देवास विधायक गायत्री राजे पंवार को झटका, 1239 करोड़ की संपत्ति विवाद में जिला कोर्ट का स्टे

Sanjay Gupta | Jul 12, 2024, 19:52 IST
Share
THESOOTR
THESOOTR

मध्यप्रदेश के देवास में विधायक गायत्री राजे पंवार को 1239 करोड़ की संपत्ति विवाद में जिला कोर्ट से झटका लगा है। इस आदेश से इंदौर के बिल्डर भी उलझ गए हैं, जिन्होंने इन विवादित संपत्तियों को लेकर महारानी के साथ डील कर प्रोजेक्ट शुरू कर दिए थे...

देवास महारानी और विधायक गायत्री राजे पंवार को जिला कोर्ट से झटका लगा है, वह भी 1239 करोड़ की संपत्ति विवाद में। स्वर्गीय महाराज तुकोजीराव पंवार की बहन (गायत्री की ननद) शैलजा राजे पंवार द्वारा लगाए गए संपत्ति विवाद में जिला कोर्ट ने संपत्तियों को लेकर स्टे जारी कर दिया है। यानी कि इनकी खरीदी-बिक्री नहीं होगी और ना ही कोई अन्य काम होगा। इस आदेश से इंदौर के बिल्डर भी उलझ गए हैं, जिन्होंने इन विवादित संपत्तियों को लेकर महारानी के साथ डील कर प्रोजेक्ट शुरू कर दिए थे।

केस में यह सभी थे पार्टी

शैलजा राजे पंवार द्वारा साल 2021 में लगाए गए वाद में गायत्री राजे पंवार, विक्रम सिंह पंवार, कनिकाराजे पंवार, उत्तराराजे पाटनकर, देविकाराजे फाल्के, महाराज तुकोजीरावर पंवार धार्मिक एंड चेरिटेबल ट्रस्ट, महाराज कृष्णजीराव पंवार धार्मिक एंड चेरिटेबल ट्रस्ट, मप्र कलेक्टर देवास, कलेक्टर रतलाम, विकास भाउसाहेब व अन्य पक्षकार बनाए गए थे। इसमें सभी पक्षकार हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन सभी जगह मामले को जिला कोर्ट की ओर रैफर कर दिया गया। शैलजा राजे पंवार के अधिवक्ता मुदित महेश्वरी और विनय गांधी ने जिला कोर्ट में पक्ष रखा। महेशवरी ने बताया कि तर्को को 11 जुलाई को सुनवाई कर चतुर्थ जिला न्यायाधीश देवास यशपाल सिंह ने स्टे जारी कर दिया और सभी पक्षकारों को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।

ये खबर भी पढ़ें...

राहुल गांधी की तरह यूथ कांग्रेस ने शुरू की इंदौर से भोपाल तक पैदल यात्रा, पूर्व मंत्री वर्मा बोले- अब संघ, मोदीजी कहां हैं?

इंदौर के इन बिल्डर्स के प्रोजेक्ट पर पड़ेगा असर

इस विवाद के दौरान रीगल रायल्स स्केप्स इंदौर और अपोलो क्रिएशंस ग्रुप ने इनकी संपत्तियों पर कॉलोनी और मल्टी बनाने का करार कर लिया। इसके बाद इसे लेकर शैलजा पवार ने इस सौदे को अवैध बताते हुए सार्वजनिक सूचना भी जारी कर दी थी।

यह है रीगल और अपोलो ग्रुप के सौदे

रीगल रॉयल्स स्केप्स इंदौर में ओल्ड डेलियंस देवराज सिंह बडगरा, आशुतोष माहेशवरी, आदित्य बोराड, करण नरसरिया, प्रीति आसुदानी शामिल है। इन्होंने गायत्री राजे, उनके पुत्र विक्रम पवार और पुत्री कनिकाराजे की संपत्ति पर आनंद विलास कॉलोनी काटने का सौदा किया हुआ। उधर श्रीमंत महाराज तुकोजीराव पवार धार्मिक व परमार्थिक ट्रस्ट तर्फें विक्रम पवार ने पलासिया में प्लाट नंबर 2 जो (इस्लामिया करीमिया स्कूल के पीछे पलासिया) में हैं, वहां पर अपोलो क्रियशंस ने सौदा किया है जो निर्मल और अनिल अग्रवाल बंधुओं का है। यहां पर मल्टी बनाई जा रही है, काम भी जारी है। जबकि इस प्रोजेक्ट को स्वामित्व विवाद के चलते रेरा ने भी खारिज कर दिया है और मंजूरी नहीं जारी की गई है। यह 60 करोड़ रुपए से ज्यादा की जमीन पर प्रोजेक्ट है।

शैलजा राजे ने यह जारी की थी सूचना

शैलजा राजे ने इस मामले में अधिवक्ता मुदित माहेश्वरी के जरिए सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसमें दोनों सौदों को लेकर जानकारी देते हुए इसे अवैध बताया है। उन्होंने कहा कि संपत्ति को लेकर जिला कोर्ट देवास में केस दर्ज है। वहीं एक याचिका हाईकोर्ट में भी दायर की गई है। यह याचिक मुख्य रूप से शैलजाराजे पवार ने मप्र शासन, टीएंडसीपी, गायत्री पवार, विक्रम पवार, कनिका राजे पवार, रीगल रायल स्केप्स के सभी कर्ताधर्तांओं के खिलाफ लगाई है।

देशभर में फैली है 1239 करोड़ की संपत्तियां

पवार परिवार की देशभर में फैली 1239 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा है। महाराज श्रीमंत कृष्णजीराव पावर के पुत्र तुकोजीराव और पुत्री शैलजा के साथ ही दो औऱ् बहन उत्तराराजे पंवार औऱ देविकाराजे पंवार। तुकोजीराव पंवार की पत्नी गायत्री देवी और पुत्र विक्रम सिंह, पुत्री कनिकाराज है। संपत्तियों को लेकर मुख्य दावा शैलजा ने लगाया हुआ है। तुकोजीराव के निधन के बाद गायत्री राजे और उनके पुत्र विक्रम इसकी देखभाल करते हैं। इस राजघराने की इंदौर, आलोट, जयपुर, पुणे सहित कई शहरों में जमीनें हैं। बताया जाता है कि महल की सफाई के वक्त वसीयत सामने आई थी। इसी वसीयत के खिलाफ शैलजा है और उनका पक्ष है कि हक मांगे जाने के वक्त से पिता कृष्णाराव पवार की एकदम से वसीयत सामने आना शंका पैदा करने वाला है। तुकोजीराव और कृष्णाराव ने अपने जीवनकाल में किसी वसीयत का उल्लेख नहीं किया था। यह फर्जी तरीके से बनवाई गई है।

शपथपत्र में गायत्री देवी ने इतनी बताई संपत्ति

विधानसभा चुनाव के दौरान बताए गए शपथपत्र के अनुसार गायत्री राजे पवार के पास 20 लाख रुपए की हाथ में नकदी है, जबकि चल संपत्ति की कीमत 5 करोड़ 39 लाख रुपए से ज्यादा है। इसी प्रकार गायत्री राजे पवार के पास 32 करोड़ 45 लाख रुपए की विरासत में मिली अचल संपत्ति है। इनमें देवास में फार्म हाउस, कृषि भूमि, रतलाम जिले के आलोट में गढ़ी और पुणे की संपत्ति आदि शामिल है। इसके अलावा राज परिवार के पास कई वेयरहाउस भी हैं। गायत्री राजे पवार ने अपने शपथ पत्र में उल्लेख किया है कि साल 2023 में उनकी आमदनी 23 लाख 74,000 सालाना थी।

Tags:
  • भाजपा देवास विधायक
  • गायत्री राजे पंवार को झटका
  • 1239 करोड़ की संपत्ति विवाद
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई