/sootr/media/media_files/2026/02/05/government-bungalows-penalty-rules-change-2026-02-05-12-39-41.jpg)
भोपाल के सरकारी बंगलों में रहने वाले पूर्व मंत्रियों, निगम मंडल के पूर्व अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और कुछ अफसरों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
ये लोग पद से हटने, तबादला होने या रिटायर होने के बाद भी सरकारी बंगलों में रह रहे हैं। अब गृह विभाग ने इनसे किराया वसूलने का नया तरीका अपनाया है।
/sootr/media/post_attachments/9dfff90d-49a.png)
दस गुना पेनल्टी देनी होगी
सरकार ने शासकीय आवास आवंटन नियमों में बदलाव किया है। इसके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति तय समय सीमा के बाद भी सरकारी बंगला या आवास नहीं छोड़ता, तो उसे दस गुना पेनल्टी भरनी पड़ेगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब नई किराया दरें लागू हो चुकी हैं। इसका असर बीजेपी के कुछ पूर्व मंत्रियों, निगम मंडल के पदाधिकारियों, रिटायर होने वाले सरकारी कर्मचारियों और भोपाल से बाहर ट्रांसफर होने वाले अधिकारियों पर पड़ेगा।
इसके लिए नए नियम तय किए गए हैं। इसमें यह कहा गया है कि, कुछ स्थितियों में तीन महीने तक सामान्य किराया लिया जाएगा। इसके बाद दंड के रूप में किराया वसूला जाएगा।
/sootr/media/post_attachments/a009ecee-c7e.png)
छह महीने रह सकते हैं अधिकारी
राज्य शासन के गृह (सामान्य) विभाग ने नियम-17 में बदलाव करते हुए एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत अब भोपाल से बाहर तबादला होने पर अधिकारी और कर्मचारी सिर्फ छह महीने तक सामान्य किराए पर सरकारी आवास में रह सकते हैं।
इसके बाद उनसे पेनल्टी ली जाएगी। बेदखल की कार्रवाई होगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिटायर हो जाता है, तो भी वह छह महीने तक उस आवास में रह सकता है।
ये हैं पेनल्टी किराए के नियम
नियमों में यह भी कहा गया है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी भोपाल से बाहर ट्रांसफर होता है, तो पहले तीन महीने तक उसे सामान्य किराया देना होगा। इसके बाद अगले तीन महीने तक 10 गुना ज्यादा पेनल्टी किराया लिया जाएगा।
अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी त्यागपत्र देता है, सेवा से अलग होता है, या किसी और वजह से आवास पर रहता है, तो उसे ज्यादा से ज्यादा तीन महीने तक ही आवास की अनुमति मिलेगी। इस दौरान उसे सामान्य किराया देना होगा। तीन महीने बाद पेनल्टी किराया लिया जाएगा।
/sootr/media/post_attachments/04d801aa-987.png)
पेनल्टी किराया वसूलने की दरों में हुए ये बदलाव
विभाग ने नियम-37 के तहत शासकीय आवासों के लिए पेनल्टी किराया दरें जारी की हैं। इसमें वर्तमान और प्रस्तावित दोनों दरें शामिल हैं।
बी टाइप के आवास:
किराया: 3000 रुपए प्रति माह
रिटायरमेंट के बाद छह महीने तक यह दर रहेगी।
छह महीने से ज्यादा रहने पर किराया: 30,000 रुपए प्रति माह
बिना अनुमति के कब्जे पर किराया: 90,000 रुपए प्रति माह
सी टाइप के आवास:
किराया: 2400 रुपए प्रति माह
रिटायरमेंट के बाद तीन महीने तक यह किराया रहेगा।
इसके बाद किराया बढ़कर: 24,000 रुपए प्रति माह
अवैध कब्जे पर किराया: 72,000 रुपए प्रति माह
डी टाइप के आवास:
किराया: 1800 रुपए प्रति माह
रिटायरमेंट के तीन महीने बाद किराया बढ़कर: 18,000 रुपए प्रति माह
अगर आवास खाली नहीं किया गया तो पेनल्टी किराया: 54,000 रुपए प्रति माह
ई टाइप के आवास:
किराया: 1500 रुपए प्रति माह
रिटायरमेंट के तीन महीने बाद किराया बढ़कर: 15,000 रुपए प्रति माह
पेनल्टी किराया: 45,000 रुपए प्रति माह तक बढ़ सकता है
ये नए नियम अब लागू हो गए हैं, और इनका असर शासकीय आवासों पर रहने वालों पर पड़ेगा।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us