धार भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश- ASI की रिपोर्ट ओपन हो, हाईकोर्ट करे सुनवाई
Sanjay Gupta | Jan 28, 2026, 22:59 IST
dhar bhojshala
धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने ASI की रिपोर्ट सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। पक्षकारों को दो सप्ताह का समय दिया जाएगा।
News In Short
- सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला के ASI द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट को खोलने का आदेश दिया।
- हाईकोर्ट को रिपोर्ट को अनसील कर सभी पक्षों को उसकी प्रतियां देने के लिए कहा गया।
- सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि रिपोर्ट के आधार पर दो सप्ताह में पक्षों को आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करने का समय मिले।
- उच्च न्यायालय को मामले की अंतिम सुनवाई के लिए तीन सप्ताह में सुनवाई करनी होगी।
- सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मामले की मेरिट पर कोई राय नहीं दी है और उच्च न्यायालय को निर्णय लेने का अधिकार दिया है।
News In Detail
धार भोजशाला में शांति से मनी बसंत पंचमी तो ड्यूटी के बाद पुलिस ने मनाया जश्न, जमकर झूमे जवान
इस आधार पर लगाई गई थी याचिका
इसी बीच मौलाना कमालउद्दीन वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। इसमें सामने आया कि सर्वेक्षण तो भोजशाला का हो गया है। ऐसे में अंतरिम आदेश हुए कि अभी रिपोर्ट को नहीं खोला जाए। हाईकोर्ट आगे सुनवाई नहीं करे। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर अहम आदेश जारी कर दिए हैं।
भोजशाला में पूजा शुरु, दोपहर में होगी नमाज, 8 हजार जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात
सीजेआई की तीन सदस्यीय बेंच के आदेश
हाईकोर्ट चीफ जस्टिस मध्यप्रदेश की अध्यक्षता वाली बेंच इसकी सुनवाई करे। फिर पीठ के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की बेंच द्वारा तीन सप्ताह की अवधि में सुनवाई की जाए।
- डिवीजन बेंच से अनुरोध है कि वह खुली अदालत में रिपोर्ट को अनसील करे। दोनों पक्षों को उसकी प्रतियां उपलब्ध कराए।
- इसके बाद, पक्षों को अपनी-अपनी आपत्तियां, राय, सुझाव और या सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जा सकता है।
- इसके बाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ अंतिम सुनवाई के लिए मामले को ले सकती है। अंतिम सुनवाई के समय पक्षों के सभी निवेदनों पर विधिवत विचार किया जा सकता है।
- रिट याचिका पर अंतिम निर्णय होने तक, भोजशाला सरस्वती मंदिर-सह-मौलाना कमल मौला मस्जिद के स्वरूप में परिवर्तन के संबंध में पक्षकार यथास्थिति बनाए रखेंगे।
- पक्षकार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक द्वारा दिनांक 07.04.2003 को जारी आदेश का पालन और कार्यान्वयन करते रहेंगा।
- यह स्पष्ट किया जाता है कि हमने मामले की मेरिट पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। पक्षों की ओर से उठाए गए सभी तर्क उच्च न्यायालय द्वारा उठाए जाने और विचार किए जाने के लिए खुले रखे गए हैं।
खिलजी के हमले में भोजशाला को हुआ नुकसान, अंग्रेज लंदन ले गए थे वाग्देवी की प्रतिमा
यह हमारी जीत है
याचिकाकर्ता आशीष गोयल धार ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देश के बाद भोजशाला में जो एएसआई द्वारा 98 दिन तक का सर्वे हुआ है। उसके आधार पर हाईकोर्ट सुनवाई कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करेगी।
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava