गांधीसागर अभयारण्य में सीएम मोहन यादव ने छोड़ी मादा चीता, नाम दिया राधा
Sandeep Kumar | Sept 20, 2026, 23:12 IST
सीएम मोहन यादव ने छोड़ी मादा चीता
गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य को चौथी चीता मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मादा चीता को बाड़े में छोड़ा। बोत्सवाना मूल की इस चीता का नाम राधा रखा गया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- गांधीसागर अभयारण्य में नई मादा चीता छोड़ी गई।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चीता को बाड़े में छोड़ा।
- राधाष्टमी पर मादा चीता का नाम राधा रखा।
- गांधीसागर में अब कुल चार चीते मौजूद हैं।
- वन विभाग अब चीतों का प्रजनन बढ़ाने का प्रयास करेगा।
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गांधीसागर अभयारण्य में रविवार का दिन खास रहा। सीएम मोहन यादव खुद बाड़े तक पहुंचे। उन्होंने ढाई साल की मादा चीता को आजाद किया। यह चीता बोत्सवाना से लाई गई थी। इसका नाम सीसीबी-2 था। राधाष्टमी के दिन इसे नया नाम राधा दिया गया।
राधा के आने से गांधीसागर में अब दो नर और दो मादा चीते हो गए हैं। यह जगह अब कूनो के बाद देश का दूसरा बड़ा चीता आवास बन रहा है।
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘प्रोजेक्ट चीता’ भारत में चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना के एक महत्वपूर्ण अभियान के रूप में निरंतर सफलता की ओर बढ़ रहा है। प्रोजेक्ट के तीसरे चरण में आज गांधीसागर अभयारण्य, नीमच में मादा चीता CCB2 को रिलीज किया।… pic.twitter.com/UkMtpHIAJ4
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 20, 2026
पहले कब आए थे चीते
प्रजनन की नई कोशिश
फिर भी धीरा की तरफ से प्रजनन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई। इसी वजह से कूनो से एक और मादा चीता लाने की योजना बनी। राधा को फिलहाल अलग बाड़े में रखा जाएगा। इसके बाद उसे प्रभास और पावक के साथ मिलाने की कोशिश होगी।
64 वर्ग किमी का सुरक्षित घर
आठ क्वारंटीन बाड़े और दो उपचार बाड़े बनाए गए हैं। हर क्वारंटीन बाड़े का क्षेत्रफल करीब 1500 वर्गमीटर है। फिलहाल प्रभास और पावक 16.5 वर्ग किमी के बाड़े में हैं। धीरा और राधा को 15-15 वर्ग किमी के अलग बाड़ों में रखा गया है।
वन विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव गाइडों को खास प्रशिक्षण दिया गया है। इनका काम चीतों की निगरानी और सुरक्षित प्रबंधन करना है।
अब आगे क्या होगा
आने वाले हफ्ते में असम से लाए गए जंगली भैंसे भी गांधीसागर के जंगल में छोड़े जाएंगे। इससे यहां शिकार की उपलब्धता बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा चीतों के प्राकृतिक बर्ताव और सेहत को मिलेगा।
FAQ
- गांधीसागर में अब कितने चीते हैं?
गांधीसागर में अब कुल चार चीते हैं। इनमें दो नर और दो मादा शामिल हैं। नई मादा चीता राधा हाल ही में जोड़ी गई है। - चीता राधा कहां से लाई गई है?
चीता राधा को बोत्सवाना से लाया गया है। उसकी उम्र करीब ढाई वर्ष है। मुख्यमंत्री ने राधाष्टमी पर उसका नाम रखा। - गांधीसागर में चीतों के लिए कितना इलाका तैयार है?
चीतों के लिए करीब 64 वर्ग किलोमीटर इलाका तैयार किया गया है। यहां सोलर फेंसिंग और अलग-अलग बाड़े बनाए गए हैं। कुल आठ क्वारंटीन बाड़े मौजूद हैं।
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