पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत जेल में ही रहेगा, विशेष कोर्ट से जमानत याचिका खारिज
Indore. इंदौर के बाणगंगा थाने में दर्ज हुए अपराध के बाद कांग्रेस नेता अनवर कादरी अपनी पार्षदी खो चुके हैं और अब वो जेल में ही रहेंगे। महिला संबंधित अपराध (ओएडब्ल्यू) मामले में विशेष न्यायाधीश यतेश शिशोदिया ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। कादरी पर 20 से ज्यादा पुराने संगठित अपराध हैं और वह पहले भी फरारी काट चुका है, जिस वजह से कोर्ट ने ये फैसला लिया।
यह है मामला
लव जिहाद के लिए फंडिंग (Indore News) करने के मामले में बाणगंगा थाने में कादरी के खिलाफ दो केस दर्ज हैं। एक केस में उसे फरवरी 2026 में इंदौर हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। दूसरे केस में जमानत नहीं मिलने की वजह से वो अभी जेल में है। इसी केस में कादरी ने जमानत के लिए याचिका लगाई थी।
जमानत पर शासन ने ली आपत्ति
जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए कादरी के वकील (इंदौर में लव जिहाद का मामला) ने तर्क रखा कि यह झूठे केस हैं। पहले इसी तरह के केस में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वह कहीं फरार नहीं होगा। लेकिन अपर लोक अभियोजक लीलाधर पाटीदार ने इसमें आपत्ति ली। पहले तो आपत्ति यही ली गई कि यह शपथपत्र ही गलत है।
इसमें कहा गया है कि पहले कहीं जमानत आवेदन नहीं लगा, जबकि पूर्व में आवेदन लग चुका है। इस पर कादरी के पक्षकारों ने माफी मांगी और दूसरा आवेदन लगाया।
वहीं शासन पक्ष ने कहा कि कादरी पर 20 से ज्यादा अपराध हैं और यह संगठित अपराध हैं। यानी वह आदतन अपराधी है। वहीं केस होने के बाद वह राजस्थान, जम्मू कश्मीर, नेपाल तक फरारी में रहा है।
जमानत होने पर फिर फरार हो सकता है और गवाहों को भी प्रभावित कर सकता है। इन सभी पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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