सहकारी आवास समिति में भ्रष्टाचार: रिटायर्ड IAS आरबी प्रजापति ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मध्यप्रदेश की सहकारी आवास समितियों में चुनाव न कराने के कारण करोड़ों का भ्रष्टाचार हो रहा है। रिटायर्ड आईएएस ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की अपील की है।

author-image
The Sootr
New Update
cooperative housing societies

Photograph: (THESOOTR)

Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

मध्यप्रदेश में सहकारी आवासीय समितियों में चुनाव न होने के कारण भ्रष्टाचार बढ़ने का मामला सामने आया है। रिटायर्ड आईएएस आरबी प्रजापति ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। पत्र में बताया गया है कि कैसे सहकारी समितियों के चुनावों में देरी हो रही है। इसके कारण प्रशासक समितियों के फंड का दुरुपयोग कर रहे हैं।

मप्र सहकारी सोसाइटी नियम

मप्र सहकारी सोसाइटी नियम 1962 के तहत, सहकारी समितियों के संचालक मंडल का चुनाव समय पर कराना अनिवार्य है। नियम 49 (ग) के तहत निर्वाचन अधिकारी का यह दायित्व है कि वह समय पर चुनाव कराएं। लेकिन इस नियम का पालन नहीं हो रहा है, और चुनाव की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की जा रही है।

भ्रष्टाचार के कारण...

  • निर्वाचन में देरी: चुनाव में देरी के कारण प्रशासक को समितियों का कार्यभार सौंपा जाता है।
  • फंड का दुरुपयोग: प्रशासक इन समितियों के फंड का मनमाने तरीके से उपयोग करते हैं।
  • कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन: चुनाव के लिए जरूरी प्रक्रिया को नजरअंदाज किया जा रहा है।

प्रशासक का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार

जब संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त होता है, तो सहकारी समितियों के प्रशासकों को कार्यभार सौंपा जाता है। हालांकि, जब तक चुनाव नहीं होते, तब तक प्रशासक अपनी मनमानी करते हैं। मप्र सहकारी सोसाइटी अधिनियम की धारा 49 (7)(ख) के तहत, यदि छह महीने में चुनाव नहीं होते तो राज्य सरकार को हस्तक्षेप करना होता है। लेकिन इस अवधि के बावजूद, प्रशासक चुनाव नहीं कराते और इस स्थिति का लाभ उठाकर भ्रष्टाचार करते हैं।

ये खबर भी पढ़ें...

चार महीने की चुप्पी के बाद हरकत में बीजेपी! अब जिलाध्यक्षों की मजबूरी में तैयारी

घटिया प्रबंधन और अनियमितताएं...

  • सदस्यों की सूची में देरी: चुनाव के लिए जरूरी सूची समय पर निर्वाचन अधिकारी को नहीं भेजी जाती।
  • आम सभा की अनदेखी: समितियों की आम सभा आयोजित नहीं की जाती, जिससे सदस्यों से अनुमोदन नहीं लिया जाता।
  • प्रशासनिक अनदेखी: उच्च अधिकारियों से शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।

ये खबर भी पढ़ें...

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के कथित अवैध निर्माण पर रोक और ध्वस्त करने की मांग खारिज

आईएएस अधिकारी द्वारा की गई शिकायत

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा और अन्य सदस्यों द्वारा की गई शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने उल्लेख किया कि जिस सोसाइटी के वे सदस्य हैं, वहां पिछले 23 महीनों से प्रशासक द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। अधिकारियों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के कारण समितियों के फंड का दुरुपयोग हो रहा है।

ये खबर भी पढ़ें...

Top News : खबरें आपके काम की

समस्याओं का समाधान...

  • समय पर चुनाव: चुनाव अधिकारी को समय पर चुनाव कराना चाहिए, ताकि प्रशासक के हाथों भ्रष्टाचार न हो।
  • प्रशासनिक हस्तक्षेप: राज्य सरकार को ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो चुनावों को जानबूझकर रोकते हैं।
  • सभी समितियों की सूची: राज्य सरकार को सभी सहकारी आवास समिति की सूची तैयार करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव समय पर कराए जाएं।

ये खबर भी पढ़ें...

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें

समाधान और सुझाव

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आरबी प्रजापति ने अपनी शिकायत में यह भी सुझाव दिया है कि सहकारी निर्वाचन पद पर किसी सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया जाए। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।

  • निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव: राज्य सरकार को चुनाव प्रक्रिया को सही तरीके से संपन्न कराना चाहिए।
  • कार्रवाई का अभाव: प्रदेश के अधिकारियों को भ्रष्टाचार की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

भ्रष्टाचार चुनाव आरबी प्रजापति सहकारी आवास समिति
Advertisment