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News in Short
- यूनियन कार्बाइड (Union Carbide ) हादसे के क्रिमिनल केस की सुनवाई भोपाल कोर्ट में टल गई।
- सीबीआई के वकील की फ्लाइट दिल्ली में घने कोहरे के कारण लेट हुई।
- डाउ के वकील ने सीबीआई की अनुपस्थिति का फायदा उठाया।
- 23 फरवरी को अंतिम बहस के लिए नई तारीख तय की गई।
- केस में डाउ के वकील ने विदेशी कंपनी के तर्कों का सहारा लिया है।
News in Details
BHOPAL. यूनियन कार्बाइड हादसे के क्रिमिनल केस पर भोपाल कोर्ट में होने वाली सुनवाई सोमवार को टल गई। अंतिम बहस में यूनियन कार्बाइड और सीबीआई को शामिल होना था। दिल्ली में घने कोहरे की वजह से फ्लाइट लेट होने से सीबीआई के वकील समय पर कोर्ट नहीं पहुंच सके। उनके लेट होने पर कार्बाइड के वकीलों ने फायदा उठाया और सुनवाई एक बार फिर टल गई।
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डाउ के अधिकार क्षेत्र पर चल रहा केस
जेएमएफसी कोर्ट में भोपाल गैस त्रासदी के क्रिमिनल केस में डाउ केमिकल्स के अधिकार की सुनवाई जारी है। सोमवार को जेएमएफसी हेमलता अहिरवार के कोर्ट में 11 बजे से अंतिम बहस शुरू होनी थी। डाउ केमिकल्स के वकील और गैस पीड़ित पक्ष तय समय पर कोर्ट पहुंचे।
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कोर्ट से कहा, धुंध के कारण लेट हुई फ्लाइट
अंतिम बहस से पहले जज ने सीबीआई के वकील की गैरहाजिरी पर पूछा। बताया गया कि दिल्ली में घने कोहरे के कारण फ्लाइट लेट हो गई थी। इस वजह से सीबीआई के वकील समय पर कोर्ट नहीं आ सके। सीबीआई पक्ष 12.30 बजे के बाद कोर्ट में हाजिर होंगे। डाउ के वकील सीबीआई के वकील की अनुपस्थिति में बार-बार अंतिम बहस की मांग कर रहे थे। उन्होंने कोर्ट को दोपहर 2 बजे दिल्ली वापसी की फ्लाइट छूटने की दलील दी।
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अब 23 फरवरी को बहस का आखिरी मौका
दिल्ली में घने कोहरे की वजह से भोपाल में सुनवाई टालने के बाद अंतिम बहस के लिए 23 फरवरी की तारीख तय की गई है। इस दिन कोर्ट सीबीआई, डाउ केमिकल्स और गैस पीड़ित पक्ष की सुनवाई करेगा। भोपाल कोर्ट में इस केस की सुनवाई अधिकार क्षेत्र के दायरे में है या नहीं।
अंतिम बहस में तथ्य, साक्ष्य और गवाहों के बयानों से केस की मजबूती और दिशा तय हो जाएगी। हालांकि पहले भी अधिकार क्षेत्र को लेकर डाउ केमिकल्स का पक्ष कमजोर साबित हो चुका है। डाउ के वकील कंपनी विदेशी होने की दलीलों के सहारे इन केसों की सुनवाई टालते आ रहे हैं। अब मामला अंतिम मोड़ पर पहुंच गया है।
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