ग्वालियर हाईकोर्ट का 24 अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट लगाने का आदेश

Sandeep Kumar | Jan 31, 2026, 20:26 IST
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Fake officials exposed
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ग्वालियर हाईकोर्ट ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में 24 अधिकारियों पर एससी-एसटी एक्ट लागू करने का आदेश दिया। इन अधिकारियों पर फर्जी तरीके से नौकरी प्राप्त करने का आरोप है।

News in Short

  • ग्वालियर हाईकोर्ट ने 24 अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई का आदेश दिया।
  • आरोपियों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्रों से नौकरी प्राप्त की थीं।
  • मामले का खुलासा RTI एक्टिविस्ट गौरी शंकर राजपूत की शिकायत से हुआ।
  • जांच में 8 से 15 साल तक नौकरी करने वाले आरोपी पाए गए।

News in Detail

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने 26 अधिकारियों में से 24 के खिलाफ एससी-एसटी धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश दिया। इनमें 12 अफसर शामिल हैं। यह मामला पिछले साल एसटीएफ की जांच में सामने आया था।

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क्या है पूरा मामला ?

मध्यप्रदेश सरकार की भर्तियों में कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरियां प्राप्त की थीं। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर शामिल हैं। यह मामला आरटीआई एक्टिविस्ट गौरी शंकर राजपूत की शिकायत से उजागर हुआ। मामले की जांच एसटीएफ ने शुरू की थी। एसटीएफ ने साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जांच की। जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 8 से 15 साल तक नौकरी कर चुके थे।

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एससी-एसटी एक्ट लगाने का आदेश

हाईकोर्ट के वकील विश्वजीत रातोनिया ने बताया कि आरोपियों की याचिका ग्वालियर खंड पीठ ने खारिज कर दी। कोर्ट ने इस कृत्य को मध्यप्रदेश के एससी-एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों का हक छीनना माना। आरोपियों के खिलाफ उच्च न्यायालय ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(यक) और 3(1)(जा)(ए) जोड़ने के आदेश दिए।

जांच में ये बात आई सामने

ग्वालियर में STF की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पढ़ाई के दौरान फर्जी दस्तावेजों से OBC और अन्य कोटों का फायदा लिया था। जब नौकरी के लिए आवेदन किया, तो उन्होंने एससी वर्ग के फर्जी प्रमाणपत्र लगाए। एसटीएफ की जांच अभी जारी है।

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इन अधिकारियों की जांच

एसटीएफ की जांच में 4 डॉक्टर, 1 आयुष अधिकारी, 1 इंजीनियर, 1 जीएम, 1 संयुक्त संचालक, 1 सूबेदार, 1 उपनिरीक्षक, 4 आरक्षक, 3 कोर्ट के स्टेनो, 1 फार्मासिस्ट और 8 शिक्षक शामिल हैं। ये सभी ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दमोह, बैतूल, भोपाल, श्योपुर और राजगढ़ जिलों में पदस्थ हैं।

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क्या बोले जिम्मेदार

गुना डीईओ राजेश गोयल ने कहा, शिक्षक दशरथ मीना को निलंबित नहीं किया गया। शिक्षा विभाग को कोर्ट या एसटीएफ से अब तक कोई लिखित सूचना नहीं मिली है।



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