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News In Short
- 23 जनवरी शुक्रवार को भोजशाला में पूजा और नमाज को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर।
- आठ हजार सुरक्षाकर्मियों, CRPF और RAF जवानों की तैनाती की जाएगी।
- भोज उत्सव समिति बिना रुकावट पूजा करना चाहती है, मुस्लिम समुदाय ने भी नमाज की अनुमति मांगी।
- पुलिस ने कड़ी सुरक्षा और निगरानी की योजना बनाई है।
- 2016 में भी विवाद हुआ था, प्रशासन अब शांति बनाए रखने के लिए तैयार है।
News In Detail
MP News. भोजशाला में 23 जनवरी शुक्रवार को होने वाले पूजा और नमाज के समय के टकराव को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इस दिन बसंत पंचमी और शुक्रवार दोनों पड़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। धार के आईजी अनुराग ने 13 जनवरी मंगलवार को सुरक्षा की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि भोजशाला और आसपास के क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
कड़ी सुरक्षा के इंतजाम
सांप्रदायिक तनाव से बचने के लिए प्रशासन ने आठ हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इनमें CRPF (Central Reserve Police Force) और RAF (Rapid Action Force) के जवान शामिल होंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे दिन पेट्रोलिंग की जाएगी और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से इलाके की निगरानी रखी जाएगी।
भोजशाला का इतिहास और दोनों समुदायों का दावा
यह विवादित स्थल 11वीं सदी का स्मारक है। इसे हिंदू समुदाय देवी सरस्वती के मंदिर के रूप में पूजता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमल मौला मस्जिद मानता है। 23 जनवरी को हिंदू पक्ष ने पूजा करने के लिए पूरी दिन की अनुमति मांगी है। वहीं मुस्लिम समुदाय ने शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी है। दोनों समुदायों के बीच यह विवाद पिछले 23 साल से चल रहा है। प्रशासन इस बार तनाव से बचने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है।
इंदौर रेंज के आईजी ने की सुरक्षा की समीक्षा
इंदौर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आईजी अनुराग ने मंगलवार को धार भोजशाला का दौरा किया। साथ ही सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने भोजशाला-कमल मौला मस्जिद का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस दिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होगी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। साथ ही शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोज उत्सव समिति के संरक्षक ने क्या कहा-
भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि, उनका लक्ष्य 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला में बिना किसी रुकावट के पूजा का आयोजन करना है। उन्होंने साफ तौर पर कहा, हम किसी भी हालत में भोजशाला परिसर को खाली नहीं करेंगे। हमने पहले भी इसे खाली नहीं किया था और अब भी नहीं करेंगे।
भोजशाला में पहले भी विवाद हुआ था
पिछले साल 2016 में भी बसंत पंचमी और शुक्रवार के दिन भोजशाला में पूजा और नमाज के समय विवाद उत्पन्न हुआ था। उस समय शहर में विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुई थीं। प्रशासन इस बार इन घटनाओं से बचने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
धार में भारी पुलिस बल तैनात
इंदौर रेंज आईजी (IG) अनुराग ने बताया कि 23 जनवरी को लगभग आठ हजार सुरक्षाकर्मी भोजशाला के आसपास तैनात होंगे। इसमें CRPF और RAF के जवान शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का फोकस सोशल मीडिया पर भी रहेगा और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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