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News in Short
- भोपाल जिला अदालत ने राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत को नियमित जमानत दी।
- शिकायतकर्ता ने अदालत में आरोपी की पहचान को बताया गलत।
- पारिवारिक विवाद और भीड़ की गलत जानकारी का दिया गया हवाला।
- आरोपी पर देश के कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले।
- जमानत के बावजूद आगे अन्य मामलों में अब भी लटकी है कार्रवाई की तलवार।
News in Detail
कुख्यात आरोपी आबिद अली उर्फ राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत को भोपाल की जिला अदालत से जमानत मिल गई है। यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि अदालत में शिकायतकर्ता के पलटने के बाद आरोपी को राहत मिली। हालांकि, देश के कई राज्यों में दर्ज गंभीर मामलों के चलते रहमान डकैत की कानूनी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं।
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जिला अदालत का आदेश बना चर्चा का विषय
भोपाल की जिला अदालत ने कुख्यात आरोपी आबिद अली उर्फ राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत (rehman dakait ) को जमानत दी है। अदालत ने यह आदेश ऐसे समय में दिया, जब आरोपी वर्षों की पुलिस मेहनत के बाद हाल ही में पकड़ा गया था। शिकायतकर्ता के अदालत में पलट जाने के बाद आए इस फैसले ने न सिर्फ पुलिस बल्कि आम लोगों को भी हैरान कर दिया है।
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क्या था भोपाल का पूरा मामला
थाना निशातपुरा में अपराध क्रमांक 963/2025 दर्ज किया गया। राजू ईरानी पर मारपीट, गाली-गलौज, आगजनी और धमकी के आरोप हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
शिकायतकर्ता के बयान ने बदली पूरी तस्वीर
सुनवाई के दौरान मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब स्वयं फरियादिया अदालत में पेश हुई। शपथपत्र देकर आरोपी की जमानत पर अनापत्ति जताई। फरियादिया ने कहा कि आरोपी उसका करीबी रिश्तेदार है। घटना के समय भीड़ के बीच किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गलत नाम बताए जाने के कारण उसकी पहचान गलत हो गई थी। उसने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी वास्तव में घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था।
अदालत ने इन आधारों पर दी जमानत
अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी 11 जनवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में है। अब जांच के लिए उसकी आवश्यकता नहीं है। साथ ही यह भी माना गया कि प्रकरण के विचारण में लंबा समय लग सकता है। आरोपी का यह पहला जमानत आवेदन है। इन्हीं आधारों पर 15 हजार रुपए के निजी मुचलके और समान राशि की जमानत पर रिहाई के आदेश दिए गए।
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अन्य राज्यों के मामलों से बढ़ी चिंता
भोपाल में राजू ईरानी को राहत मिली है। हालांकि, उस पर देश के कई राज्यों में लूट, धोखाधड़ी और अन्य अपराध दर्ज हैं। जमानत के बावजूद उसकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अन्य राज्यों की एजेंसियां भी उस पर नजर बनाए हुए हैं।
फैसले पर हो रहा अचरज
जिला अदालत में शिकायतकर्ता के पलटने के बाद फैसले ने कई सवाल खड़े किए हैं। आरोपी को पकड़ने में वर्षों लगे, फिर भी उसे जल्द जमानत मिलना पुलिस की कमजोर जांच को उजागर करता है। इस पर पुलिस महकमे और जनता में चर्चा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कानून आगे क्या रुख अपनाएगा।
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