पिता ने अपनी तीन मासूम बेटियों को समोसा खिलाने के बहाने खिलाया जहर, खुद भी कर ली आत्महत्या

Reena Sharma Vijayvargiya | May 14, 2025, 10:06 IST
Share
The sootr
The sootr

मध्यप्रदेश के दमोह जिले के हटा ब्लॉक के मुहरई गांव में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसने हर किसी का दिल तोड़ दिया। एक पिता ने अपनी ही तीन मासूम बेटियों – 7 वर्षीय महक, 5 वर्षीय खुशी और 1 वर्षीय खुशबू को जहर दे दिया और खुद भी इस घातक कदम उठाया।

MP News : मध्यप्रदेश के दमोह जिले के हटा ब्लॉक के मुहरई गांव में दिल दहला देने वाला आत्महत्या का मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपनी ही तीन मासूम बेटियों :— 7 वर्षीय महक, 5 वर्षीय खुशी और 1 वर्षीय खुशबू को ज़हर देने के बाद खुद भी ज़हर खा लिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही चारों की मौत हो गई। यह घटना उस समय सामने आई जब मृतक विनोद अपनी पत्नी और बेटियों के साथ ससुराल में शादी समारोह में शामिल होने आया था।

खबर यह भी : बिलासपुर में युवा व्यापारी की आत्महत्या का मामला, सूदखोर पार्षद और सरपंच के खिलाफ FIR दर्ज

ऐसे दिया घटना को अंजाम:-

समोसे के बहाने मौत की साजिश

घटना मंगलवार की सुबह की है। विनोद ने अपनी पत्नी से कहा कि वह बेटियों को समोसा खिलाने ले जा रहा है। उसने पड़ोसी की बाइक ली और बच्चियों को लेकर चला गया। देर तक जब वे नहीं लौटे, तो खोजबीन शुरू हुई। कुछ घंटे बाद गांव वालों ने बताया कि तालाब के पास चारों बेसुध हालत में पड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक चारों की जान जा चुकी थी।

खबर यह भी : AIIMS भोपाल के फर्स्ट ईयर के छात्र ने की आत्महत्या, नहीं बनना चाहता था डॉक्टर

हरियाणा से था मृतक

मृतक विनोद मूल रूप से हरियाणा के भिवानी जिले के बिडोला गांव का निवासी था। उसकी पत्नी जूली अहिरवाल अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए दमोह आई थीं।

खबर यह भी : राजस्थान के फलोदी में मां-बाप ने तीन बच्चों की हत्या करने के बाद की आत्महत्या की कोशिश

शराब की लत और मानसिक स्थिति

जूली ने बताया कि शादी के दिन विनोद ने शराब पीकर जमकर हंगामा किया था, जिसके कारण उसे बारात में जाने नहीं दिया गया। इसके बाद भी वह दो-तीन दिन तक शराब के नशे में रहा। हालांकि परिजनों के समझाने पर वह शांत हो गया था। उसकी सास के अनुसार, वह अक्सर शराब के नशे में रहता था और बिना कारण झगड़ा करता था।

खबर यह भी : आशा कार्यकर्ता को मिली आत्महत्या रोकने की जिम्मेदारी, घर-घर जाकर करेंगी जांच

नहीं मिला सुसाइड नोट

घटना की सूचना मिलते ही हटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के पीछे का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।

Suicide Case | Madhya Pradesh | Death Case

Tags:
  • Madhya Pradesh
  • मध्यप्रदेश
  • दमोह
  • Suicide Case
  • आत्महत्या
  • पिता
  • Children
  • Death Case
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं