हैकर्स के पास पहुंचा सीबीएसई का डेटा, 999 रुपए में बिक रही छात्रों की पर्सनल जानकारी
Aman Vaishnav | Jun 04, 2026, 13:16 IST
cbse student data leak cyber attack reevaluation portal
सीबीएसई छात्रों का पर्सनल डेटा ऑनलाइन बिकने की खबर से हड़कंप मच गया है। 2025-26 बैच तक का डेटा लीक होने का दावा किया जा रहा है। वेबसाइट्स पर लाखों छात्रों का डेटा 999 रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक में मिल रहा है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- एक एथिकल हैकर ने साबित किया था कि सीबीएसई का डेटा हैक हो सकता है।
- कई वेबसाइटों पर छात्रों की पर्सनल जानकारियां खुलेआम बिक रही हैं।
- इन वेबसाइट्स पर लाखों छात्रों का डेटा 999 से लेकर पांच हजार रुपए तक में मिल रहा है।
- सीबीएसई री-इवैल्युएशन पोर्टल पर 19 मई से लगातार साइबर हमले हो रहे हैं।
- डेटा सुरक्षा में सेंधमारी पर करियर-360 के महेश्वर पेरी ने इसे गंभीर चेतावनी बताया है।
पहले एक एथिकल हैकर ने यह साबित किया था कि सीबीएसई का डेटा सुरक्षित नहीं है। इसे हैक किया जा सकता है। वहीं अब ऐसा लगता है कि यह सारा डेटा अनएथिकल हैकर्स के हाथ लग चुका है। कई वेबसाइट्स इस डेटा को बेचकर मोटी कमाई कर रही हैं।
चंद रुपयों में बिक रही निजी जानकारी
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इन वेबसाइट्स पर 2025-26 बैच तक के छात्रों का डेटा भी उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। यह पूरा डेटा अलग-अलग राज्यों और शहरों के हिसाब से 999 रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है।
किस राज्य का डेटा कितने में मिल रहा?
| राज्य/शहर | छात्रों की संख्या | डेटा की कीमत |
| दिल्ली | 4.20 लाख से अधिक (12वीं कक्षा) | पांच हजार रुपए |
| उत्तर प्रदेश | 3.97 लाख छात्र | चार हजार रुपए |
| बिहार | 1.62 लाख छात्र | चार हजार रुपए |
| बेंगलुरु | लाखों छात्र | पांच हजार तक |
री-इवैल्युएशन पोर्टल पर लगातार साइबर हमले
इसके बावजूद छात्र लगातार अपनी कॉपियों की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 6 जून है।
- कुल आवेदन: 44 हजार छात्रों ने अब तक अप्लाई किया है।
- आंसरशीट वेरिफिकेशन : चार हजार 924 छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को सत्यापित करने के लिए आवेदन किया है।
- री-इवैल्युएशन: 39 हजार 56 छात्रों ने कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के लिए फॉर्म भरा है।
डेटा सुरक्षा ढांचे पर बड़ा सवाल
महेश्वर का कहना है कि चाहे यह डेटा हैकिंग से बाहर आया हो, डेटा लीक हुआ हो या फिर विभाग के अंदरूनी स्तर पर किसी सेंधमारी की वजह से ऐसा हुआ हो, यह हमारी पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बहुत ही गंभीर चेतावनी है।
वहीं इतनी बड़ी घटना होने के बाद अब तक सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या जवाब नहीं आया है।
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