IAS दीपक सक्सेना के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी, ठगी की आशंका

मध्य प्रदेश के जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना के नाम पर ठगी की साजिश चल रही है। जालसाजों ने उनकी फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बना कर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है। इस फर्जी आईडी पर फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाकर इसे असली जैसा दिखाया गया है।

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Neel Tiwari
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IAS Deepak Saxena
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News In Short

  • मध्य प्रदेश जनसंपर्क आयुक्त IAS दीपक सक्सेना के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी सक्रिय हो गई है। 
  • हूबहू असली प्रोफाइल जैसी आईडी बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है। 
  • फर्जी आईडी में 3.7 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, ठगी की आशंका है। 
  • खुद दीपक सक्सेना ने आईडी को फर्जी बताया और कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
  • जनता से अपील: किसी भी तरह की राशि, ओटीपी या निजी जानकारी साझा न करें। 

News in Detail

IAS के नाम पर बढ़ता साइबर फ्रॉड का जाल

मध्य प्रदेश में IAS अधिकारियों के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कटनी से लेकर भोपाल तक कलेक्टरों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे मांगने के मामले पहले ही उजागर हो चुके हैं।

अब इस कड़ी में जबलपुर के पूर्व कलेक्टर और वर्तमान मध्य प्रदेश जनसंपर्क आयुक्त IAS दीपक सक्सेना का नाम भी जुड़ गया है। इनके नाम से हूबहू एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई है।

हूबहू असली जैसी बनाई गई फर्जी फेसबुक प्रोफाइल

फर्जी आईडी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पहली नजर में यह पूरी तरह असली लगे। प्रोफाइल फोटो, कवर फोटो और पोस्टिंग स्टाइल तक असली आईडी से मेल खाता है।

खास बात यह है कि जिस तरह IAS दीपक सक्सेना की वास्तविक फेसबुक आईडी में सीमित अकाउंट्स को फॉलो किया गया है, उसी तरह फर्जी आईडी में भी मात्र 15 अकाउंट्स को फॉलो किया गया है।

असली आईडी जहां करीब 3.8 हजार फॉलोअर्स वाली है, वहीं फर्जी आईडी में डिटेल की जगह एडिट कर यह दिखाया जा रहा है कि 15 अकाउंट फॉलो किए है और 3.7 हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। 

IAS Deepak saxena
फर्जी ID
IAS Deepak Saxena
असली ID

जबलपुर और आसपास के लोगों को भेजी जा रही फ्रेंड रिक्वेस्ट

यह फर्जी फेसबुक आईडी खासतौर पर जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रही है। बड़ी संख्या में लोग इसे IAS दीपक सक्सेना की असली आईडी समझकर फॉलो भी कर रहे हैं। जब यह फ्रेंड रिक्वेस्ट हमारे पास पहुंची तो नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी नजर आई, जिसके बाद मामले की गंभीरता समझ में आई।

सरनेम की स्पेलिंग से खुला फर्जीवाड़े का राज

जब इस आईडी से हमारे एक पत्रकार को फ्रेंड रिक्वेस्ट आई तो हमने देखा कि फर्जी आईडी में नाम Deepak Sexsena Ias लिखा गया है। इसमें Saxena की स्पेलिंग गलत है।

इसी छोटी-सी गलती ने ही इस फर्जी अकाउंट की पोल खोल दी। जब इस संबंध में IAS दीपक सक्सेना से संपर्क किया गया तो उन्होंने साफ तौर पर इस फेसबुक आईडी को फर्जी बताया।

जनसंपर्क आयुक्त ने लिया संज्ञान, कार्रवाई के संकेत

IAS दीपक सक्सेना ने बताया कि उन्होंने द सूत्र द्वारा दी गई फर्जी आईडी की जानकारी पर संज्ञान ले लिया है। इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट या संदेश के झांसे में न आएं। अगर कोई भी व्यक्ति पैसे, बैंक डिटेल्स या ओटीपी मांगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और किसी भी हाल में भुगतान या जानकारी न दें।

जनता के लिए चेतावनी और सावधानी जरूरी

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठग अब बड़े अधिकारियों के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग सोशल मीडिया पर किसी भी प्रोफाइल को आंख मूंदकर भरोसेमंद न मानें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारी या साइबर सेल को दें।

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