शहपुरा विधायक ने कलेक्टर पर लगाया विकास कार्यों को रोकने का आरोप, जानें डिंडौरी का घमासान
thesootr Desk | Aug 19, 2025, 16:30 IST
omprakash dhurve collector neha marvya
बीजेपी विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कलेक्टर पर ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार, विकास कार्यों में रुकावट और अधिकारियों की लापरवाही की बात कही है।
डिंडौरी जिले में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान बीजेपी के शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि जनसुनवाई में अधिकारियों की ओर से न तो आवेदनों पर तारीख लिखी जाती है और न ही समस्याओं का समाधान किया जाता है। साथ ही, उन्होंने कलेक्टर पर ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने ग्रामीणों से असंवेदनशील और अभद्र तरीके से पेश आते हैं। इस दौरान उन्होंने एक बैगा आदिवासी महिला, बुधिया बाई का उदाहरण दिया, जो अपने नाती की मौत के बाद सहायता राशि के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय के चक्कर लगा रही थीं। बुधिया बाई ने बताया कि वे एक महीने से मदद के लिए दर-दर भटक रही थीं, लेकिन जब वे विधायक के साथ कलेक्टर से मिलने गईं, तो उन्हें फटकार लगाई गई।
ये भी पढ़िए...डिंडौरी कलेक्टर नेहा मारव्या के इस आर्डर से मचा बवाल, विवाद के बाद बदला आदेश
इस दौरान ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर पर विकास कार्यों में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेहदवानी ब्लॉक में संदीपनी विद्यालय के निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया था। इसके अलावा नगर के सीवरेज लाइन का घटिया निर्माण काम कलेक्टर द्वारा फिर से शुरू करवा दिया गया, जिसे पहले जनप्रतिनिधियों ने रुकवा दिया था। विधायक ने कहा कि यह सब कलेक्टर की लापरवाही और निजी स्वार्थ का परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने ठेकेदार से मिलकर काम फिर से शुरू कराया, जबकि गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ था। यह आरोप क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
ये भी पढ़िए.. MP News: मध्य प्रदेश कांग्रेस जिला अध्यक्ष की लिस्ट पर मचा बवाल, जीतू पटवारी ने की डैमेज कंट्रोल की कोशिश
ओमप्रकाश धुर्वे ने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। विधायक ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने शिक्षकों के नियमों के खिलाफ कई स्थानांतरण और किए हैं, जिसे वे उचित नहीं मानते।
इसके अलावा एक अन्य मामले में एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी, जो डी.एड. और बी.एड. की डिग्री धारक हैं, उन्हें प्राथमिक शाला में अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था, लेकिन एक शिक्षक ने अपने रिश्तेदार को भर्ती कर लिया। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि विधायक ने इस शिकायत को भी मुख्यमंत्री के पास पहुंचाने की बात कही है।
ये भी पढ़िए... 20 से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों की मर्जिंग में विधायक-अफसरों के रिश्तेदार बने अड़चन, जानें पूरा मामला
इस विवाद ने कलेक्टर की कार्यशैली और जिले में प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ओमप्रकाश धुर्वे के आरोपों ने कलेक्टर आईएएस नेहा मारव्या के खिलाफ माहौल बना दिया है और यह मामले को और जटिल बना रहे हैं।
विकास कार्यों में रुकावट, अधिकारियों की लापरवाही और जनसुनवाई के दौरान समस्याओं का समाधान नहीं होना, यह सब ऐसे मुद्दे हैं जिनसे न केवल प्रशासन की छवि पर असर पड़ता है, बल्कि जनता का विश्वास भी डगमग होता है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
कलेक्टर पर ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार का आरोप
विधायक ने कलेक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह बैगा आदिवासी समुदाय के लोगों को डांट-फटकार कर उनका अपमान कर रही हैं, जो एक सरकारी अधिकारी के लिए बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कलेक्टर की जिम्मेदारी क्या है, यदि वह समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। क्या वह मुर्गा, बकरा खाने के लिए कलेक्टर बनी है? ऐसी कलेक्टर डिंडोरी जिले में रहने लायक नहीं है।
कार्यों में कलेक्टर पर रुकावट डालने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने ठेकेदार से मिलकर काम फिर से शुरू कराया, जबकि गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ था। यह आरोप क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
ये भी पढ़िए.. MP News: मध्य प्रदेश कांग्रेस जिला अध्यक्ष की लिस्ट पर मचा बवाल, जीतू पटवारी ने की डैमेज कंट्रोल की कोशिश
विधायक ने मुख्यमंत्री से शिकायत की बात की
इसके अलावा एक अन्य मामले में एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी, जो डी.एड. और बी.एड. की डिग्री धारक हैं, उन्हें प्राथमिक शाला में अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था, लेकिन एक शिक्षक ने अपने रिश्तेदार को भर्ती कर लिया। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि विधायक ने इस शिकायत को भी मुख्यमंत्री के पास पहुंचाने की बात कही है।
ये भी पढ़िए... 20 से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों की मर्जिंग में विधायक-अफसरों के रिश्तेदार बने अड़चन, जानें पूरा मामला
कलेक्टर की कार्यशैली और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
विकास कार्यों में रुकावट, अधिकारियों की लापरवाही और जनसुनवाई के दौरान समस्याओं का समाधान नहीं होना, यह सब ऐसे मुद्दे हैं जिनसे न केवल प्रशासन की छवि पर असर पड़ता है, बल्कि जनता का विश्वास भी डगमग होता है।
FAQ
- ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर पर कौन-कौन से आरोप लगाए?
ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर आरोप लगाया कि वे जनसुनवाई के दौरान समस्याओं का समाधान नहीं करतीं, ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार करती हैं और विकास कार्यों में रुकावट डालती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर ने अधिकारियों से मिलकर ठेकेदार को घटिया निर्माण कार्य फिर से शुरू करने की अनुमति दी। - कलेक्टर ने ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार कैसे किया?
ओमप्रकाश धुर्वे ने बताया कि एक बैगा आदिवासी महिला, बुधिया बाई ने अपनी सहायता राशि के लिए एक महीने से चक्कर लगाए थे, लेकिन जब वे कलेक्टर से मिलने गईं, तो कलेक्टर ने उन्हें फटकार लगाई और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया। - विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाने की योजना बनाई है?
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि वे इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। वे कलेक्टर की कार्यशैली और प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीरता से कार्रवाई की मांग करेंगे।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari