AIIMS भोपाल के फर्स्ट ईयर के छात्र ने की आत्महत्या, नहीं बनना चाहता था डॉक्टर
Reena Sharma Vijayvargiya | May 13, 2025, 09:44 IST
The sootr
नीट में 710 अंक लाने वाले एम्स भोपाल के फर्स्ट ईयर के छात्र उत्कर्ष हिंगने ने मानसिक दबाव के कारण पुणे में आत्महत्या कर ली। उनका यह दुखद कदम मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
MP News : एम्स भोपाल के फर्स्ट ईयर के छात्र उत्कर्ष हिंगने ने पुणे में आत्महत्या कर ली। उनके शव को पुणे के कॉलेज के बाथरूम में पाया गया। यह घटना उस समय घटी जब वह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पुणे गए थे, जिसमें पूरे देश के मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल थे। यह घटना शिक्षा व्यवस्था में मानसिक स्वास्थ्य के बढ़ते मुद्दों को उजागर करती है, और यह चिंताजनक सवाल उठाती है कि क्या उच्च शिक्षा का दबाव विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
खबर यह भी : एम्स भोपाल में 5 महीने की मासूम के पेट में मिला 300 ग्राम का भ्रूण, डॉक्टरों ने 3 घंटे चले ऑपरेशन में निकाला
महाराष्ट्र के बीड़ में रहने वाले उत्कर्ष हिंगने का एक बड़ा दबाव उनके पिता द्वारा डाला गया था। उनके पिता, जो खुद एक डॉक्टर थे, ने उत्कर्ष को डॉक्टर बनने के लिए मजबूर किया, जबकि वह डॉक्टर नहीं बनना चाहता था। एम्स भोपाल में प्रवेश लेने के बाद भी उनका मन इस पेशे में नहीं लगता था और वह गुमसुम और तनाव में रहते थे। कुछ समय पहले ही उन्हें मानसिक वार्ड में भर्ती किया गया था, लेकिन यह मानसिक स्थिति उनके आत्महत्या तक पहुंचने की वजह बनी।
खबर यह भी : एम्स भोपाल भर्ती घोटाला : अयोग्य डॉक्टरों को दी नियुक्ति और प्रमोशन, इस तरह हुआ खुलासा
आत्महत्या से पहले का
उत्कर्ष ने आत्महत्या से कुछ दिन पहले अपने वाट्सऐप स्टेटस पर एक सुसाइड नोट डाला था। इसके अलावा, उन्होंने ऑनलाइन एक चाकू भी मंगाया था, जो उनकी मानसिक स्थिति और तनाव को दिखाता है।
खबर यह भी : प्रेमिका के परिजनों की प्रताड़ना से टूटा डॉक्टर, 11 पेज का सुसाइड नोट लिखकर की आत्महत्या
उत्कर्ष ने नीट परीक्षा में 720 में से 710 अंक प्राप्त किए थे, जो उनकी बौद्धिक क्षमता को दर्शाता है। हालांकि, उनके पास एक उज्जवल भविष्य था, लेकिन मानसिक दबाव ने उन्हें इस दुखद कदम तक पहुंचा दिया। उनका भाई भी एमबीबीएस कर रहा था, जो और अधिक दबाव का कारण हो सकता है।
खबर यह भी : राजस्थान के फलोदी में मां-बाप ने तीन बच्चों की हत्या करने के बाद की आत्महत्या की कोशिश
यह घटना उन लाखों छात्रों के लिए एक चेतावनी है, जो उच्च शिक्षा के दौरान मानसिक दबाव और तनाव का सामना करते हैं। आजकल के विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। शिक्षा संस्थाओं को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए, जैसे कि काउंसलिंग सेवाओं की उपलब्धता, और एक ऐसा वातावरण बनाना जहां छात्र अपने भावनात्मक मुद्दों को साझा कर सकें।
एमबीबीएस छात्र आत्महत्या
खबर यह भी : एम्स भोपाल में 5 महीने की मासूम के पेट में मिला 300 ग्राम का भ्रूण, डॉक्टरों ने 3 घंटे चले ऑपरेशन में निकाला
मानसिक तनाव और दबाव
खबर यह भी : एम्स भोपाल भर्ती घोटाला : अयोग्य डॉक्टरों को दी नियुक्ति और प्रमोशन, इस तरह हुआ खुलासा
आत्महत्या से पहले का सुसाइड नोट
खबर यह भी : प्रेमिका के परिजनों की प्रताड़ना से टूटा डॉक्टर, 11 पेज का सुसाइड नोट लिखकर की आत्महत्या
नीट परीक्षा में सफलता
खबर यह भी : राजस्थान के फलोदी में मां-बाप ने तीन बच्चों की हत्या करने के बाद की आत्महत्या की कोशिश
मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी
एमबीबीएस छात्र आत्महत्या
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari