा और सोशल मीडिया पर सावधानी सीखेंगे।
- मंडल और जिला स्तर पर प्रशिक्षण का अगला चरण 7 अप्रैल से शुरू होगा।
News in Detail
मुंबई में कल भाजपा का राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण कार्यक्रम होने जा रहा है। यह पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान का हिस्सा है। मध्य प्रदेश से कई बड़े नेता इसमें भाग लेंगे। मध्य प्रदेश की जो प्रशिक्षण टोली प्रशिक्षित होगी वह मध्य प्रदेश में आकर प्रशिक्षण वर्ग में शामिल नए पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देगी। सवाल है कि क्या इससे संगठन में अनुशासन और संतुलन आएगा।
मुंबई में क्या होने जा रहा है
मुंबई में कल जोनल स्तर का बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। इसमें वेस्टर्न जोन के नेता और कार्यकर्ता भाग लेंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय रणनीति से जुड़ा है। भाजपा इसे संगठन मजबूत करने का प्रयास बता रही है। पार्टी का मानना है कि मजबूत कार्यकर्ता ही ताकत हैं। इसलिए प्रशिक्षण को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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कौन कौन नेता रहेंगे मौजूद
मध्य प्रदेश से कई प्रमुख नेता शामिल होंगे। इनमें आशीष अग्रवाल,सुरेंद्र शर्मा,लाल सिंह आर्य, नितेश शर्मा, भगवानदास सबनानी,पंकज जोशी और लोकेंद्र पाराशर ,आलोक संजर और मोहन नागर, सुयश त्यागी, अभिलाष पाण्डेय,पंकज चतुर्वेदी ,सुरेश आर्य,राजेंद्र अग्रवाल ,रजनीश अग्रवाल, अरविंद भदौरिया और पंकज नागर शामिल रहेंगे।
प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाएगा
प्रशिक्षण में विचार और व्यवहार दोनों पर जोर रहेगा। नेताओं को सार्वजनिक जीवन की मर्यादा समझाई जाएगी। संवाद में संयम रखने की सीख दी जाएगी। सोशल मीडिया पर सावधानी की बात होगी। नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर सत्र रखे जाएंगे। टीम भावना पर विशेष जोर दिया जाएगा। समय पालन और अनुशासन पर ध्यान रहेगा। विषय आधारित सत्र तय किए गए हैं। प्रशिक्षक ऐसे होंगे जो अनुभव रखते हैं। वे कार्यकर्ताओं को व्यावहारिक उदाहरण देंगे।
पॉजिटिव एंगल क्या है
अगर प्रशिक्षण प्रभावी रहा तो भाषा में सुधार दिख सकता है। संगठन में एक जैसा संदेश देने में मदद मिल सकती है। नए पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा मिल सकती है। कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ सकता है। आने वाले चुनावों में यह काम आ सकता है।
संगठन की छवि मजबूत हो सकती है। अगर सीख पर अमल नहीं हुआ तो असर सीमित रहेगा। सिर्फ बैठक से बदलाव तय नहीं होता। जमीन पर व्यवहार में बदलाव जरूरी है। वरना विवाद दोबारा खड़े हो सकते हैं। राजनीति में जनता परिणाम देखती है। इसलिए असली परीक्षा आगे होगी।
आगे की योजना क्या है
मुंबई कार्यक्रम के बाद अगला चरण शुरू होगा। सात अप्रैल से मंडल स्तर पर प्रशिक्षण होगा। यह 14 अप्रैल तक चलेगा। 15 अप्रैल से 20 मई तक जिला स्तर पर कार्यक्रम होंगे।
भोपाल में पहले इसकी रूपरेखा तय हुई थी। क्षेत्रीय प्रभारी ने बैठक ली थी। अब इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मुंबई में कल होने वाला प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। इससे संगठन को नई ऊर्जा मिल सकती है। पर असली असर जमीन पर दिखेगा। अब सबकी नजर इस बैठक पर है।
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