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NEWS IN SHORT
- लोकपथ 2.0 ऐप अब नागरिकों के लिए एक स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर बनेगा।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) का 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा।
- ऐप में रूट प्लानर के साथ टोल टैक्स और सुविधाओं की सटीक जानकारी होगी।
- खराब सड़क की फोटो अपलोड करने पर 7 दिन में मरम्मत का प्रावधान है।
- रियल-टाइम वेदर अपडेट से पता चलेगा कि किस रास्ते पर अधिक बारिश है।
NEWS IN DETAIL
क्या है लोकपथ 2.0
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार 10 जनवरी से लोकपथ 2.0 ऐप को अब आम जनता के लिए भी शुरू कर दिया है। यह सिर्फ रास्ता बताने वाला ऐप नहीं है, बल्कि इसके जरिए अब आप PWD (लोक निर्माण विभाग) की जवाबदेही तय कर सकते हैं। इस ऐप को लाने का मकसद विभाग के काम में पारदर्शिता लाना और गति लाने का प्रयास किया गया है।
गूगल मैप्स से भी एक कदम आगे
गूगल मैप्स सामान्य रास्ते बताता है। लोकपथ 2.0 सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा पर केंद्रित है। यात्रा के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा की सही दरें, पेट्रोल पंप, अस्पताल और पुलिस स्टेशन जैसी अहम जानकारी इस ऐप पर एक क्लिक में उपलब्ध होगी।
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हादसों को रोकेगा वॉयस अलर्ट
इस ऐप का सबसे क्रांतिकारी फीचर ब्लैक स्पॉट अलर्ट है। विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे स्थानों को चिह्नित किया है जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। जैसे ही आपकी गाड़ी किसी ब्लैक स्पॉट के 500 मीटर के दायरे में आएगी, ऐप आपको वॉयस अलर्ट के जरिए सावधान कर देगा।
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खराब सड़क की शिकायत और लाइव ट्रैकिंग
यदि आपको कहीं खराब सड़क या गड्ढे दिखते हैं, तो आप ऐप पर फोटो और लोकेशन अपलोड कर सकते हैं। यह शिकायत सीधे संबंधित इंजीनियर के पास जाएगी। सड़क सुधारने के बाद इंजीनियर को उसी स्थान की फोटो अपलोड करनी होगी, जिसे शिकायतकर्ता रियल-टाइम में चेक कर सकेगा।
रूट प्लानर और वैकल्पिक मार्ग की सुविधा
यह ऐप एक बेहतरीन रूट प्लानर के रूप में काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले लोग देख सकेंगे कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग कौन से हैं। इसके साथ ही, ऐप मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे यात्रियों को पता चल सकेगा कि आगे का रास्ता साफ है या नहीं।
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आपातकालीन स्थिति में SOS की ताकत
सफर के दौरान किसी भी अचानक जरूरत या आपात स्थिति के लिए ऐप में हेल्पलाइन और SOS की सुविधा दी गई है। यह यात्रियों को तुरंत त्वरित सहायता दिलाने में मदद करेगा। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।
SOS क्या है और यह कैसे काम करता है?
तुरंत अलर्ट: अगर सफर के दौरान आपकी गाड़ी खराब हो जाए, एक्सीडेंट हो जाए या आप असुरक्षित महसूस करें, तो इस बटन को दबाते ही आपकी लाइव लोकेशन कंट्रोल रूम या संबंधित हेल्पलाइन को मिल जाती है।
त्वरित सहायता: SOS फीचर का मुख्य उद्देश्य कम से कम समय में पुलिस, एम्बुलेंस या मैकेनिक जैसी जरूरी मदद आप तक पहुँचाना है।
हेल्पलाइन का एकीकरण: यह बटन सीधे सरकारी हेल्पलाइन नंबरों से जुड़ा होता है, ताकि आपको संकट के समय अलग-अलग नंबर याद न रखने पड़ें।
Sootr Knowladge
लोकपथ 2.0 का सही लाभ उठाने के लिए इन अहम बातों का ध्यान रखें।
- आप खराब सड़क की शिकायत कर रहे हैं, तो फोटो उसी समय खींचकर अपलोड करें।
- ऐप में ब्लैक स्पॉट अलर्ट तभी काम करेगा जब आपके फोन का GPS/Location हमेशा ON होगा।
- आपातकालीन SOS सुविधा का उपयोग करने के लिए मोबाइल में डेटा (Internet) सक्रिय होना चाहिए।
आगे क्या
लोकपथ 2.0 के बाद इंजीनियरों की सीधी जवाबदेही तय होगी। ऐप में फोटो अपलोड होने का मतलब है कि विभाग के पास अब लिखित सबूत है।
ब्लैक स्पॉट का 500 मीटर पहले वॉयस अलर्ट मिलना उन लोगों की जान बचाएगा जो अनजान रास्तों पर तेज रफ्तार से चलते हैं।
जब यात्रियों को ऐप पर भरोसेमंद रूट प्लानर, पेट्रोल पंप, होटल और मौसम की सटीक जानकारी मिलेगी, तो मध्य प्रदेश में पर्यटन बढ़ेगा। लोग दूर-दराज के पर्यटन स्थलों तक जाने में हिचकेंगे नहीं।
निष्कर्ष
लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ मध्य प्रदेश में स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह ऐप सरकारी कामकाज की फाइलों और जमीन की हकीकत के बीच के अंतर को खत्म करेगा।
फोटो आधारित शिकायत और टाइम लिमिट के कारण अब इंजीनियरों को तय समय में जवाब देना ही होगा। गूगल मैप से एक कदम आगे बढ़कर ब्लैक स्पॉट का वॉयस अलर्ट और SOS फीचर इस ऐप को केवल एक नेविगेशन टूल नहीं, बल्कि एक लाइफ सेवर (जीवन रक्षक) ऐप बनाता है।
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