कौन हैं घनश्याम सिंह? जो दतिया उपचुनाव में बीजेपी के आशुतोष तिवारी को देंगे टक्कर
Amresh Kushwaha | Jul 12, 2026, 15:17 IST
कौन हैं घनश्याम सिंह
दतिया उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वे दतिया राजघराने के मुखिया हैं और दो बार दतिया व एक बार सेवढ़ा से विधायक रह चुके हैं। उनका मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी से होगा।
समझें क्या है पूरा मामला...
- दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
- भाजपा ने पहले ही आशुतोष तिवारी को टिकट दे दिया था।
- घनश्याम सिंह दतिया राजघराने के मुखिया हैं।
- वे दतिया से दो बार और सेवढ़ा से एक बार विधायक रह चुके हैं।
- घनश्याम ने आशुतोष तिवारी को भ्रष्ट और विवादास्पद बताया है।
पार्टी ने इस सीट के लिए घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वे दतिया राजघराने के मुखिया हैं। उनके पिता महाराज कृष्ण सिंह जू देव 1984 में भिंड दतिया सीट से सांसद रह चुके हैं।
राजेंद्र भारती परिवार की अटकलें हुईं खत्म
घनश्याम सिंह लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। वे पहले भी विधायक रह चुके हैं। उन्हें जमीनी नेता माना जाता है और भाषण देने में भी माहिर हैं।
दतिया और सेवढ़ा दोनों सीटों पर उनकी खास पकड़ है। यही वजह मानी जा रही है कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। घनश्याम सिंह की उम्र फिलहाल 72 साल है और उन्होंने एमए (Master Of Arts) तक पढ़ाई की है।
तीन दशक पुराना है सियासी सफर
इसके बाद 1998 में उन्हें झटका लगा। कांग्रेस ने उस साल उनकी जगह चंदन सिंह को टिकट दिया था। उस चुनाव में कांग्रेस पार्टी हार गई थी।
साल 2003 में घनश्याम सिंह ने फिर वापसी की। उन्होंने इस बार राजेंद्र भारती को हराकर दोबारा जीत दर्ज की। यह उनकी राजनीतिक पारी का एक और अहम पड़ाव था।
2008 में हुई थी हार
उस चुनाव में राजेंद्र भारती बसपा (Bahujan Samaj Party) के टिकट पर मैदान में उतरे थे। यह चुनाव दतिया की सियासत में एक अहम मोड़ माना जाता है।
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सेवढ़ा से भी आजमाई किस्मत
वहीं, 2018 में उन्होंने शानदार वापसी की। उन्होंने भाजपा के राधेलाल बघेल को हराकर जीत दर्ज की और विधायक बने। यह उनकी सेवढ़ा सीट पर पहली जीत थी।
हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर हार मिली। इस बार भी भाजपा के प्रदीप अग्रवाल ने उन्हें शिकस्त दी। अब वे एक बार फिर दतिया से चुनावी मैदान में उतर चुके हैं।
दिल्ली भेजा गया था नाम
घनश्याम सिंह ने टिकट मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हम सब पूरी जोरदार तरीके से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने जनता से विकास की राजनीति का वादा किया।
उनके मुताबिक सभी समाजों में सद्भावना होनी चाहिए। उन्होंने पुरानी राजनीति की वापसी की भी बात कही। यह बयान उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आशुतोष तिवारी पर बोला हमला
घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि सेवढ़ा क्षेत्र में आशुतोष ने व्यक्तिगत रंजिश में कई फर्जी मुकदमे दर्ज कराए। उनके मुताबिक आशुतोष के कई रिश्तेदार भी उनसे नाराज हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि दतिया में आशुतोष तिवारी का कोई जनाधार नहीं है। यह बयान चुनावी माहौल को और गरमा सकता है।
नामांकन और मतदान की तारीखें
नाम वापसी की आखिरी तारीख 16 जुलाई तय की गई है। मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना 3 अगस्त को होगी। अब सबकी नजरें इस मुकाबले पर टिकी हैं।
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यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर तथ्यों पर आधारित है और किसी भी पक्ष के प्रति पूर्वाग्रह नहीं रखती। संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आजादी के तहत घनश्याम सिंह का बयान भी निष्पक्ष रूप से पेश किया गया है। ऐसी खबरें लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में मदद करती हैं।
FAQ
- दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार कौन हैं?
कांग्रेस ने दतिया उपचुनाव के लिए घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वे दतिया राजघराने के मुखिया हैं और दतिया से दो बार तथा सेवढ़ा से एक बार विधायक रह चुके हैं। - घनश्याम सिंह का राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
घनश्याम सिंह पहली बार 1993 में दतिया से विधायक बने थे। इसके बाद 2003 और 2018 में भी उन्होंने जीत दर्ज की। 2008, 2013 और 2023 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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