दमोह के हटा का नाम होगा शिवकाशी: सीएम मोहन यादव ने दी 450 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
Pawan Modiya | Mar 12, 2026, 24:18 IST
Photograph: (the sootr)
दमोह के हटा का नाम शिवकाशी करने का एलान। सीएम मोहन यादव ने 450 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी और गौरीशंकर मंदिर की आस्था को बताया कारण। हटा से शिवकाशी नाम परिवर्तन से क्षेत्र की धार्मिक पहचान मजबूत हो सकती है।
मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बड़ा प्रशासनिक और सांस्कृतिक फैसला सामने आया है। CM डॉ. मोहन यादवने दमोह के हटा नगर (Hatta Town) का नाम बदलकर शिवकाशी (Shivkashi) करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा हटा में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 450 करोड़ रु. के विकास कार्यों (Development Projects) का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और महिला समूहों की भागीदारी देखने को मिली।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह निर्णय केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और विकास को नए रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास भी माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि हटा नगर को शिवकाशी नाम देने का निर्णय यहां स्थित प्रसिद्ध गौरीशंकर मंदिर की आस्था और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए लिया गया है।
हटा क्षेत्र में स्थित Gaurishankar Temple को स्थानीय लोगों की गहरी धार्मिक आस्था का केंद्र माना जाता है। मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश और क्षेत्र की खुशहाली की कामना भी की। उन्होंने कहा कि शिवकाशी नाम इस क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और मजबूत करेगा और भविष्य में यह स्थान धार्मिक पर्यटन के रूप में भी विकसित हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान लगभग 450 करोड़ रुपये के 13 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन विकास परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।
प्रमुख विकास
मुख्यमंत्री मोहन यादव हटा में आयोजित महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम (Women Empowerment Program) में शामिल होने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं और बेटियों के विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा:
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति में भारत माता और जननी की पूजा का विशेष महत्व है और इसी भावना के साथ राज्य सरकार महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकार विरासत से विकास (Heritage to Development) के सिद्धांत पर काम कर रही है। इसका अर्थ है कि प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को संरक्षित करते हुए उन्हें विकास और पर्यटन से जोड़ना।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल Indian National Congress पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से जनता को लगातार लाभ मिल रहा है और यही वजह है कि विपक्ष को इससे परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में विकास और जनकल्याण की योजनाएं तेज गति से आगे बढ़ रही हैं।
यह खबरें भी पढ़िए...
सियासी बयानबाजी से अदालत तक पहुंचा विवाद खत्म, जबलपुर कोर्ट से शिवराज सिंह चौहान सहित तीन नेताओं को राहत
महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड से शादी की, पिता से बताया खतरा
दमोह के खली का अमेरिका गॉट टैलेंट में भाग लेने का सपना अधूरा, वीजा खारिज
क्या राजनीति छोड़ रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह? सोशल मीडिया पर शेयर किया रिटायरमेंट प्लान
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा हटा में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 450 करोड़ रु. के विकास कार्यों (Development Projects) का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और महिला समूहों की भागीदारी देखने को मिली।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह निर्णय केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और विकास को नए रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास भी माना जा रहा है।
हटा से शिवकाशी: नाम परिवर्तन का ऐतिहासिक फैसला
गौरीशंकर मंदिर से जुड़ी आस्था
450 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
प्रमुख विकास परियोजनाएं
- सड़क और पुल निर्माण
- जल आपूर्ति योजनाएं
- शहरी विकास परियोजनाएं
- शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्य
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आधारभूत ढांचा
महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा:
जहां बेटियां जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक पूजी जाती हैं, वह हमारा मध्य प्रदेश है।
विरासत से विकास का मंत्र
विरासत से विकास की प्रमुख पहल
- ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण
- धार्मिक पर्यटन का विकास
- स्थानीय रोजगार के अवसर
- सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा
कांग्रेस पर साधा निशाना
यह खबरें भी पढ़िए...
सियासी बयानबाजी से अदालत तक पहुंचा विवाद खत्म, जबलपुर कोर्ट से शिवराज सिंह चौहान सहित तीन नेताओं को राहत
महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड से शादी की, पिता से बताया खतरा
दमोह के खली का अमेरिका गॉट टैलेंट में भाग लेने का सपना अधूरा, वीजा खारिज
क्या राजनीति छोड़ रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह? सोशल मीडिया पर शेयर किया रिटायरमेंट प्लान
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava