3.57 करोड़ के लोन घोटाले में इंदौर की यशास कंपनी, संचालक गुप्ता दंपती पर EOW की FIR

इंदौर EOW ने यशास कंपनी के संचालकों पर 3.57 करोड़ की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। बैंक लोन का पैसा व्यापार के बजाय दूसरी जगह ट्रांसफर करने के आरोप हैं।

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Sanjay Gupta
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FIR against Yashas company and director Gupta couple in loan scam of Rs 3.57 crore

Photograph: (the sootr)

NEWS IN SHORT

  • EOW ने 3.57 करोड़ के लोन घोटाले में यशास कंपनी और गुप्ता दंपती पर FIR दर्ज की।
  • कंपनी ने बैंक से 11.05 करोड़ का लोन लिया, लेकिन राशि का गलत इस्तेमाल किया।
  • बिना अनुमति के बंधक मशीनरी बेचने और अन्य फर्मों में लोन ट्रांसफर किया गया।
  • वन टाइम सेटलमेंट के बावजूद बैंक को 3.53 करोड़ और MPIDC को 4.95 लाख का नुकसान।
  • घोटाला दिसंबर 2013 से मार्च 2016 के बीच हुआ, जब बड़ी राशि का अवैध निकासी की गई। 

NEWS IN DETAIL

INDORE. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने 3.57 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में यशास एफआरपी मैन्युफैक्चरिंग पर एफआईआर दर्ज की है। कंपनी के साथ ही कंपनी के संचालक संजय गुप्ता और पत्नी शालिनी गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया है। 

यह है आरोप

कंपनी और संचालक पर आरोप है कि बैंक आफ बड़ौदा और मप्र औद्योगिक केंद्र विकास निगम के साथ यह धोखाधड़ी की गई है। कंपनी ने बैंक से 11.05 करोड़ का बैंक लोन व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लिया था, लेकिन यह बैंक लोन राशि व्यापार की जगह अन्य फर्मों में ट्रांसफर की गई। साथ ही बैंक के पास बंधक मशीन को बिना मंजूरी के ही बेच दिया। 

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वन टाइम सेटलमेंट के बाद भी राशि नहीं दी

वन टाइम सेटलमेंट के बाद बैंक को 3.53 करोड़ और मप्र औद्योगिक केंद्र विकास निगम को लीज रेंट की 4.95 लाख रुपए राशि का नुकसान हुआ। इस पर कंपनी और संचालक संजय गुप्ता, शालिनी गुप्ता पता 204, सेकंड फ्लोर मिलिंदा मेनोर, आरएनटी मार्ग पर केस आईपीसी दारा 409, 420 व 120बी के तहत केस दर्ज किया गया। 

इस दौरान हुआ घोटाला

यह घोटाला साल दिसंबर 2013 से मार्च 2016 के बीच किया गया। इस दौरान कैश क्रेडिट खाते से बड़ी मात्रा में राशि विड्रा की गई। वहीं 2.95 करोड़ की राशि निर्यात के लिए ली थी, लेकिन कोई निर्यात ही नहीं किया।

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