EOW की कार्रवाई : बार मालिक पर डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज

रीवा में ईओडब्ल्यू ने केनरा बैंक के साथ एक करोड़ 66 लाख 83 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने वाले बियर बार संचालक लाल बहादुर सिंह और उनके साथी पर मामला दर्ज किया है।

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Sanjay Dhiman
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EOW action in Rewa Case of fraud registered against bar owner Lal Bahadur Singh

Photograph: (the sootr)

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NEWS IN SHORT

  • ईओडब्ल्यू रीवा ने बियर बार संचालक लाल बहादुर सिंह पर केस दर्ज किया।
  • आरोपी ने बैंक को कुल एक करोड़ 66 लाख 83 हजार रुपए की आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
  • आरोपी ने बैंक में बंधक रखी संपत्तियों को बिना बताए अवैध रूप से बेचा।
  • आरोपी ने बैंक से हाउसिंग लोन और विभिन्न क्रेडिट सुविधाएं ली थीं।
  • पुलिस ने धोखाधड़ी और साजिश में आईपीसी की विभिन्न धाराएं लगाई हैं। 

NEWS IN DETAIL

BHOPAL. आर्थिक अपराध विंग (EOW) ने प्रमुख व्यापारी और कंपनी के प्रमुख लाल बहादुर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। उनकी कंपनी सैम्स एंटरप्राइजेस ने केनरा बैंक को एक करोड़ 66 लाख 83 हजार रुपए का नुकसान पहुंचाया है। शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की।

पुलिस जांच के मुताबिक, लाल बहादुर सिंह और उनके सहयोगियों ने इस धोखाधड़ी को बैंक लोन की प्रक्रिया में हेरफेर करके अंजाम दिया। इनकी कंपनी ने धोखाधड़ी से लोन दस्तावेजों में बदलाव किया और बैंक से ऐसे लोन प्राप्त किए थे जिन्हें कभी चुकाया नहीं गया। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने बैंक की शिकायत पर कार्रवाई की।

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ऐसे की गई धोखाधड़ी

जांच में यह सामने आया कि लाल बहादुर सिंह की कंपनी ने एक करोड़ 66 लाख 83 हजार रुपए का लोन केनरा बैंक से प्राप्त किया था, जो जाली दस्तावेजों के आधार पर लिया गया था।

कंपनी ने इन पैसों का दुरुपयोग किया और लोन की कोई अदायगी नहीं की। इसके कारण बैंक को भारी नुकसान हुआ। सिंह, जो कंपनी के निदेशक थे, पर बैंक अधिकारियों को धोखा देने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर करने के आरोप थे।

अन्य सहयोगियों की भूमिका

लाल बहादुर सिंह के अलावा उनके व्यापारिक सहयोगियों को भी जांच के दायरे में लाया गया है। इनमें शंकर दयाल पटेल भी शामिल हैं, जिन्होंने कंपनी के वित्तीय लेन-देन को संभाला था। उनकी यह गतिविधियां कई शहरों में फैली हुई थीं, जिससे व्यापक वित्तीय नुकसान हुआ। कंपनी की अवैध गतिविधियों को लंबे समय तक अनदेखा किया गया, जिससे धोखाधड़ी की गई।

जांच अभी भी जारी है और ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी से जुड़े कई संपत्तियों को जब्त कर लिया है। लाल बहादुर सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

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ईओडब्ल्यू का आधिकारिक बयान

ईओडब्ल्यू ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वे उन धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे जो बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग करते हैं। टीम इस मामले की जांच में तत्परता से जुटी हुई है और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी आरोपी न्याय के घेरे में आएं।

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