हितानंद शर्मा को नई जिम्मेदारी, मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख बनाया, इंदौर में हुआ फैसला

संघ कार्यकर्ता और मध्य प्रदेश BJP के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की जिम्मेदारी बदल दी गई है। उन्हें मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है।

author-image
Sanjay Dhiman
New Update
RSS Hitanand Sharma

RSS Hitanand Sharma

Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

संघ कार्यकर्ता और मध्य प्रदेश BJP के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की जिम्मेदारी बदल दी गई है। उन्हें मध्य क्षेत्र का सह बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है। वे मूल रूप से अशोकनगर (चंबल क्षेत्र) के निवासी हैं और विद्या भारती संगठन से जुड़े थे। यहां विदित हो कि मध्य क्षेत्र के बौद्धिक प्रमुख का दायित्व अभी नागेंद्र सिंह के पास है। इनके साथ अब हितानंद शर्मा डिप्टी की भूमिका में कार्य करेंगे। 

हितानंद शर्मा का राजनीतिक सफर

हितानंद शर्मा वर्तमान में मध्य प्रदेश BJP के संगठन महामंत्री हैं। वे राज्य संयुक्त महासचिव (संगठन) की भूमिका भी निभा चुके हैं। 2020 में उन्हें BJP का प्रदेश सह-संगठन मंत्री बनाया गया था। यह कदम उपचुनावों से पहले संगठन मजबूत करने के लिए उठाया गया था। 2022 में सुहास भगत के स्थान पर वे संगठन महामंत्री बने। RSS में उनकी मजबूत पकड़ है, खासकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में। इधर बीजेपी के नए संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, यह तय नहीं हुआ है।

हितानंद शर्मा अपनी सादगी, अनुशासन और पर्दे के पीछे रहकर काम करने की शैली के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर चर्चाओं या मीडिया की चकाचौंध से दूर रहकर संगठन को मजबूत करने और चुनावों की रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के पीछे उनकी संगठनात्मक कुशलता को एक प्रमुख कारण माना जाता है। 

इंदौर में हुआ हितानंद की विदाई का फैसला

Thesootr को मिली जानकारी के अनुसार हितानंद की विदाई का फैसला इंदौर में लिया गया है। बताया जा रहा है कि इंदौर स्थित संघ कार्यालय सुदर्शन में मध्यक्षेत्र की दो दिनी टोली बैठक चल रही थी। 30 और 31 जनवरी की इसी बैठक में फैसला लिया गया कि अब हितानंद शर्मा को पार्टी की जिम्मेदारी से हटाकर वापस संघ की जिम्मेदारी सौंपी जाए।

इंदौर में दी गईं अन्य जिम्मेदारियां 

सुरेंद्र मिश्रा-  प्रचारक पूर्व सैनिक सेवा परिषद 

 मुकेश त्यागी- प्रचारक ग्राहक पंचायत 

हितानंद शर्मा - क्षेत्र सह बौद्धिक प्रमुख केंद्र जबलपुर 

ब्रजकिशोर भार्गव- प्रचारक  क्षेत्र गो सेवा प्रमुख

आरएसएस में मध्य क्षेत्र का महत्व

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने प्रशासनिक कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए पूरे भारत को अलग-अलग क्षेत्रों (Zones) में बांटा है। आपने संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के संदर्भ में 'मध्य क्षेत्र' का जिक्र सुना होगा, तो चलिए इसे सरल भाषा में समझते हैं:

1. मध्य क्षेत्र का भौगोलिक विस्तार

RSS की संरचना में 'मध्य क्षेत्र' (Madhya Kshetra) मुख्य रूप से दो राज्यों को कवर करता है:

मध्य प्रदेश

छत्तीसगढ़

इन दो राज्यों के अंदर आने वाले सभी विभाग, जिले और शाखाएं 'मध्य क्षेत्र' के अंतर्गत आती हैं।

2. सांगठनिक ढांचा (Hierarchy)

संघ की दृष्टि से भारत को लगभग 11-12 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। पदानुक्रम कुछ इस तरह होता है:

केंद्र (National): नागपुर मुख्यालय।

क्षेत्र (Zone): जैसे मध्य क्षेत्र (MP-CG), उत्तर क्षेत्र, दक्षिण क्षेत्र आदि।

प्रांत (Province): एक क्षेत्र के अंदर कई प्रांत होते हैं। जैसे मध्य प्रदेश में तीन प्रांत हैं— मध्य भारत, मालवा और महाकौशल।

विभाग, जिला और खंड: इसके नीचे की इकाइयां।

3. मध्य क्षेत्र का मुख्यालय

मध्य क्षेत्र का मुख्य केंद्र (Headquarters) आमतौर पर भोपाल को माना जाता है। यहां 'समिधा' (आरएसएस कार्यालय) से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की मॉनिटरिंग और योजना बनाई जाती है।

4. इसका महत्व क्या है?

समन्वय (Coordination): हितानंद शर्मा जैसे प्रचारक जब 'मध्य क्षेत्र' में सक्रिय होते हैं, तो उनका काम MP और छत्तीसगढ़ के बीच वैचारिक और संगठनात्मक तालमेल बिठाना होता है।

यह खबरें भी पढ़ें..

बीजेपी संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की बंद कमरे में बैठक, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली में नेताओं से मिले

अंता उपुचनाव: भाजपा उम्मीदवार की चिट्ठी वायरल, हार के लिए ओम बिरला व नागर को ठहराया जिम्मेदार

एसआईआर में मुस्लिमों के मुकाबले हिंदू वोट ज्यादा कटे, विधानसभा में बोले भाजपा विधायक

विधानसभा में हंगामा: भाजपा पर बीफ निर्यात कंपनी से चंदा लेने का आरोप

RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भाजपा हितानंद शर्मा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा
Advertisment