भाजपा नेता के बेटे ने उड़ाए फीस के पैसे, बचने के लिए दोस्त संग रची लूट की कहानी, ऐसे खुली पोल

ग्वालियर में भाजपा नेता दारा सिंह के बेटे ने फीस के पैसे मौज-मस्ती में उड़ा दिए। पोल न खुल जाए इसलिए उसने 2.50 लाख की लूट का नाटक रच दिया। पुलिस ने सीसीटीवी और कॉल डिटेल की मदद से सारा सच उजागर कर दिया।

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Aman Vaishnav
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News In Short

  • ग्वालियर के आरा मिल निवासी भाजपा नेता के बेटे ने फीस के 2.50 लाख रुपए मौज-मस्ती में खर्च कर दिए।
  • फीस के पैसे बराबर करने के लिए उसने पैसे चोरी होने का झूठा नाटक किया।
  • बेटे कृष्णदीप ने दोस्त ईशान को बैंक के पास ही पैसे सौंप दिए थे।
  • सीसीटीवी फुटेज और पेन की कहानी से कृष्णदीप का सच पकड़ा गया।
  • कृष्णदीप ने कर्ज चुकाने और पिता को गुमराह करने का प्लान बनाया।

News In Detail

ऐसे हुई घटना की शुरुआत

सोमवार की दोपहर ग्वालियर में बीजेपी के नेता के घर एक घटना घटी। नेता जी के 19 वर्षीय बेटे ने कृष्णदीप सूचना दी कि, वह 2.50 लाख रुपए बैंक में जमा करने गया था। पैन कार्ड न होने के कारण उसे बैंक से बाहर आना पड़ा।

कृष्णदीप ने खाटू श्याम मंदिर के पास पैन कार्ड की फोटोकॉपी कराई। कृष्णदीप के पास पेन भी नहीं था, तो वह पेन खरीदने दुकान चला गया। दुकान जाते समय ही बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे टक्कर मारकर गिरा दिया। बदमाश उसकी जैकेट में रखे 2.50 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए।

संदिग्ध पेन वाली कहानी

कृष्णदीप ने पुलिस को पेन खरीदने की जो बात कही थी, हजीरा थाना प्रभारी को उसकी ये बात संदिग्ध लगी। वह जिस तरफ पेन लेने गया वह रास्ता बैंक के रास्ते से बिल्कुल उल्टा था। बैंक से उल्टी दिशा में जाने पर पुलिस को कृष्णदीप पर शक हुआ। पुलिस ने उस रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इससे उसकी के झूठी कहानी की पहली कड़ी सामने आई।

सीसीटीवी से खुला राज

पुलिस ने बैंक के पास के कैमरे चेक किए। उसमें कृष्णदीप अपने दोस्त ईशान के साथ दिखाई दिया। दोनों ही लूट के समय पर एक साथ मौजूद थे। पुलिस ने जब उनकी कॉल डिटेल निकाली तो उसमें भी उनकी लगातार बातचीत मिली। इसके बाद पुलिस ने कृष्णदीप से सख्त पूछताछ की। तब जाकर कृष्णदीप ने घबराकर अपना गुनाह कबूल कर लिया।

मौज- मस्ती और कर्ज का जाल

कृष्णदीप ने पुलिस से पूछताछ के दौरान बताया कि वह दिल्ली घूमने गया था। वहां उसने फीस के सारे पैसे खर्च कर दिए। इसके बाद उसने सूदखोरों से ब्याज पर कर्ज लिया था। सूदखोर अब वसूली के लिए उस पर दबाव बना रहे थे। कर्ज चुकाने के लिए ही उसने यह नाटक रचा था।

विदित डागर, एसपी- लूट की कहानी झूठी निकली है। इसमें शामिल दोनों लड़के और पैसा भी मिल गया है। अब दोनों से पूछताछ की जा रही है।

दोस्त की मदद से तैयार हुई स्क्रिप्ट

कृष्णदीप ने अपने दोस्त ईशान को इस बारे पूरी योजना बताई। योजना के हिसाब से उसने ईशान को बैंक बुलाया। वहां उसने 2.50 लाख रुपए उसे सौंप दिए। फिर खुद जैकेट के अंदर पैसे होने की झूठी बात कही। इसके बाद उसने लूट की झूठी कहानी घर बताई। उसे लगा कि पुलिस और घर वाले इससे मान जाएंगे।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने महज कुछ घंटों में ही कृष्णदीप की इस झूठी कहानी का सच ढूंढ निकाला। क्योंकि पूछताछ के समय छात्र की हर दलील झूठी साबित हो रही थीं। 

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एमपी न्यूज ग्वालियर भाजपा नेता सीसीटीवी फुटेज
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