अदालत ने खारिज की दिग्विजय सिंह की अर्जी, RSS मानहानि केस खारिज करने से किया इनकार

ठाणे की अदालत ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के मानहानि मामले को खत्म करने की अर्जी खारिज कर दी है। दिग्विजय ने इसे बेमतलब बताया था, लेकिन कोर्ट ने मुकदमा जारी रखने का आदेश दे दिया है।

author-image
Aman Vaishnav
New Update
digvijay singh defamation case thane court rejects

अदालत ने खारिज की दिग्विजय सिंह की अर्जी

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस अर्जी में कहा था कि आरएसएस के स्वयंसेवक विवेक चंपानेरकर द्वारा दायर मानहानि मुकदमे को खत्म किया जाए।

सिंह ने इस मामले में यह तर्क दिया था कि वादी के पास मुकदमा करने का कोई अधिकार नहीं है।

वहीं सिविल जज आरबी खंडारे ने दिग्विजय की दलील को खारिज कर दिया और मुकदमा जारी रखने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने आरएसएस के खिलाफ जो आरोप लगाए, वो झूठे और बिना आधार के थे। इसलिए, इस मुकदमे को चलाने का पूरा आधार है।

साल 2023 से शुरु हुआ विवाद

असल में यह पूरा विवाद जुलाई 2023 में दिग्विजय सिंह द्वारा पूर्व आरएसएस प्रमुख गुरु गोलवलकर से जुड़े एक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ था।

वहीं बचाव पक्ष का कहना था कि यदि फरियादी का गोलवलकर गुरुजी से कोई सीधा संबंध नहीं है, तो वह उनके नाम से राहत कैसे मांग सकता है? इसके साथ ही कोर्ट फीस और स्टांप ड्यूटी में कमी का भी मुद्दा उठाया गया था।

सिविल जज ने आदेश में ये कहा

सिविल जज आरबी खंडारे ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले की शुरुआत 8 जुलाई 2023 को हुई थी। उस दौरान दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर आरएसएस के खिलाफ झूठे और बिना आधार के आरोप लगाए थे। 

इस दौरान अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के एक पुराने फैसले का भी जिक्र किया गया, जो राहुल गांधी के खिलाफ एक और स्वयंसेवक के मामले से जुड़ा था। 

कोर्ट ने साफ कहा कि आरएसएस एक 'निर्धारित निकाय' (Determinate Body) है। इसलिए इसका कोई भी सदस्य अगर आहत महसूस करता है, तो वह शिकायत दर्ज करा सकता है।

मुआवजे में मांगे इतने रुपए...

विवेक चंपानेरकर ने एडवोकेट आदित्य मिश्रा के जरिए अपनी याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने दिग्विजय सिंह से मुआवजे और हर्जाने के रूप में सिर्फ एक रुपए की मांग की है।

वादी का कहना है कि दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उनके संगठन की छवि को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई है। अदालत ने यह भी साफ किया कि सिर्फ कम कोर्ट फीस या अन्य चीजों के आधार पर इस केस को शुरूआत में खारिज नहीं किया जा सकता। अब इस मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी, जो दिग्विजय सिंह के लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती बन सकती है।

ये खबरें भी पढ़िए...

UGC के नए नियमों पर दिग्विजय सिंह का बयान, बोले- जरूरी सिफारिश को यूजीसी ने किया नजरअंदाज

बरैया बयान विवाद : दिग्विजय सिंह का खुला समर्थन, बीजेपी पर पलटवार

आरएसएसबी अध्यक्ष आलोक राज की इस पोस्ट ने युवाओं कर दिया मोटिवेट, जानिए कैसे

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- RSS भगवा को गुरु मानता है, लेकिन तिरंगे का बहुत सम्मान

बॉम्बे हाईकोर्ट सोशल मीडिया कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह सिविल जज आरएसएस प्रमुख गुरु गोलवलकर दिग्विजय सिंह
Advertisment