प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के बीच बीजेपी ने चमकाया लोकतांत्रिक चेहरा

Sanjay Sharma | Jul 01, 2025, 22:54 IST
Share
The Sootr
hemant khandelwal Photograph: (The Sootr)

मध्य प्रदेश बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर कयासों पर पूर्ण विराम लग गया है। प्रदेश कार्यालय में निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान वरिष्ठ नेताओं की सहमति के बाद बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने इकलौता नामांकन दाखिल किया है।

BHOPAL. अंतत: बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर बीते कुछ महीनों से चल रहे कयासों पर पूर्ण विराम लग गया है। प्रदेश कार्यालय में निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान वरिष्ठ नेताओं की सहमति के बाद बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने नामांकन दाखिल किया। इस प्रक्रिया के बीच केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान बीजेपी में चुनाव की लोकतांत्रिक परम्परा का उदाहरण पेश करने में भी कामयाब रहे। वहीं इकलौता नामांकन होने से हेमंत खंडेलवाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं। हांलाकि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की अधिकृत घोषणा 2 जुलाई को होगी।

वीडी के चेंबर में होती रही मंत्रणा

बीजेपी को नया अध्यक्ष मिलने जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद के निर्वाचन के लिए मंगलवार शाम 4.30 बजे तक नामांकन दाखिल किया जाना था। कार्यालय में प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं की आवाजाही लगी रही लेकिन वे ये पुष्टि नहीं कर पा रहे थे नामांकन कितने लोगों ने लिया था। यही हाल नामांकन जमा करने की स्थिति को लेकर बना रहा। निर्वाचन प्रक्रिया में मतदान करने के लिए अधिकृत जनप्रतिनिधि और पार्टी के नेता एक_एक कर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मिलने पहुंचते रहे। इन्हीं दो कक्षों की मंत्रणा ने हेमंत खंडेलवाल के निर्विरोध निर्वाचन की राह आसान बनाई।

ये खबर भी पढ़िए :

इंदौर का गोल्डन हाउस सोशल मीडिया पर वायरल, फर्नीचर से सॉकेट तक सबकुछ बना है 24 कैरेट सोने का

लग गई प्रस्तावकों की कतार

शाम 5.40 बजे केंद्रीय पर्यवेक्षक धर्मेन्द्र प्रधान, सरोज पांडे की मौजूदगी में निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए इकलौते नामांकन फार्म की घोषणा की। ये नामांकन बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल का ही था। इस पल से ठीक पहले तक सभा कक्ष में मौजूद नेता भी इसकी पुष्टि करने में अचकचा रहे थे। खंडेलवाल के नाम की घोषणा के बाद सीएम डॉ.मोहन यादव उन्हें लेकर मंच पर पहुंचे और उनके प्रस्तावक बनें। इसके बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेन्द्र खटीक, सावित्री ठाकुर, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल सहित दर्जन भर नेताओं की कतार प्रस्तावक के रूप में मंच पर नजर आई।

ये खबर भी पढ़िए :

Ladli Behna Yojana: जुलाई महीने में लाड़ली बहना को मिलेगी डबल खुशी, जानें कितना आएगा खाते में

नामांकन भरने दो बार बढ़ा समय

नामांकन की अधिकृत घोषणा के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक धर्मेन्द्र प्रधान ने दो बार समय बढ़ाया। उन्होंने कहा बीजेपी लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत चुनाव कराती है। अब तक प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन जमा कराया गया है। यदि कोई कार्यकर्ता नामांकन जमा करना चाहता है तो उसे 5 मिनट का समय देते हैं। उनकी इस घोषणा के बाद कक्ष में मौजूद विधायक, सांसद, पार्टी प्रतिनिधि एक_दूसरे का चेहरा ताकने लगे। इसके कुछ देर बाद प्रधान ने कहा अभी भी समय है मैं कार्यालय में ही मौजूद हूं, जिस किसी को नामांकन दाखिल करना है उसे 20 मिनट का समय और देते हैं। इस घोषणा से सभा कक्ष में ठहाके गूंज उठे।

ये खबर भी पढ़िए :

हेमंत खंडेलवाल मध्य प्रदेश BJP के नए अध्यक्ष, बुधवार को होगा औपचारिक ऐलान

कार्यकर्ताओं से घिरे खंडेलवाल

नामांकन की घोषणा के बाद प्रदेश कार्यालय में दृश्य बदल गया। वीडी शर्मा के इर्दगिर्द रहने वाली भीड़ छंट गई और नए मुखिया हेमंत खंडेलवाल कार्यकर्ताओं से घिर गए। उन्हें सभा कक्ष से प्रदेश अध्यक्ष कार्यालय तक पहुंचाना भी मुश्किल पड़ गया। खंडेलवाल का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शुरूआत से ही आगे था। वे सुबह से शाम तक दो_तीन बार कार्यालय आए और गए लेकिन तब उनके पीछे कार्यकर्ताओं का रेला नहीं था। वहीं इकलौते नामांकन की घोषणा के बाद उनका एमपी बीजेपी का मुखिया बनना तय होते ही वे भीड़ से घिर गए।

ये खबर भी पढ़िए :

नाना जी देशमुख वेटनरी यूनिवर्सिटी में 100% बधिर को भर्ती से बाहर कर अपात्रों को दे दी नियुक्ति

पशोपेश में नजर आए ये नेता

प्रदेश अध्यक्ष की चर्चाओं में मंगलवार दोपहर तक हेमंत खंडेलवाल के अलावा कई नेताओं के नाम थे। केंद्रीय मंत्री डीडी उइके, फग्गन सिंह कुलस्ते, सुमेर सिंह सोलंकी, सावित्री ठाकुर, नरोत्तम मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह के अलावा लता वानखेड़े की दावेदारी सुर्खियों के बनी हुई थी। मंगलवार शाम को जब केंद्रीय पर्यवेक्षक धर्मेन्द्र प्रधान ने हेमंत खंडेलवाल के इकलौते नामांकन की घोषणा की तब इनमें से ज्यादातर सभा कक्ष में मौजूद थे। दावेदारी के बाद भी संगठन के निर्णय की बाध्यता के चलते नामांकन न करने की उलझन उनके चेहरों पर साफ दिख रही थी, कुछ नेताओं को तो भारी मन से खंडेलवाल का प्रस्तावक भी बनना पड़ा। MP News

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩





Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • MP
  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
  • एमपी बीजेपी
  • बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष
  • सीएम डॉ.मोहन यादव
  • बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल
पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर FIR: आय से 250 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप, भोपाल में कई मकान और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स

By Sumit Kumar

पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर FIR: आय से 250 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप, भोपाल में कई मकान और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स
MP में 13 या 20 दिसंबर को हो सकती है TET परीक्षा, शिक्षकों ने 21 दिसंबर से फिर आंदोलन की दी चेतावनी

By Ramanand Tiwari

MP में 13 या 20 दिसंबर को हो सकती है TET परीक्षा, शिक्षकों ने 21 दिसंबर से फिर आंदोलन की दी चेतावनी
भोपाल में भाजपा की पदयात्रा, एक लाख लोगों को जुटाने की तैयारी, क्या 2027 और 2028 के चुनावों पर है नजर?

By Ramanand Tiwari

भोपाल में भाजपा की पदयात्रा, एक लाख लोगों को जुटाने की तैयारी, क्या 2027 और 2028 के चुनावों पर है नजर?
IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा होगा वापस? PHQ की बैठक सीएम हाउस शिफ्ट, अफसर को मनाने की चर्चा तेज

By Ramanand Tiwari

IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा होगा वापस? PHQ की बैठक सीएम हाउस शिफ्ट, अफसर को मनाने की चर्चा तेज
भोपाल में 500 करोड़ की सरकारी जमीन पर संकट: राजस्व विभाग की कार्रवाई सुस्त, वन विभाग भी पैरवी से दूर

By Ramanand Tiwari

भोपाल में 500 करोड़ की सरकारी जमीन पर संकट: राजस्व विभाग की कार्रवाई सुस्त, वन विभाग भी पैरवी से दूर
राज्यपाल की केंद्र को भेजी रिपोर्ट भी देख सकेंगे RTI कार्यकर्ता, हाई कोर्ट ने राजभवन में दस्तावेजों के निरीक्षण की दी अनुमति

By Neel Tiwari

राज्यपाल की केंद्र को भेजी रिपोर्ट भी देख सकेंगे RTI कार्यकर्ता, हाई कोर्ट ने राजभवन में दस्तावेजों के निरीक्षण की दी अनुमति
सागर के पूर्व SP अनुराग सुजानिया का इस्तीफा, आखिर समय से पहले सरकारी नौकरी क्यों छोड़ रहे IAS-IPS अफसर?

By Ram Krishna Gautam

सागर के पूर्व SP अनुराग सुजानिया का इस्तीफा, आखिर समय से पहले सरकारी नौकरी क्यों छोड़ रहे IAS-IPS अफसर?