ग्वालियर हाईकोर्ट में जज और वकील के बीच बहस, वकील ने लगाए आरोप, जज हुए नाराज

ग्वालियर हाईकोर्ट में सोमवार को एक केस की सुनवाई के दौरान वकील और जज के बीच तीखी बहस हो गई। सुनवाई के दौरान एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने जज के ऊपर आरोप लगाए। पूरा मामला जानने के लिए खबर आखिरी तक पढ़ें।

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Aman Vaishnav
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News In Short

  • ग्वालियर हाईकोर्ट में सोमवार 09 फरवरी को जज और वकील के बीच बहस हुई थी।
  • वकील ने एफआईआर पढ़ने के लिए समय मांगा था, इस पर जज नाराज हो गए थे।
  • दोनों पक्षों के बीच स्थिति बिगड़ने से पहले सुलह कर ली गई है।

News In Detail

हाईकोर्ट में जज और वकील के बीच विवाद

ग्वालियर हाईकोर्ट में सोमवार 09 फरवरी को एक केस की सुनवाई के दौरान वकील और जज के बीच तीखी बहस हो गई। वकील के कुछ कहने पर जज नाराज हो गए और ऐसा कुछ कह दिया, जिससे वकील को बुरा लगा। ये पूरी बातचीत हाईकोर्ट के गलियारों से बाहर निकलकर दिनभर चर्चा का विषय बन गई।

हालांकि मामला ज्यादा बढ़ने से पहले जज राजेश कुमार गुप्ता, वकील अवधेश सिंह भदौरिया और स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया की मुलाकात हुई और इस बीच सुलह हो गई। मामला अब प्रशासनिक जस्टिस तक पहुंच चुका है। 

क्या है पूरा मामला? 

सोमवार को हाईकोर्ट में जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की कोर्ट में सुनवाई हो रही थी। इसमें केस नंबर तीन पर सुनवाई चल रही थी। इसके लिए एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े थे।

जब वे अपनी केस से जुड़ी एफआईआर पढ़ रहे थे, तभी अतिरिक्त महाधिवक्ता ने आपत्ति दर्ज कर उन्हें कहा कि वह पूरी एफआईआर पढ़ें। इस पर भदौरिया ने जवाब दिया कि पहले मेरी बहस पूरी हो जाए फिर मैं एफआईआर पढ़ लूंगा।

अधिवक्ता के आरोप के बाद नाराज हुए जज

इस बीच सुनवाई के दौरान वकील अवधेश सिंह भदौरिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि हम 20-20 उदाहरण देते हैं। आदेश में उनका नाम तक नहीं लिया जाता। इस पर जस्टिस गुप्ता ने नाराजगी जताई। कहा कि अगर आपको कोई परेशानी है तो आप एसएलपी लगा सकते हैं।

इसके बाद वकील वीसी से कट हो गए। जज गुप्ता ने ऐसा कुछ कह दिया जिसे बाद में वकील ने सुना और वो नाराज हो गए। इस पर बाकी वकील भी गुस्से में आ गए। शाम तक एडवोकेट अवधेश भदौरिया, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया और जज गुप्ता के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हो गया।

मुलाकात से सुलझी गलतफहमियां

एडवोकेट भदौरिया ने कहा कि मैं केस की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ा था। मैंने जो केस लॉ कोर्ट में बताया था उनका ध्यान देने के लिए निवेदन किया था। इसी वजह से जज साहब नाराज हो गए। इस वजह से बी मैं वीडियो कॉन्फ्रेंस से हट गया था।

बाद में मुझे यह पता चला कि जज साहब मेरी बात से नाराज हुए थे। इसके बाद मैंने स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया के साथ जज साहब से मुलाकात की और हमारी सारी गलतफहमियां दूर हो गईं।

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