मध्य प्रदेश को मिली एक और आईपीएस इशिता भाटिया, जानें कौन हैं ये महिला अधिकारी

मध्य प्रदेश को एक और महिला आईपीएस अधिकारी मिल गई हैं। उत्तराखंड कैडर की इशिता भाटिया का ट्रांसफर अब एमपी कैडर में कर दिया गया है। आइए, जानते हैं उनके बारे में विस्तार से...

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Amresh Kushwaha
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ips officer ishita bhatia

मध्यप्रदेश को एक और महिला आईपीएस अधिकारी मिल गई हैं। उत्तराखंड कैडर की 2024 की आईपीएस इशिता भाटिया अब एमपी कैडर में आ गई हैं। इनकी शादी एमपी कैडर के 2022 बैच के आईएफएस हिमांशु त्यागी से हुई है। इसी वजह से इन्हें मध्य प्रदेश का कैडर मिला है।

इस नीति के तहत मिला एमपी का कैडर

केंद्र सरकार की अखिल भारतीय सेवा कैडर नीति के तहत पति-पत्नी को एक ही राज्य में काम करने का मौका मिलता है। इसी नीति के तहत इशिता भाटिया का उत्तराखंड से मध्य प्रदेश कैडर में ट्रांसफर किया गया है। गृह मंत्रालय और कार्मिक विभाग की मंजूरी के बाद इसका औपचारिक आदेश जारी किया गया है।

2024 की सिविल सेवा परीक्षा की थी पास

इशिता भाटिया ने 2024 की सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईपीएस सेवा में एंट्री ली थी और फिलहाल ट्रेनिंग पर हैं। अब कैडर बदलने के बाद वह मध्य प्रदेश पुलिस में अपनी सेवाएं देंगी। प्रशासनिक हलकों में इसे राज्य के लिए एक अच्छा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य को एक और सक्षम महिला पुलिस अधिकारी मिल रही है।

जानें कौन हैं आईपीएस इशिता भाटिया

बता दें कि इशिता भाटिया एक के बाद एक लगातार 10 परीक्षाओं में फेल होने के बाद साल 2022 में यूपीएससी क्लियर किया था। सिर्फ 24 साल की उम्र में इशिता ने यूपीएससी पास की और आईएफएस (भारतीय वन सेवा) अधिकारी बन गईं थीं। इसके बाद इशिता ने साल 2024 की सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बन गईं हैं।

हिमाचल प्रदेश की रहने वाली हैं इशिता भाटिया

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर की रहने वाली इशिता भाटिया ने साल 2023 में एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने अपनी परीक्षाओं में फेल होने के बारे में बताया था।

इशिता ने लिखा कि 24 साल की उम्र में लोग उन्हें आईएफएस अफसर के तौर पर देख रहे हैं। वहीं, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें कई बार फेल भी होना पड़ा था।

उनके जरिए फेल की गई परीक्षाओं में 2019-2020 का यूपीएससी प्री, 2020 में आरबीआई ग्रेड बी, यूपीएससी सीएपीएफ और सीडीएस, 2021 में ईसीजीसी पीओ, इंटेलिजेंस ब्यूरो, एएआई एटीसी, एचपीपीएससी प्री और कैट शामिल हैं।

परीक्षा देते रहना चाहिए, चाहे फेल हो या पास- इशिता

फेल होने के बाद भी इशिता ने हार नहीं मानी। सबसे बड़ी बात यह है कि असफल होने के बाद भी वह रुकी नहीं। अपनी गलतियों को सुधारते हुए आगे बढ़ती रही।

इशिता तब सबसे ज्यादा निराश हुई, जब एक नंबर से सीएसई 2021 पास नहीं कर पाई। इसके बाद वह कुछ दिनों तक डिप्रेशन में रही और परिवार भी दुखी था। वह कहती हैं कि परीक्षा देते रहना चाहिए, चाहे फेल हो या पास। इससे आपकी तैयारी में सुधार होगा और आप अच्छी रणनीति बना सकेंगे।

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