कबाड़ में हुआ था बम ब्लास्ट, जांच के बाद होगा बड़ा धमाका
Jitendra Shrivastava | Apr 26, 2024, 16:21 IST
ब्लास्ट के आरोपी के भाई के घर पर चला बुलडोजर।
मध्यप्रदेश के जबलपुर में कबाड़खाने में गुरुवार को हुए ब्लास्ट मामले में आयुध निर्माणी प्रबंधन ने पल्ला झाड़ कर कहा कि हमारी निर्माणी का नहीं था बम। राज्य सहित केंद्र स्तर की जांच एजेंसियां पहुंच रहीं जबलपुर, जल्द होगा मामले में खुलासे का बड़ा धमाका।
नील तिवारी, JABALPUR. गुरुवार, 25 अप्रैल को दोपहर 12 बजे दोपहर में हुए खिजरी-खिरिया बाईपास के पास रजा मेटल स्क्रेप के कबाड़खाने में हुए धमाके के तार अब बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं। धमाके की तीव्रता ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। जबलपुर जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना के अनुसार सभी एजेंसियों को घटना के बारे में सूचित किया गया है। जहां आयुध निर्माणी ने अपनी ओर से मामले की जांच की है तो वही आज ही दिल्ली से एक जांच टीम जबलपुर आ रही है।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब जबलपुर के आयुध निर्माणी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ महीने पहले इसी निर्माणी से निजी मजदूर बम में लगने वाली टंगस्टन रॉड ले जाते हुए पकड़ा गया था, वहीं आज से लगभग 5 वर्ष पूर्व एक डीएससी के जवान के हाथ में हथगोला उस समय फट गया था जब वह कबाड़ के लॉट को उठाकर दूसरी जगह रख रहा था। जिंदा हैंडग्रेनेड कबाड़ में पहुंचने की सच्चाई वर्षों बाद भी सामने नहीं आ पाई है। आयुध निर्माणी खमरिया (OFK) के महाप्रबंधक एमएन हालदार ने इस घटना में निर्माणी का हाथ होने से पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया है और यह कह दिया है कि यह बम ओएफके के नहीं थे। वहीं जबलपुर जिला कलेक्टर सहित मिलिट्री इंटेलिजेंस ब्यूरो के बीके सिंह इन बमों के कबाड़ खाने तक पहुंचाने की हर एंगल से जांच की बात कर रहे हैं।
निगम के फर्जी बिल घोटाले में सिद्दकी करेगा सरेंडर, HC में अग्रिम जमानत खारिज, अधिवक्ता बोले निगम में गैंग सक्रिय
जबलपुर में हुए बम ब्लास्ट में कबाड़ खाने के मालिक शमीम खान के भाई सलीम खान के घर आज नगर निगम का अमला पहुंचा और लगभग 800 वर्ग फुट की कब्जा की गई जगह को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। इस दौरान सलीम खान के परिवार ने शमीम के साथ अपने संबंध न होने की दुहाई दी, पर पूर्व में भी हुई सलीम के ऊपर अतिक्रमण की कार्यवाही और कल मौके पर की गई मामले को दबाने की कोशिश यह बताती है कि इस व्यापार में उसकी पूरी मिलीभगत है। अतिक्रमण की कार्यवाही के दौरान आरोपी के समर्थन में कांग्रेस के विधायक लखन घनघोरिया खड़े हुए नजर आए और प्रशासनिक अधिकारियों से बहस करते दिखे। इन नियमों को ताक में रखकर व्यापार करने वाले और सैकड़ो की जान को जोखिम में डालने वाले कबाड़ी के विरुद्ध नियम अनुसार कार्यवाही की मांग करते हुए दिखाई दिए।
ब्लास्ट के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी दो मजदूरों के लापता होने की ही बात की जा रही है। अभी तक मृत्यु की कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अगर मीडिया के कैमरों में जले हुए मानव अंग कैप्चर ना होते तो शायद इन दो मौतों पर कोई चर्चा ना होती। हालांकि अब जबलपुर जिला कलेक्टर ने यह माना है कि मलबे में मानव अंग मिले हैं जिनकी डीएनए जांच के बाद ही पुष्टि की जा सकेगी। गौरतलब है इस कबाड़ी पर पहले भी अवैध व्यापार और चोरी के वाहन काटने जैसी कई धाराओं पर कार्यवाही हो चुकी है, पर अपने राजनीतिक रसूख के चलते यह उन मामलों में फरार होने के बाद भी अपने व्यापार को सुचारू रूप से चला रहा था। अब आम जनों में यह चर्चा जोरों पर है की कहीं इस मलबे में सच्चाई दफन होकर ना रह जाए।
सवालों के घेरे में जबलपुर की आयुध निर्माणी
यह कोई पहला मामला नहीं है जब जबलपुर के आयुध निर्माणी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ महीने पहले इसी निर्माणी से निजी मजदूर बम में लगने वाली टंगस्टन रॉड ले जाते हुए पकड़ा गया था, वहीं आज से लगभग 5 वर्ष पूर्व एक डीएससी के जवान के हाथ में हथगोला उस समय फट गया था जब वह कबाड़ के लॉट को उठाकर दूसरी जगह रख रहा था। जिंदा हैंडग्रेनेड कबाड़ में पहुंचने की सच्चाई वर्षों बाद भी सामने नहीं आ पाई है। आयुध निर्माणी खमरिया (OFK) के महाप्रबंधक एमएन हालदार ने इस घटना में निर्माणी का हाथ होने से पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया है और यह कह दिया है कि यह बम ओएफके के नहीं थे। वहीं जबलपुर जिला कलेक्टर सहित मिलिट्री इंटेलिजेंस ब्यूरो के बीके सिंह इन बमों के कबाड़ खाने तक पहुंचाने की हर एंगल से जांच की बात कर रहे हैं।
निगम के फर्जी बिल घोटाले में सिद्दकी करेगा सरेंडर, HC में अग्रिम जमानत खारिज, अधिवक्ता बोले निगम में गैंग सक्रिय
आरोपी के भाई के घर पर चला बुलडोजर, समर्थन में खड़े हुए कांग्रेस विधायक
जबलपुर में हुए बम ब्लास्ट में कबाड़ खाने के मालिक शमीम खान के भाई सलीम खान के घर आज नगर निगम का अमला पहुंचा और लगभग 800 वर्ग फुट की कब्जा की गई जगह को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। इस दौरान सलीम खान के परिवार ने शमीम के साथ अपने संबंध न होने की दुहाई दी, पर पूर्व में भी हुई सलीम के ऊपर अतिक्रमण की कार्यवाही और कल मौके पर की गई मामले को दबाने की कोशिश यह बताती है कि इस व्यापार में उसकी पूरी मिलीभगत है। अतिक्रमण की कार्यवाही के दौरान आरोपी के समर्थन में कांग्रेस के विधायक लखन घनघोरिया खड़े हुए नजर आए और प्रशासनिक अधिकारियों से बहस करते दिखे। इन नियमों को ताक में रखकर व्यापार करने वाले और सैकड़ो की जान को जोखिम में डालने वाले कबाड़ी के विरुद्ध नियम अनुसार कार्यवाही की मांग करते हुए दिखाई दिए।
कहीं मलबे में ना दबकर रह जाए सच्चाई
ब्लास्ट के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी दो मजदूरों के लापता होने की ही बात की जा रही है। अभी तक मृत्यु की कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अगर मीडिया के कैमरों में जले हुए मानव अंग कैप्चर ना होते तो शायद इन दो मौतों पर कोई चर्चा ना होती। हालांकि अब जबलपुर जिला कलेक्टर ने यह माना है कि मलबे में मानव अंग मिले हैं जिनकी डीएनए जांच के बाद ही पुष्टि की जा सकेगी। गौरतलब है इस कबाड़ी पर पहले भी अवैध व्यापार और चोरी के वाहन काटने जैसी कई धाराओं पर कार्यवाही हो चुकी है, पर अपने राजनीतिक रसूख के चलते यह उन मामलों में फरार होने के बाद भी अपने व्यापार को सुचारू रूप से चला रहा था। अब आम जनों में यह चर्चा जोरों पर है की कहीं इस मलबे में सच्चाई दफन होकर ना रह जाए।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari