दिग्विजय सिंह ने सिंधिया, यूका और शराबबंदी के मामले में सरकार को घेरा
Sanjay Gupta | Jan 25, 2025, 13:03 IST
दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने इंदौर में शराबबंदी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, और जीतू पटवारी के साथ समन्वय पर बयान दिए। उन्होंने गुजरात-बिहार में शराब होम डिलीवरी का भी जिक्र किया।
मप्र के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह शुक्रवार को इंदौर में थे और इस दौरान उन्होंने मीडिया के साथ खुलकर अपनी बात की और सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उनसे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, यूका कचरा पीथमपुर में जलने पर, शराबबंदी और जीतू पटवारी के साथ समन्वय पर भी बात हुई। इन सभी विषयों पर वह खुलकर बोले।
मप्र में शराबबंदी के पहले चरण को लेकर दिग्गी राजा ने कहा कि गुजरात पहला राज्य था और दूसरा बिहार, लेकिन दोनों ही जगह शराब आसानी से मिलती है और होम डिलेवरी होती है। धार्मिक स्थलों का सम्मान है लेकिन वहां पर तो जुआ भी चलता है और स्मैक भी बिकती है, वह भी क्या रोंकेगे। बीजेपी नेता के रिश्तेदार ही ठेके लते हैं।
वहीं यूका कचरा पीथमपुर लाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 40 साल से कचरा वहां था और किसी को कुछ नहीं हुआ, वहीं गाढ़ देते। यहां लाने का क्या मतलब था। सुना है कि वह जमीन किसी बिल्डर को देना है, इसलिए वहां की मिट्टी और कचरा यहां ले आए। इसके लिए यह बेचैनी है।
सवाल- सिंधिया सुना है बीजेपी में बैचेन है, क्या कांग्रेस में आ रहे?
दिग्गी- मुझे तो उनकी बेचैनी का नहीं पता और कांग्रेस में आने की बात तो वह आप तुलसीराम सिलावट से पूछिए।
सवाल- कांग्रेस में पटवारी के साथ समन्वय नहीं बैठ रहा है?
दिग्गी- मैंने ऐसी कोई बात नहीं बोली। मेरी 50 साल की राजनीति में किसी कांग्रेसी से कोई लड़ाई नहीं हुई, यहां तक कि बीजेपी और संघ वालों से भी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं हुई, हां वैचारिक लड़ाई जरूर रही लेकिन निजी कभी नहीं रही
सवाल- जीतू कांड पर कांग्रेस क्यों नहीं बोली?
दिग्गी- बीजेपी का पार्षद पिट रहा और बीजेपी नेता ही पीट रहा, इसमें कांग्रेस का कोई वास्ता नहीं, यदि किसी गरीब, निर्दोष की बात होती तो कांग्रेस मैदान पकड़ती। लगता है जो पिटा उसका आका कमजोर था और जिसने पीटा उसका आका मजबूत रहा होगा। यदि दोनों के आका मजबूत है तो दोनों को ही ठीक करना होगा।
सवाल- दिल्ली चुनाव में क्या कर रही कांग्रेस?
दिग्गी- दिल्ली में पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है दिल्ली में, नतीजों पर पता चलेगा
सवाल- इंदौर में जमीन पर कब्जे के लिए बाबा आंबेडकर की प्रतिमा लगाई थी?
दिग्गी- मैं वहां जाकर आया हूं, वहां तो आश्रम भी बना है मंदिर भी बना है, निजी आवास भी बने हैं. जिन्हें निगम ने नोटिस दिए थे, फिर उन्हें क्यों नहीं हटाया। बाबा आंबेडकर की प्रतिमा और संत रविदास ही क्यों नजर आए।
सवाल- वन नेशन वन इलेक्शन पर
दिग्गी- फेडरल व्यवस्था में यह संभव नहीं है, एक राज्य में बहुमत खोता है तो क्या मिड टर्म चुनाव नहीं होंगे।
गुजरात, बिहार में शराब की होती है होम डिलेवरी
यूका कचरा बिल्डर की जमीन देने का खेल
कांग्रेस के लिए जीत का यह फार्मूला
वहीं दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के लिए जीत का पांच 'स' का फार्मूला बताया। इसमें संपर्क, संवाद, समन्वय, सामंजस्य और सकारात्मक सोच है। हमें पहले मैदान में उतकर लोगों से संपर्क करना होगा, फिर उनसे संवाद करना होगा आमने-सामने बैठकर, मन की बात से काम नहीं चलेगा। फिर समन्वय करना होगा और सामंजस्य यानी सभी को साथ लेकर चलना होगा और फिर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। साथ ही बैलेट पेपर से चुनाव हो क्योंकि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा, वोटर लिस्ट भी गलत बनती है और बीजेपी वालों के एक से ज्यादा बूथ पर नाम होते हैं।
सिंधिया पर तुलसीराम सिलावट से पूछिए:-
पढ़ें दिग्विजय सिंह ने पूछे गए सवालों पर क्या दिए जवाब:
दिग्गी- मुझे तो उनकी बेचैनी का नहीं पता और कांग्रेस में आने की बात तो वह आप तुलसीराम सिलावट से पूछिए।
सवाल- कांग्रेस में पटवारी के साथ समन्वय नहीं बैठ रहा है?
दिग्गी- मैंने ऐसी कोई बात नहीं बोली। मेरी 50 साल की राजनीति में किसी कांग्रेसी से कोई लड़ाई नहीं हुई, यहां तक कि बीजेपी और संघ वालों से भी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं हुई, हां वैचारिक लड़ाई जरूर रही लेकिन निजी कभी नहीं रही
सवाल- जीतू कांड पर कांग्रेस क्यों नहीं बोली?
दिग्गी- बीजेपी का पार्षद पिट रहा और बीजेपी नेता ही पीट रहा, इसमें कांग्रेस का कोई वास्ता नहीं, यदि किसी गरीब, निर्दोष की बात होती तो कांग्रेस मैदान पकड़ती। लगता है जो पिटा उसका आका कमजोर था और जिसने पीटा उसका आका मजबूत रहा होगा। यदि दोनों के आका मजबूत है तो दोनों को ही ठीक करना होगा।
सवाल- दिल्ली चुनाव में क्या कर रही कांग्रेस?
दिग्गी- दिल्ली में पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है दिल्ली में, नतीजों पर पता चलेगा
सवाल- इंदौर में जमीन पर कब्जे के लिए बाबा आंबेडकर की प्रतिमा लगाई थी?
दिग्गी- मैं वहां जाकर आया हूं, वहां तो आश्रम भी बना है मंदिर भी बना है, निजी आवास भी बने हैं. जिन्हें निगम ने नोटिस दिए थे, फिर उन्हें क्यों नहीं हटाया। बाबा आंबेडकर की प्रतिमा और संत रविदास ही क्यों नजर आए।
सवाल- वन नेशन वन इलेक्शन पर
दिग्गी- फेडरल व्यवस्था में यह संभव नहीं है, एक राज्य में बहुमत खोता है तो क्या मिड टर्म चुनाव नहीं होंगे।
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