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BHOPAL. मध्यप्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को परिवहन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस ने कथित सोने की ईंट प्रकरण और चेक पोस्ट पर अवैध वसूली के आरोपों को लेकर सरकार को घेरा। जवाब में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने माना कि विभाग में कार्रवाई चल रही है। लेकिन इतनी सख्ती भी नहीं कर सकते कि विभाग ठप हो जाए।
चर्चा की शुरुआत: चेक पोस्ट पर सवाल
बहस की शुरुआत राज्य के चेक पोस्ट से हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चेक पोस्ट बंद करने की बात कही थी। उनका आरोप था कि कागजों में चेक पोस्ट बंद दिखाए गए। लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध वसूली जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार से तुरंत संज्ञान लेने की मांग की।
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सोने की ईंटें निकल रही हैं: विपक्ष का हमला
उमंग सिंघार ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जब सोने की ईंटें निकल रही हैं, तो विभाग में सख्ती जरूरी है। उनका संकेत विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों की ओर था। कांग्रेस का कहना है कि अगर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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सिस्टम जरूरी, पूरी तरह बंद नहीं कर सकते
परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार बनने के बाद नितिन गडकरी का कोई पत्र नहीं आया। उन्होंने कहा कि चेक पोस्ट पूरी तरह बंद नहीं किए जा सकते, क्योंकि वहां जीएसटी और ओवरलोडिंग जांच का सिस्टम जुड़ा है। मंत्री के मुताबिक, विभाग में विसंगतियां दूर करने का काम चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 18 प्रतिशत कर्मचारी निलंबित या लाइन अटैच हैं। मंत्री का तर्क था कि इससे ज्यादा सख्ती करेंगे तो विभाग चलाना मुश्किल हो जाएगा।
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परिवहन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा
सोने की ईंट मामले पर विपक्ष का हमला जारी है। चेक पोस्ट पर अवैध वसूली का वायरल वीडियो सामने आया। 18% कर्मचारियों को निलंबित या लाइन अटैच किया गया। सरकार का दावा है कि सुधार की प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग में भी अहम घोषणाएं हुईं। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने ग्वालियर और जबलपुर में 'सुपर 100' योजना की शुरुआत की। योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
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डिजिटल मूल्यांकन की शुरुआत
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि प्रदेश में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू की जा रही है। इससे परीक्षा परिणाम पहले से ज्यादा तेजी से घोषित हो सकेंगे। अतिथि विद्वान नीति और अन्य फैसले अतिथि विद्वानों की नीति के लिए हरियाणा मॉडल का अध्ययन। इलेक्ट्रो होम्योपैथी पाठ्यक्रम बंद। आयुर्वेद शोध के लिए नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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सवाल सख्ती का या सिस्टम का?
विधानसभा की यह बहस सिर्फ अनुदान तक सीमित नहीं रही। परिवहन विभाग में पारदर्शिता, चेक पोस्ट की व्यवस्था और कर्मचारियों पर कार्रवाई जैसे मुद्दे केंद्र में रहे। सरकार सुधार का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष सख्त कदमों की मांग पर अड़ा है। अब देखना यह है कि जमीन पर क्या बदलाव होता है। अवैध वसूली जैसे आरोपों पर ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
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