सावधान! आपकी रसोई में जहर बनकर पहुंचा सीमेंट वाला नकली जीरा

ग्वालियर में पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर 46 बोरी नकली जीरा पकड़ा है। सौंफ पर सीमेंट की कोटिंग कर इसे नामी ब्रांड्स के पैकेट में भरकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। तीन पर केस दर्ज।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कोल्ड स्टोरेज से 46 बोरी नकली जीरा जब्त हुआ।
  • सौंफ के बीजों पर सीमेंट और केमिकल की परत चढ़ाकर उसे जीरे का लुक दिया गया।
  • नकली माल को नामी कंपनियों के हूबहू दिखने वाले पैकेटों में पैक कर बेचा जा रहा था।
  • मैनेजर समेत 3 लोगों पर केस दर्ज, पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट के तहत भी मामला बनाया।
  • सीमेंट युक्त जीरे का सेवन एलर्जी और पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

News In Detail

Gwalior News. खाने में अगर जीरे का तड़का न हो तो हर स्वाद बेस्वाद लगता है। कोई भी डिस बनाओ जारी सभी में कॉमन होता है। साथ ही जीरा सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके खाने का स्वाद बढ़ाने वाला यह जीरा असल में जहर भी हो सकता है?

ग्वालियर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां सौंफ के बीजों को सीमेंट और घातक केमिकल्स से रंगकर हूबहू जीरे जैसा रूप दिया जा रहा था। पुलिस ने एक कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर 46 बोरियां मिलावटी जीरा बरामद किया है।

सौंफ ही नकली जीरा क्यों

बता दें नकली सामान का करोबार हमेशा मुनाफे का व्यापार होता है। सौंफ का औसतन भाव 7 हजार के 12 हजार तक है। वहीं दूसरी ओर जीरा का औसतन भाव 17 हजार से 32 हजार प्रति क्विंटल चलता है। इस प्रकार यहां मिलावट खोरों को प्रति क्विंटल में करीबन 20 हजार का मुनाफा बनता है। 

कोल्ड स्टोरोज से पकड़े गए 46 बोरे नकली जीरा

गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई

मामले की शुरुआत बहोड़ापुर पुलिस को मिली एक सटीक सूचना से हुई। बताया गया कि, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में बड़े पैमाने पर नकली मसाले तैयार कर, उन्हें ब्रांडेड पैकेटों में भरा जा रहा है। 

पुलिस टीम ने जब मौके पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। गोदाम के अंदर भारी मात्रा में संदिग्ध बोरियां रखी थीं। इनकी जांच करने पर मिलावटखोरी के इस काले कारोबार का खुलासा हुआ। 

सौंफ पर सीमेंट की कोटिंग 

जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई। आरोपी सौंफ या उसके जैसे दिखने वाले सस्ते बीजों को आधार की तरह इस्तेमाल करते थे। इन बीजों पर सीमेंट और केमिकल का मिश्रण चढ़ाया जाता था ताकि वे सूखने के बाद बिल्कुल असली जीरे जैसे दिखें। इतना ही नहीं, ग्राहकों को धोखा देने के लिए इस नकली माल को नामी कंपनियों के नकली पैकेटों में भरा जा रहा था। मौके से सीलिंग मशीन और भारी मात्रा में खाली रैपर्स भी बरामद किए गए हैं।

कहीं आपके किचन में 'झाड़ू' से बना नकली जीरा तो नहीं?

कानूनी शिकंजा और स्वास्थ्य पर खतरा

ग्वालियर के एडिशनल एसपी जयराज कुबेर के मुताबिक, इस मामले में कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने न केवल खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, बल्कि कॉपीराइट एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है। क्योंकि असली कंपनियों के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।

वहीं हेल्थ एक्पर्ट्स (health awareness) का मानना है कि सीमेंट और केमिकल युक्त यह जीरा शरीर में एलर्जी, पेट की गंभीर बीमारियों के साथ ही जानलेवा भी साबित हो सकता है।

आगे की जांच और सप्लाई चेन पर नजर

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जब्त किए गए माल के सैंपल लेकर लैब भेज दिए हैं। अब इस बात की तफ्तीश की जा रही है कि यह नकली जीरा कब से बाजार में खपाया जा रहा था और इसकी सप्लाई चेन कहां-कहां तक फैली है। पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में इस धंधे से जुड़े अन्य बड़े नामों का भी खुलासा हो सकता है।

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