धार भोजशाला में शांति से मनी बसंत पंचमी तो ड्यूटी के बाद पुलिस ने मनाया जश्न, जमकर झूमे जवान

धार भोजशाला में शुक्रवार की बसंत पंचमी पर शांति कायम रही। प्रशासन की चौकस प्लानिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने डीजे पर जश्न मनाकर राहत की सांस ली।

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Sanjay Dhiman
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Basant Panchami celebrated peacefully in Dhar Bhojshala, police celebrated after duty

Photograph: (the sootr)

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NEWS IN SHORT

  • सफल आयोजन: धार भोजशाला में शुक्रवार की बसंत पंचमी बिना किसी विवाद के शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
  • पुलिस का जश्न: ड्यूटी के बाद जवानों ने राहत की सांस लेते हुए डीजे पर डांस किया।
  • कड़ी सुरक्षा: सुरक्षा के लिए 8000 जवानों सहित एआई और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल हुआ।
  • पूजा-नमाज: कोर्ट के आदेश पर गर्भगृह में अखंड पूजा और मस्जिद में नमाज संपन्न हुई।
  • प्रशासनिक प्लानिंग: 6-सेक्टर रणनीति और तीन महीने की बैठकों ने शहर में शांति कायम रखी।

NEWS IN DETAIL

Dhaar. धार जिले में 24 साल बाद शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व बेहद शांति और सामंजस्य के साथ संपन्न हुआ। इस बार का आयोजन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती था क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, भोजशाला में एक साथ पूजा और नमाज का आयोजन किया गया था। इस पर प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की और सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार का विवाद न हो। 

पूजा और नमाज की अलग-अलग व्यवस्थाएं

भोजशाला में इस बार हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गईं। हिंदू समाज ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की अखंड पूजा की, जबकि मुस्लिम समुदाय ने भोजशाला के संरक्षित परिसर के उत्तरी भाग में जुमे की नमाज अदा की। दोनों समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल था।

Dhar Bhojshala News: बसंत पंचमी पर भोजशाला में अखंड पूजा शुरू, जुमे की नमाज  को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम -amp

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पुलिस और प्रशासन का योगदान

इस आयोजन को सफल बनाने में पुलिस और प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका थी। धार जिले में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इस बार प्रशासन ने पुराने अनुभवों से सीख लेकर एक नई रणनीति बनाई थी, जिससे कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस कर्मियों ने आयोजन के बाद जश्न मनाने के लिए डीजे पर डांस भी किया, जिसका वीडियो भी सामने आया।

प्लानिंग के 5 बिंदु, जिनसे शांति बनी रही

  1. तीन महीने तक शांति समिति की बैठक: प्रशासन ने शांति समितियों की बैठकें की, जिनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों को शामिल किया गया।

  2. हिंदू-मुस्लिम संवाद: प्रशासन ने दोनों समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए कई बैठकें आयोजित की।

  3. अतीत से सीख: प्रशासन ने 2003, 2013 और 2016 के घटनाओं से सीखा और योजना को बेहतर किया।

  4. नई तकनीकों का इस्तेमाल: इस बार थ्री डी मेपिंग, एआई-लिडार और ड्रोन जैसी नई तकनीकों का उपयोग किया गया।

  5. फ्लैग मार्च और जवानों की तैनाती: बसंत पंचमी से पहले फ्लैग मार्च किया गया और शहर में 8000 जवान तैनात किए गए।

कलेक्टर प्रियंक मिश्र का बयान

धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने कहा, “इस बार का आयोजन शांतिपूर्वक तरीके से हुआ, और इसके लिए हम धार की जनता का आभार व्यक्त करते हैं।”

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विवाद और नाराजगी

हालांकि, मुस्लिम समुदाय की ओर से नमाज के स्थान को लेकर कुछ नाराजगी भी देखने को मिली, लेकिन प्रशासन ने इसे सुलझाते हुए शांति बनाए रखी।

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