दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे सीएम मोहन यादव, बाढ़-बारिश पर हाईलेवल मीटिंग की
Pawan Modiya | Aug 23, 2026, 20:32 IST
बाढ़ पर बैठक
मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। उन्होंने बाढ़ और राहत कार्यों की समीक्षा की। राहत शिविरों में भोजन, पानी और इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नुकसान का तत्काल सर्वे होगा। प्रशासन 24 से 27 अगस्त की बारिश को लेकर सतर्क रहेगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे।
- तीन संभागों के अधिकारियों संग राहत कार्यों की समीक्षा हुई।
- बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
- फसल, मकान और पशु नुकसान का तत्काल सर्वे होगा।
- प्रशासन 24 से 27 अगस्त की बारिश को लेकर सतर्क रहेगा।
इसी स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रीवा पहुंचे। वे 23 अगस्त को दिल्ली से सीधे यहां आए। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
तीन संभागों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज रीवा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा और शहडोल संभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति और राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से… pic.twitter.com/j6tbtkqXzN
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) August 23, 2026
राहत शिविरों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। राहत पहुंचाने में किसी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।
गुलाब नगर पहुंचे मुख्यमंत्री
अधिकारियों ने जल निकासी की मौजूदा स्थिति बताई। मुख्यमंत्री ने काम तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी उतरने के बाद सफाई तुरंत होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारियों को प्रभावित बस्तियों में भेजा जाए। जमा कचरा और गंदगी जल्द हटाई जाए।
बीमारी रोकना बड़ी चुनौती
बुखार के मरीजों को गंभीरता से जांचने के निर्देश दिए गए। सर्दी और जुकाम के मामलों की भी निगरानी होगी। मुख्यमंत्री ने महामारी जैसी स्थिति को रोकने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बाढ़ के बाद जल स्रोत दूषित हो सकते हैं। उन्होंने सभी जल स्रोतों की जांच कराने को कहा। हैंडपंपों में भी क्लोरीनेशन कराने के निर्देश दिए गए।
नुकसान पर तत्काल सहायता
प्रभावित लोगों को RBC (Revenue Book Circular) 6(4) के तहत मदद मिलेगी। पात्र परिवारों को नियमानुसार राहत राशि दी जाएगी। जनहानि के मामलों में भी तुरंत प्रक्रिया शुरू होगी।
फसल नुकसान का सर्वे
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं की देखभाल भी जरूरी होगी। मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा विभाग को टीमें भेजने को कहा।बीमार पशुओं का मौके पर उपचार किया जाएगा। जरूरी दवाएं और चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रखी जाएगी।
कई विभाग फील्ड में रहेंगे
पशुपालन विभाग पशुओं के उपचार की जिम्मेदारी निभाएगा। कृषि विभाग फसल नुकसान और किसानों की सहायता देखेगा। नगरीय निकाय शहरी क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाएंगे।
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