1500 करोड़ का निवेश और विदेशी मशीनें भी फेल! एमपी के युवा ग्लोबल स्किल पार्क से मोड़ रहे मुंह
Sanjay Sharma | May 13, 2026, 12:48 IST
global skill park 1500 crore youth disinterest iti system
ग्लोबल स्किल पार्क पर सरकार ने करोड़ों खर्च किए, लेकिन युवा अब भी इसमें ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद यहां की व्यवस्था ITI जैसी ही है। एडमिशन भी बहुत कम हो रहे हैं।
5 पॉइंट में समझें पूरा मामला...
- 1500 करोड़ के ग्लोबल स्किल पार्क में सीट अब भी खाली है।
- हाईटेक लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने के बावजूद युवा अब भी ITI को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।
- करोड़ों खर्च पर कोर्स और ट्रेनिंग सिस्टम का असर नहीं दिख रहा है।
- प्लेसमेंट की गारंटी के दावे के बाद भी युवा बेरुखी दिखा रहे हैं।
- कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग की प्लानिंग भी फेल हो रही है।
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सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट युवाओं को लुभाने में नाकाम
सरकार ने इसे एडवांस प्लान बताया था। दावा था कि यहां इंटरनेशनल लेवल की स्किल ट्रेनिंग मिलेगी। पर करोड़ों का इंफ्रा, हाईटेक लैब और विदेशी मशीनों के बाद भी व्यवस्था ITI जैसी ही है।
न नए कोर्स, न प्लेसमेंट की गारंटी। इसी वजह से सीटें खाली पड़ी हैं। युवाओं का कहना है कि ITI करने में कम खर्च और जल्दी नौकरी मिलती है।
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ITI, डिप्लोमा की बाध्यता बनी उलझन
कैंपस में आधुनिक मशीनरी के साथ प्रशिक्षण के इंतजाम है। इसके बाद भी युवा यहां प्रशिक्षण में रुचि नहीं दिखा रहे है। इसकी वजह स्किल पार्क में एडमिशन के लिए आईटीआई और डिप्लोमा की बाध्यता है।
खाली रह गईं थीं सीट
इस वजह से पहले बैच में ही 60% सीटें खाली रह गईं थीं। युवाओं का कहना है कि कोर्स करने के लिए पहले साल या दो साल का डिप्लोमा, आईटीआई करना जरूरी है।
इसके अलावा इन कोर्सों में एडमिशन के लिए 10 से 15 हजार रुपए फीस देनी होती है। जबकि इन कोर्स से भी वहीं स्किल डेवलप होती है जो आईटीआई के ट्रेड से मिलती है।
सरकार का एडवांस प्लान फेल
युवाओं की बेरुखी की वजह
- आईटीआई में तीन से पांच हजार रुपए सालाना फीस है। वहीं ग्लोबल पार्क में एडमिशन पर 10 से 15 हजार खर्च होते हैं।
- आईटीआई में कोर्स करने में एक या दो साल लगते हैं। वहीं स्किल पार्क में एडमिशन के लिए पहले आईटीआई ट्रेड या फिर पॉलिटेक्निक डिप्लोमा की जरूरत होती है।
- ग्लोबल स्किल पार्क में ज्यादा फीस और लंबे प्रशिक्षण के बाद भी जॉब की 100 फीसदी गारंटी नहीं है।
FAQ
- 1500 करोड़ के ग्लोबल स्किल पार्क में युवा एडमिशन क्यों नहीं ले रहे?
ग्लोबल स्किल पार्क में फीस 50 हजार से 1 लाख तक है, जबकि ITI में 3-5 हजार सालाना। कोर्स 2 साल का है और प्लेसमेंट की गारंटी नहीं। ट्रेड भी ITI जैसे वेल्डर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन हैं। हाईटेक लैब के बाद भी इंडस्ट्री लिंक नहीं है। इसी वजह से युवा ITI को तरजीह दे रहे। - ग्लोबल स्किल पार्क की व्यवस्था ITI जैसी कैसे है?
सरकार ने इंटरनेशनल लेवल का दावा किया था। पर कोर्स पारंपरिक ITI ट्रेड वाले हैं। फैकल्टी ITI के इंस्ट्रक्टर ही पढ़ा रहे। विदेशी एक्सपर्ट नहीं आए। कंपनियों से टाईअप कागजी है। अप्रेंटिसशिप नहीं मिल रही। प्लेसमेंट सेल निष्क्रिय है। करोड़ों का इंफ्रा है, पर आउटपुट ITI जैसा। - सरकार ने ग्लोबल स्किल पार्क पर कितना खर्च किया और क्या फायदा हुआ?
सिंगापुर के सहयोग से 1500 करोड़ रुपए खर्च कर ग्लोबल स्किल पार्क बनाया गया। ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, AI की लैब लगी हैं। पर पहले बैच में 60% सीटें खाली रहीं। इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन और विदेशी कंपनियों से करार नहीं हुआ। युवाओं को कोर्स का फायदा समझाया नहीं गया। फिलहाल फायदा नहीं दिख रहा।
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