छिंदवाड़ा कफ सिरप मामला: डॉक्टर प्रवीण सोनी की जमानत याचिका पर सुनवाई 30 जनवरी को

छिंदवाड़ा में Coldrif कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 को होगी।

author-image
Neel Tiwari
New Update
chhindwara cough syrup
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

News in Short

  • Coldrif सिरप से छिंदवाड़ा और बैतूल में 24 बच्चों की मौत हुई।
  • डॉ. प्रवीण सोनी पर सिरप लिखने का आरोप, जमानत याचिका हाईकोर्ट में दाखिल।
  • अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा, अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 को होगी।
  • जांच में सिरप में विषाक्त रसायन, डायएथिलीन ग्लायकॉल पाया गया।
  • मामला सामाजिक और चिकित्सीय सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर रहा है।

News in Detail

छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप Coldrif से 24 बच्चों की मौत हुई। सरकारी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी गिरफ्तार हैं। उनकी जमानत याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में विचाराधीन है। डॉ. सोनी ने अपनी जमानत याचिका में दावा किया कि मौतों के लिए सिरप निर्माता और अन्य पक्ष जिम्मेदार हैं। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। निर्णय अभी तक नहीं सुनाया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 के लिए निर्धारित की है। इसमें जमानत पर न्यायालय अपना निर्णय करेगा। 

ये भी पढ़ें...छिंदवाड़ा के बाद इंदौर में कफ सिरप कांड में बवाल, फैक्ट्री मालिक पर FIR

क्या है पूरा मामला

छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में Coldriff Syrup से 24 बच्चों की मौत हुई। सिरप में विषाक्त रसायन जैसे डायएथिलीन ग्लायकॉल पाया गया। यह रसायन नियमानुसार सुरक्षित नहीं माना जाता। डॉ. सोनी पर आरोप है कि उन्होंने यह सिरप बच्चों को दिया। इसके परिणामस्वरूप यह गंभीर हादसा हुआ।

ये भी पढ़ें...मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की हंगामेदार शुरुआत, कफ सिरप कांड पर विपक्ष का प्रदर्शन

ये भी पढ़ें...कफ सिरप कांड: कमलनाथ का एमपी सरकार से सवाल, सरकार ने अबतक क्यों नहीं दिया इलाज का खर्च

कानूनी प्रक्रिया और स्थिति

प्रारंभिक सुनवाई में डॉ. सोनी की जमानत याचिका पर बहस हुई। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा और तत्काल निर्णय नहीं दिया। अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 को होगी। हाईकोर्ट उस दिन अपनी टिप्पणी और अंतिम आदेश सुनाएगा।

cough syrup

ये भी पढ़ें...छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: देशभर में सिरप की जांच अब जरूरी, अब तक 25 मौतें

आगे का प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

इस घटना ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। दवा मानकों, डॉक्टरों के कर्तव्यों और जवाबदेही पर बहस हो रही है। सामाजिक, राजनीतिक और चिकित्सकीय समुदाय में चर्चा जारी है। वकीलों और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत अंतिम फैसला देने वाली है।

मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश हाईकोर्ट कफ सिरप Coldriff Syrup छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड
Advertisment